संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में बच्चों की स्थिति गंभीर: २,१०० से अधिक हताहत - संयुक्त राष्ट्र

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संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में बच्चों की स्थिति गंभीर: २,१०० से अधिक हताहत - संयुक्त राष्ट्र

सारांश

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्षों के चलते २,१०० से ज्यादा बच्चे मर चुके हैं या घायल हुए हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और समस्त विश्व को एकजुट होकर कार्रवाई करनी होगी।

मुख्य बातें

२,१०० से अधिक बच्चे मारे गए या घायल हुए हैं।
संघर्ष की स्थिति बेहद भयावह है।
यूनिसेफ ने २५० से अधिक शिविरों में सहायता प्रदान की है।
लेबनान में शिक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्षों के परिणामस्वरूप अब तक २,१०० से अधिक बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। यह जानकारी यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने साझा की।

उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि संघर्ष के २३ दिन पूरे हो चुके हैं और इस दौरान क्षेत्र के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह लड़ाई और बढ़ी या विस्तारित हुई, तो लाखों बच्चों के लिए स्थिति और भयावह हो सकती है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मारे गए बच्चों में २०६ ईरान में, ११८ लेबनान में, चार इजरायल में और एक कुवैत में शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत के बाद से हर दिन औसतन ८७ बच्चे मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। इसके अलावा, लगातार बमबारी और लोगों को स्थान खाली करने के आदेश के कारण कई देशों में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

ईरान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुमानों के अनुसार, लगभग ३२ लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें करीब ८ लाख ६४ हजार बच्चे शामिल हैं। वहीं, लेबनान में १० लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ चुके हैं, जिनमें लगभग ३ लाख ७० हजार बच्चे हैं।

चैबन ने कहा कि इस संघर्ष के बढ़ने से पहले ही मध्य पूर्व में लगभग ४ करोड़ ४८ लाख बच्चे ऐसे हालात में रह रहे थे जो पहले से ही संघर्ष से प्रभावित थे।

हाल ही में लेबनान के अपने दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है और पूरे क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर विश्व का ध्यान और संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है।

लेबनान में ३५० से अधिक सरकारी स्कूलों को राहत शिविर में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे लगभग १ लाख बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, पानी की आपूर्ति में कमी आई है और कई स्वास्थ्यकर्मियों की मौत भी हुई है।

यूनिसेफ ने अब तक २५० से अधिक शिविरों और दूर-दराज के क्षेत्रों में १ लाख ५१ हजार विस्थापित लोगों तक आवश्यक सामान पहुँचाया है। साथ ही, १८८ शिविरों में लगभग ४६ हजार लोगों को पानी और साफ-सफाई की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकताएँ तेजी से बढ़ रही हैं और संसाधनों की कमी हो रही है।

उन्होंने कहा, "हम सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत उनके दायित्वों की याद दिलाते हैं। जैसा कि महासचिव ने संकेत दिया है, हमें इस युद्ध को समाप्त करने और आगे बढ़ने के लिए एक राजनीतिक रास्ते की आवश्यकता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मध्य पूर्व में बच्चों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। संघर्ष का विस्तार न केवल बच्चों के लिए, बल्कि समस्त क्षेत्र के लिए विनाशकारी हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने बच्चे इस संघर्ष में हताहत हुए हैं?
संघर्ष के दौरान २,१०० से अधिक बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं।
संघर्ष का मुख्य कारण क्या है?
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक कारणों से उत्पन्न हो रहे हैं।
यूनिसेफ ने इस संकट में क्या किया है?
यूनिसेफ ने २५० से अधिक शिविरों में आवश्यक सामान पहुँचाया है और पानी तथा साफ-सफाई की सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं।
क्या बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं?
हां, लेबनान में ३५० से अधिक सरकारी स्कूलों को राहत शिविर में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
इस संकट का वैश्विक प्रभाव क्या है?
यह संघर्ष न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षा और शांति के लिए एक गंभीर चुनौती है।
राष्ट्र प्रेस