सीरिया में तुर्की की सैन्य तैनाती पर मोसाद प्रमुख ने सीरियाई विदेश प्रमुख से की दुर्लभ बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख रोमन गोफमैन ने पिछले सप्ताह सीरिया के विदेश मामलों के प्रमुख असद हसन अल-शिबानी से टेलीफोन पर बातचीत की। यह संपर्क सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी को लेकर इज़रायल और तुर्की के बीच गहराते तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ। इज़रायल के सरकारी चैनल कान टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में गोफमैन के मोसाद प्रमुख का पदभार संभालने के बाद यह दोनों अधिकारियों के बीच पहला ज्ञात संपर्क है।
नेतन्याहू का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कान टीवी की रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालाँकि, नेतन्याहू ने अपनी पार्टी लिकुड द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में स्पष्ट किया कि इज़रायल सीरिया में तुर्की की किसी भी ऐसी सैन्य बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं करेगा जो इज़रायल की सुरक्षा के लिए खतरा बने।
मंगलवार को सीरिया के अबू अल-दुहुर हवाई अड्डे पर हुए इज़रायली हवाई हमले का संदर्भ देते हुए नेतन्याहू ने कहा, 'हमने अपना संदेश साफ कर दिया था। जाहिर है उन्होंने इसे ठीक से नहीं सुना, इसलिए हमने यह सुनिश्चित किया कि वे इसे बेहतर तरीके से समझें।'
अबू अल-दुहुर पर आठ हवाई हमले
मंगलवार सुबह तड़के इज़रायली लड़ाकू विमानों ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य हवाई अड्डे के रनवे पर 8 हवाई हमले किए। इज़रायल का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि दमिश्क ने वहाँ तुर्की सेनाओं की तैनाती की अनुमति दी। वहीं, तुर्की ने इस दावे को सिरे से नकारते हुए इज़रायल पर सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
इज़रायली सेना प्रमुख का दक्षिणी सीरिया दौरा
हवाई हमलों के एक दिन बाद बुधवार को इज़रायल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने दक्षिणी सीरिया का दौरा किया, जहाँ इज़रायल एक 'सुरक्षा क्षेत्र' में सक्रिय है। दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ कमांडरों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की और वहाँ तैनात इज़रायली सैनिकों से मुलाकात की।
जमीर ने कहा, 'हम अपनी सीमाओं पर शत्रु ताकतों को पैर नहीं जमाने देंगे। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है और सीरियाई मोर्चे पर हो रहे बदलावों पर नज़र रख रहे हैं।' उन्होंने यह भी चेताया कि 'किसी भी मोर्चे पर तनाव बढ़ सकता है, इसलिए हमें लगातार तैयार रहना होगा।'
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि सीरिया में दिसंबर 2024 में बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद से ही इज़रायल और तुर्की के रणनीतिक हित वहाँ टकराते रहे हैं। तुर्की उत्तरी सीरिया में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जबकि इज़रायल दक्षिणी सीरिया में 'बफर ज़ोन' बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब गाज़ा में युद्धविराम वार्ता अभी भी अनिश्चित है और इज़रायल एकसाथ कई मोर्चों पर सतर्क है। मोसाद-सीरिया संपर्क यह संकेत देता है कि दमिश्क की नई सरकार इज़रायल के साथ सीमित कूटनीतिक संवाद के लिए तैयार है, हालाँकि दोनों पक्षों के बीच विश्वास की गहरी खाई बनी हुई है।