हमास हमले की तीसरी बरसी: इजरायली सेना ने मध्य पूर्व में 1 लाख ठिकानों पर हमलों के आंकड़े जारी किए
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को हमास के हमले की तीसरी बरसी पर अपने सैन्य अभियानों से जुड़े व्यापक आंकड़े सार्वजनिक किए। सेना के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक पूरे मध्य पूर्व में करीब 1 लाख ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इसके साथ ही सेना ने अपने रिजर्व बलों की संख्या में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की है।
मुख्य आंकड़े: कहाँ-कहाँ हुए हमले
इजरायली सेना के अनुसार, जिन करीब 1 लाख ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें लगभग 65,000 गाजा में, 28,000 लेबनान और सीरिया में, 4,500 ईरान में और 80 यमन में थे। हालाँकि, सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि एक ही स्थान पर बार-बार किए गए हमलों को अलग-अलग गिना गया है या नहीं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि यह संघर्ष जो 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमास के नेतृत्व में हुए हमले से शुरू हुआ था, बाद में क्रमशः लेबनान, सीरिया, ईरान और यमन तक फैल गया — जिससे यह पूरे क्षेत्र का बहुआयामी संघर्ष बन गया।
रिजर्व बलों की तैनाती और सेवाकाल में बदलाव
इजरायली सेना ने बताया कि 2026 में रिजर्व लड़ाकू यूनिट्स के जवान औसतन 80 से 100 दिनों तक सेवा दे रहे हैं, जबकि पूर्व में औसतन करीब 55 दिनों की सेवा की योजना थी। सेना ने इसके पीछे बदलती ऑपरेशनल जरूरतों को कारण बताया।
रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2024 में जारी आदेश के बाद करीब 22,000 रिजर्व सैनिकों को दोबारा ड्यूटी पर बुलाया गया, जिन्हें इससे पहले सेवामुक्त किया जा चुका था। यह आँकड़ा युद्ध की लंबाई और सेना पर पड़ रहे दीर्घकालिक दबाव को रेखांकित करता है।
वेस्ट बैंक में हिरासत और हथियार जब्ती
कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सेना ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में करीब 45,000 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें पत्थर फेंकने या हथियार रखने के आरोपी और हमलों की योजना बनाने के संदिग्ध व्यक्ति शामिल बताए गए हैं।
सेना के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,800 से अधिक हथियार जब्त किए गए हैं।
दागे गए प्रोजेक्टाइल और इजरायली सैन्य हानि
इजरायली सेना के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में विभिन्न दिशाओं से इजरायल की ओर कुल मिलाकर बड़ी संख्या में प्रोजेक्टाइल दागे गए — गाजा से करीब 10,200, लेबनान से 20,000, ईरान से 1,200, सीरिया से 50 और यमन से 90 प्रोजेक्टाइल। इन आंकड़ों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेना के मुताबिक, इन अभियानों के दौरान 970 इजरायली सैनिकों की मौत हुई है। वहीं, युद्ध में घायल हुए 70 प्रतिशत से अधिक सैनिक वापस ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
युद्ध की पृष्ठभूमि और मानवीय संकट
7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान में अब तक 74,200 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से युद्धविराम की माँग लगातार तेज हो रही है और मानवीय सहायता की पहुँच को लेकर विवाद जारी है। तीन साल बाद भी संघर्ष का कोई निश्चित अंत नजर नहीं आ रहा, और क्षेत्रीय अस्थिरता के नए आयाम उभरते जा रहे हैं।