तूफान डुजुआन का जापान में कहर: 2 मौतें, 4 लापता, 16 लाख को निकासी की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
जापान में शक्तिशाली तूफान डुजुआन ने 22 सितंबर 2026 को टोक्यो और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई, जिसमें मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और चार लोग लापता हो गए। तूफान के चलते करीब 50,000 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और 16 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
मौतें और लापता व्यक्ति
कानागावा प्रांत के योकोसुका शहर में भूस्खलन की चपेट में आने से एक घर में कीचड़ और मलबा घुस गया, जिसमें 60 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। चिबा प्रांत के सोदेगाउरा शहर में सड़क की मरम्मत का काम कर रहे 51 वर्षीय एक व्यक्ति भारी मशीन सहित भूस्खलन में दब गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
कानागावा के मियूरा शहर में भी भूस्खलन से कई मकान प्रभावित हुए। बचाव दल मलबा हटाकर लापता चार लोगों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों और राहत टीमों ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखा है।
रिकॉर्ड बारिश और बाढ़
जापान के सार्वजनिक प्रसारक NHK के अनुसार, इजु ओशिमा में 48 घंटों में 832 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई — जो सितंबर के पूरे महीने की औसत बारिश से दोगुने से भी अधिक है। टोक्यो के एडोगावा वार्ड में 24 घंटों में 282.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो वहाँ का अब तक का रिकॉर्ड है।
चिबा और कांतो क्षेत्र में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। कई वाहन जलमग्न सड़कों पर फंस गए। अधिकारियों ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों और भूमिगत स्थानों से दूर रहने की अपील की।
परिवहन और बुनियादी ढाँचे पर असर
जापान एयरलाइंस ने 135 उड़ानें रद्द कीं, जबकि ऑल निप्पॉन एयरवेज ने 140 उड़ानें रद्द कीं। टोक्यो और आसपास के क्षेत्रों में कई रेल सेवाएँ भी रोकी गईं या सीमित कर दी गईं। इसके अलावा, टोक्यो गेम शो का अंतिम दिन समय से पहले समाप्त करना पड़ा और कई अन्य आयोजन रद्द किए गए।
मंगलवार सुबह तक चिबा समेत आसपास के इलाकों में करीब 50,000 घर बिजली से वंचित थे। बिजली कंपनियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी थीं।
तूफान की स्थिति और चेतावनियाँ
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, तूफान डुजुआन मंगलवार सुबह तक उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए जापान से दूर निकल गया। इसके कमजोर पड़ने के बाद ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनियों का स्तर कम किया गया। हालाँकि अधिकारियों ने कहा कि जमीन पहले से ही पानी से संतृप्त है, इसलिए भूस्खलन का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
गौरतलब है कि जापान में गर्मियों के अंत और शुरुआती शरद ऋतु में शक्तिशाली तूफान आना आम बात है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव गतिविधियों से बढ़ रहा वैश्विक तापमान तूफानों के दौरान भारी बारिश के खतरे को और बढ़ा रहा है, क्योंकि गर्म वातावरण अधिक नमी धारण करता है।
राहत और बचाव अभियान
तूफान के जापान से आगे बढ़ जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारी लापता लोगों की तलाश, भूस्खलन प्रभावित इलाकों की जाँच और बिजली तथा परिवहन सेवाओं को सामान्य करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जापान जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते चरम मौसमी घटनाओं से जूझ रहा है।