इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास को किया ढेर, संघर्ष-विराम से पहले की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
यरूशलम, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली सेना ने रविवार को जानकारी दी कि उसने हिजबुल्लाह के बिंत जबील कमांडर अली रिदा अब्बास को मार गिराया है। यह कार्रवाई संघर्ष-विराम के लागू होने से मात्र 24 घंटे पहले की गई थी।
इसके साथ ही, सेना का कहना है कि सीजफायर शुरू होने से पहले के 24 घंटों में उसने 150 से अधिक हिजबुल्लाह सदस्यों को भी समाप्त किया।
सेना के अनुसार, अब्बास पिछले अक्टूबर 2023 से बिंत जबील में मारे गए हिजबुल्लाह के चौथे कमांडर थे। इजरायल ने इस क्षेत्र को हिजबुल्लाह के हमलों के लिए एक महत्वपूर्ण मोर्चा बताया है। यह जानकारी सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने दी।
अब्बास को हिजबुल्लाह की सशस्त्र शाखा में एक वरिष्ठ अधिकारी माना जाता था और वह 2024 में हुए इजरायली हमलों में भी बच गए थे, जिनमें संगठन के कई सैन्य नेताओं को निशाना बनाया गया था। हालांकि, हिजबुल्लाह की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
वहीं, इजरायली सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उनका एक सैनिक मारा गया और नौ अन्य घायल हो गए हैं। इस क्षेत्र में इजरायली सैनिक अभी भी तैनात हैं, भले ही युद्धविराम लागू हो चुका है।
इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी के अनुसार, यह रिजर्व सैनिक उस समय मारा गया जब सेना का एक बुलडोजर हिजबुल्लाह द्वारा लगाए गए विस्फोटक से टकरा गया। यह घटना युद्धविराम लागू होने के बाद दूसरी इजरायली सैन्य मौत है, जो गुरुवार और शुक्रवार की रात (स्थानीय समय के अनुसार) हुई।
सेना के अनुसार, मार्च 2026 में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शुरू हुई लड़ाई के बाद से अब तक 15 इजरायली सैनिक मारे जा चुके हैं।
इजराइली सेना ने यह भी कहा कि उसने लगभग 1,800 हिजबुल्लाह सदस्यों को मार गिराया है और 300 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इनमें रॉकेट लॉन्चर, कमांड सेंटर और हथियार रखने की जगहें शामिल हैं, जो लेबनान के विभिन्न हिस्सों में स्थित थीं।
हालांकि, युद्धविराम लागू है, फिर भी इजरायली सेना ने कहा कि वह इजरायली नागरिकों और अपने सैनिकों के लिए किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि हिजबुल्लाह को निहत्था कराना है, चाहे वह सैन्य या राजनीतिक तरीके से हो। यह अभियान एक मुख्य लक्ष्य बना रहेगा।