7 अक्टूबर 2023 की तीसरी बरसी: गाजा से शुरू हुआ युद्ध सात मोर्चों तक कैसे फैला?
सारांश
मुख्य बातें
7 अक्टूबर 2023 को हमास के दक्षिणी इजरायल पर किए गए हमले ने एक ऐसे क्षेत्रीय संघर्ष की नींव रखी, जो तीन साल बाद आज गाजा, वेस्ट बैंक, लेबनान, सीरिया, इराक, यमन और ईरान — यानी सात अलग-अलग मोर्चों तक विस्तृत हो चुका है। जो संघर्ष शुरू में दो पक्षों के बीच की लड़ाई लग रही थी, वह अब वैश्विक समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय कूटनीति को प्रभावित करने वाला बहुआयामी संकट बन चुका है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की पूर्व संध्या पर हुई कैबिनेट बैठक में भी इन्हीं सात मोर्चों का उल्लेख किया।
गाजा से शुरू, क्षेत्र भर में फैला संघर्ष
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के ठीक अगले दिन लेबनान स्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी हिस्से पर हमले शुरू कर दिए। संगठन ने इसे गाजा के साथ एकजुटता में उठाया गया कदम बताया। इसके बाद सीमा पार हमलों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जो धीरे-धीरे बड़े सैन्य टकराव में तब्दील हो गया।
हजारों इजरायली नागरिकों को उत्तरी इलाकों से विस्थापित होना पड़ा, जबकि दक्षिणी लेबनान लगातार सैन्य अभियानों का केंद्र बनता रहा। सितंबर 2024 में हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत और उसके बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली जमीनी अभियान ने इस संघर्ष को एक नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया।
यमन और वैश्विक समुद्री व्यापार पर असर
यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों ने गाजा के समर्थन में इजरायल की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। इन हमलों के कारण कई बड़ी शिपिंग कंपनियों को मजबूरन अफ्रीका के दक्षिणी सिरे — केप ऑफ गुड होप — से होकर लंबे रास्ते अपनाने पड़े।
विश्लेषकों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार यह क्षेत्रीय संघर्ष सीधे वैश्विक समुद्री व्यापार सुरक्षा का प्रश्न बन गया। 2026 में लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ फिर से गहरी हो गई हैं।
इराक, सीरिया और अमेरिका की भूमिका
गाजा युद्ध शुरू होने के बाद इराक और सीरिया में ईरान-समर्थित मिलिशिया समूहों ने अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए। 2023 के अंत तक ऐसे हमलों की संख्या तेज़ी से बढ़ी, जिससे अमेरिका अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्रीय संघर्ष में और गहरे उतरता चला गया।
सीरिया लंबे समय से इजरायल की कार्रवाइयों का केंद्र रहा है, क्योंकि वहाँ ईरान से जुड़े सैन्य ढाँचे और हथियारों की आपूर्ति लाइनें मौजूद हैं। इजरायल ने इस पर बार-बार हवाई हमले किए हैं।
ईरान के साथ सीधा टकराव — एक नई वास्तविकता
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अप्रैल 2024 में ईरान ने पहली बार इजरायल पर बड़े पैमाने पर सीधे ड्रोन और मिसाइल हमले किए। वर्षों से चला आ रहा अप्रत्यक्ष 'छाया युद्ध' एकाएक प्रत्यक्ष सैन्य टकराव में बदल गया।
2025 और 2026 में ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को एक नए संकट में धकेल दिया। सवाल अब केवल गाजा युद्ध के अंत का नहीं, बल्कि इजरायल-ईरान तनाव के संभावित चरम की भी है।
वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और विस्थापन
सशस्त्र संघर्ष स्थान एवं घटना डेटा संस्था ACLED के आँकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद वेस्ट बैंक में हिंसा दूसरी इंतिफादा के बाद के वर्षों की तुलना में काफी बढ़ गई है। 2025 में उत्तरी वेस्ट बैंक में इजरायली सैन्य अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी नागरिक विस्थापित हुए।
इस प्रकार वेस्ट बैंक भी उसी व्यापक क्षेत्रीय संकट की परिधि में आ गया, जो मूलतः गाजा से शुरू हुआ था। इजरायली बस्तियों और फिलिस्तीनी समुदायों के बीच तनाव भी लगातार गहरा होता गया।
तीन साल बाद: एक जटिल क्षेत्रीय समीकरण
विश्लेषकों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से पहले भी मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान तनाव, हिजबुल्लाह का खतरा और यमन संकट मौजूद था — लेकिन उस तारीख ने इन अलग-अलग संघर्षों के आपसी संबंधों को पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और प्रत्यक्ष कर दिया। लाल सागर से होर्मुज जलडमरूमध्य तक समुद्री मार्गों की सुरक्षा अब इस संघर्ष की व्यापक कथा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
तीन साल बाद यह संघर्ष केवल गाजा की कहानी नहीं रही — यह सात मोर्चों, समुद्री व्यापार मार्गों, क्षेत्रीय शक्तियों और वैश्विक कूटनीति से जुड़ा एक ऐसा जटिल संकट बन चुका है, जिसके समाधान की राह अभी भी अनिश्चित है।