सीरिया में तुर्की की सैन्य तैनाती पर मोसाद प्रमुख ने सीरियाई अधिकारी से की दुर्लभ बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने पिछले सप्ताह सीरिया के विदेश मामलों के प्रमुख असद हसन अल-शिबानी से फोन पर बात की — यह संपर्क ऐसे समय में हुआ जब सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य मौजूदगी को लेकर इजरायल और तुर्की के बीच तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है। इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार है जब जून 2026 में गोफमैन के मोसाद प्रमुख का पद संभालने के बाद दोनों के बीच इस स्तर का संवाद हुआ है।
बातचीत की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, इस फोन वार्ता का केंद्रीय विषय सीरिया में तुर्की की सैन्य तैनाती था, जिसे इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मान रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कान टीवी की इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालाँकि, नेतन्याहू ने अपनी पार्टी लिकुड द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया।
नेतन्याहू की कड़ी चेतावनी
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल सीरिया में तुर्की की किसी भी ऐसी सैन्य बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं करेगा जो इजरायल के लिए खतरा बने। मंगलवार, 19 अगस्त 2026 को सीरिया के अबू अल-दुहुर हवाई अड्डे पर हुए इजरायली हमले का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, "हमने अपना संदेश साफ कर दिया था। जाहिर है उन्होंने इसे ठीक से नहीं सुना, इसलिए हमने यह सुनिश्चित किया कि वे इसे बेहतर तरीके से समझें।"
इजरायल का कहना है कि दमिश्क ने अपने क्षेत्र में तुर्की सेनाओं की तैनाती की अनुमति दी, जो इस हमले का कारण बना। वहीं तुर्की ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इजरायल पर सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
अबू अल-दुहुर पर हमले का ब्यौरा
मंगलवार की सुबह तड़के इजरायली लड़ाकू विमानों ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर सैन्य हवाई अड्डे के रनवे पर 8 हवाई हमले किए। यह हमला इजरायल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वह अपनी सीमाओं के निकट किसी भी शत्रु सैन्य उपस्थिति को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाता है।
इजरायली सेना प्रमुख का दक्षिणी सीरिया दौरा
हमलों के ठीक एक दिन बाद, बुधवार 20 अगस्त 2026 को इजरायल के सेना प्रमुख इयाल जमीर ने दक्षिणी सीरिया का दौरा किया। इस दौरे में उन्होंने वरिष्ठ कमांडरों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की और उन इजरायली सैनिकों से मुलाकात की जो वहाँ एक 'सुरक्षा क्षेत्र' में तैनात हैं।
जमीर ने कहा, "हम अपनी सीमाओं पर शत्रु ताकतों को पैर नहीं जमाने देंगे। हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है और सीरियाई मोर्चे पर हो रहे बदलावों पर नज़र रख रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "हम अभी भी कई मोर्चों पर युद्ध में हैं, सभी मोर्चों पर सतर्क हैं और काम कर रहे हैं। किसी भी मोर्चे पर तनाव बढ़ सकता है, इसलिए हमें लगातार तैयार रहना होगा।"
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह तनाव ऐसे समय में उभरा है जब सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद नई दिल्ली से लेकर अंकारा तक कई देश दमिश्क के साथ अपने संबंध नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। मोसाद प्रमुख और सीरियाई अधिकारी के बीच यह दुर्लभ संपर्क संकेत देता है कि इजरायल कूटनीतिक चैनलों को खुला रखते हुए सैन्य दबाव भी बनाए रखने की रणनीति पर चल रहा है। आने वाले दिनों में तुर्की, सीरिया और इजरायल के बीच यह त्रिकोणीय तनाव और गहरा हो सकता है।