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नेतन्याहू की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'फिर कभी हमारे अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बन पाएगा'

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नेतन्याहू की ईरान को कड़ी चेतावनी: 'फिर कभी हमारे अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बन पाएगा'

सारांश

मोसाद के नए डायरेक्टर रोमन गॉफमैन के शपथ ग्रहण के मंच को नेतन्याहू ने ईरान पर सबसे तीखे संदेशों में से एक के लिए चुना। उन्होंने तेहरान शासन के ‘अंत’ की बात की, न्यूक्लियर हथियार न मिलने देने की प्रतिज्ञा दोहराई और मोसाद को ‘मिशन’ सौंपा — एक ऐसा बयान जो क्षेत्रीय तनाव को नई धार दे सकता है।

मुख्य बातें

रोमन गॉफमैन ने मंगलवार को मोसाद के 14वें डायरेक्टर के रूप में शपथ ली, डेविड बार्निया की जगह।
नेतन्याहू ने दिसंबर 2025 में गॉफमैन के नामांकन की घोषणा की थी; कानूनी चुनौतियाँ अब समाप्त।
नियुक्ति से पहले गॉफमैन प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव थे।
नेतन्याहू ने कहा — ईरान ‘फिर कभी हमारे अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बन पाएगा’ और उसे न्यूक्लियर हथियार नहीं मिलने दिए जाएँगे।
पीएम के अनुसार तेहरान और उसके प्रॉक्सी के विरुद्ध कार्रवाई ने क्षेत्रीय ‘शक्ति-संतुलन बदल दिया है’।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2 जून को तेल अवीव में ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान का मौजूदा शासन ‘दुनिया से विदा होने’ की राह पर है और इजरायल उसे उस ‘मंजिल’ तक पहुँचाने में मदद करेगा। यह बयान उन्होंने मोसाद इंटेलिजेंस एजेंसी के 14वें डायरेक्टर के रूप में रोमन गॉफमैन के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दिया।

मोसाद को मिला नया चीफ

गॉफमैन ने मंगलवार को मोसाद प्रमुख के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया। नेतन्याहू ने उनके नामांकन की घोषणा दिसंबर 2025 में की थी, परंतु नियुक्ति को कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा, जो अब समाप्त हो गई हैं। उनसे पहले यह जिम्मेदारी डेविड बार्निया संभाल रहे थे। नियुक्ति से पूर्व गॉफमैन प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव के पद पर तैनात थे।

ईरान पर सीधा निशाना

शपथ समारोह के मंच से नेतन्याहू ने ईरानी शासन को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ‘आतंक का यह राज, जिसका अंत दुनिया से होना है और हम उसे उस मंजिल तक पहुँचने में मदद करेंगे। ईरान हमें फिर कभी न्यूक्लियर बम और हजारों खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों से धमका नहीं पाएगा।’ नए मोसाद प्रमुख की ओर मुड़ते हुए उन्होंने जोड़ा, ‘यही मेरा निर्देश है, यही आपका मिशन है, रोमन।’

‘न्यूक्लियर हथियार नहीं हासिल करने देंगे’

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि मोसाद ईरानी खतरे के विरुद्ध इजरायल की लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर रहेगा। उन्होंने कहा, ‘सालों से हमारी लगातार चली आ रही नीति के अनुसार, हम ईरानी शासन को समय से पीछे नहीं जाने देंगे। हम उसे न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने देंगे और हम उसे अपने वजूद के लिए खतरा नहीं बनने देंगे।’ नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने ‘बहुत भारी कीमत’ चुकाई है और उस ‘आतंक के राज की नींव टूट गई है’।

क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन का दावा

नेतन्याहू ने कहा कि तेहरान और उसके प्रॉक्सी संगठनों के विरुद्ध इजरायली सैन्य कार्रवाई ने ‘पूरे इलाके में शक्ति का संतुलन बदल दिया है’, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि ‘काम अभी पूरा नहीं हुआ है’। उन्होंने कहा, ‘मोसाद का दिल अपने टारगेट के खिलाफ सीक्रेट ऑपरेशन में है। हम हर कीमत पर उस मिशन को सुरक्षित रखेंगे।’ गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे ईरान-समर्थित संगठनों के विरुद्ध इजरायली अभियान लंबे समय से जारी हैं।

आगे क्या

नए मोसाद प्रमुख की प्राथमिकता ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर निगरानी तेज करना मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, गॉफमैन की सैन्य पृष्ठभूमि एजेंसी की रणनीति को और आक्रामक रुख दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीति है। ‘शासन परिवर्तन’ की भाषा इजरायली प्रधानमंत्रियों के सार्वजनिक शब्दकोश में शायद ही कभी इतनी खुली रही हो, और यह उस घरेलू दबाव की भी झलक देती है जिसमें गठबंधन सहयोगी कठोर रुख चाहते हैं। असली सवाल यह है कि क्या मोसाद की नई कमान सीक्रेट ऑपरेशनों को ऐसे स्तर तक ले जाएगी जो परमाणु वार्ता की किसी भी संभावना को बंद कर दे। बयानबाज़ी और क्षमता के बीच की दूरी ही आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया का भविष्य तय करेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोसाद के नए डायरेक्टर कौन हैं?
रोमन गॉफमैन को इजरायल की मोसाद इंटेलिजेंस एजेंसी का 14वाँ डायरेक्टर नियुक्त किया गया है और उन्होंने 2 जून को शपथ ली। नियुक्ति से पहले वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सैन्य सचिव थे।
नेतन्याहू ने ईरान को लेकर क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी शासन का ‘अंत’ तय है और इजरायल उसे उस मंजिल तक पहुँचाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ‘फिर कभी’ न्यूक्लियर बम या बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल को धमकाने की स्थिति में नहीं आ पाएगा।
गॉफमैन की नियुक्ति में देरी क्यों हुई?
नेतन्याहू ने दिसंबर 2025 में गॉफमैन के नामांकन की घोषणा की थी, लेकिन प्रक्रिया को कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ये अड़चनें शपथ ग्रहण के साथ समाप्त हुईं।
गॉफमैन से पहले मोसाद चीफ कौन थे?
डेविड बार्निया अब तक मोसाद के डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। गॉफमैन ने उनके स्थान पर एजेंसी की कमान सँभाली है।
नेतन्याहू ने मोसाद को क्या मिशन सौंपा है?
नेतन्याहू ने कहा कि मोसाद ईरानी खतरे के विरुद्ध इजरायल की लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर रहेगा और ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने गॉफमैन से कहा — ‘यही मेरा निर्देश है, यही आपका मिशन है।’
राष्ट्र प्रेस
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