जापान में भारी बाढ़ से 6 की मौत, चिबा में 4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी जापान में 14 अगस्त 2026 को गुरुवार से शुक्रवार सुबह के बीच हुई अभूतपूर्व भारी बारिश ने कम से कम 6 लोगों की जान ले ली और चिबा प्रीफेक्चर समेत कई इलाकों में व्यापक बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने टोक्यो के निकट चिबा प्रांत की एक-तिहाई से अधिक नगरपालिकाओं के लिए सर्वोच्च 'लेवल 5' की बारिश चेतावनी जारी की, जो इस पैमाने की सबसे गंभीर श्रेणी है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, इचिकावा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई। साकुरा में पानी से भरी सड़क पर एक कार में फंसी 66 वर्षीया महिला की भी जान चली गई। इसके अलावा, चिबा प्रीफेक्चर में जलभराव वाली सड़क पर एक व्यक्ति बेसुध हालत में मिला और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। साकुरा में ही एक अन्य व्यक्ति गिरा हुआ पाया गया, जिसने भी दम तोड़ दिया। चिबा प्रीफेक्चरल पुलिस ने कुल दो अतिरिक्त मौतों की पुष्टि की।
निकासी और राहत अभियान
फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार, चिबा और इबाराकी इलाकों में 4,00,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश जारी किए गए। शुक्रवार सुबह 11 बजे (स्थानीय समय) तक चिबा में 1,02,600 लोगों के लिए यह आदेश लागू थे। चिबा, इबाराकी, सैतामा और गुन्मा इलाकों में 200 से अधिक राहत केंद्र स्थापित किए गए। एक सरकारी इमारत को फंसे यात्रियों के लिए खोला गया, जहाँ करीब 1,800 लोग शरण लेने पहुँचे।
परिवहन और बिजली पर असर
चिबा और टोक्यो के कई हिस्सों में बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई और सड़कों पर भारी जाम लग गया। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्स इंक की सहायक कंपनी के अनुसार, एक समय पर चिबा इलाके में करीब 45,000 घरों की बिजली गुल हो गई थी। चिबा, इचिकावा और अन्य नगरपालिकाओं के अधिकारियों ने नागरिकों से तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की।
चेतावनी स्तर और मौसम की स्थिति
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने गुरुवार को चिबा और इचिहारा समेत कई स्थानों के लिए लेवल 5 की चेतावनी जारी की थी — जो जापानी मौसम प्रणाली में सर्वोच्च खतरे का संकेत है। यह ऐसे समय में आया जब मौसम विशेषज्ञ पहले से ही इस मानसून सीजन में असामान्य वर्षा पैटर्न की चेतावनी दे रहे थे। हालाँकि, शुक्रवार सुबह तक सभी चेतावनियों का स्तर कम कर दिया गया।
आगे क्या
अधिकारी प्रभावित इलाकों में नुकसान के आकलन में जुटे हैं और राहत कार्य जारी है। यह घटना जापान में बढ़ती मौसमी अनिश्चितता को रेखांकित करती है, जहाँ हर वर्ष ग्रीष्म ऋतु में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित होता है।