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ल्हासा-न्यिंगची रेलवे के 5 साल पूरे: 62.5 लाख यात्री, शीत्सांग विकास को नई गति

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ल्हासा-न्यिंगची रेलवे के 5 साल पूरे: 62.5 लाख यात्री, शीत्सांग विकास को नई गति

सारांश

ल्हासा-न्यिंगची रेलवे के पाँच साल — और 62.5 लाख यात्री बाद — शीत्सांग का दक्षिण-पूर्वी कोना अब 3 घंटे 49 मिनट में जुड़ा है। 435 किमी का यह विद्युतीकृत मार्ग, जो 90% हिस्से में 3,000 मीटर से ऊपर है, उच्च-ऊँचाई रेल इंजीनियरिंग की एक मिसाल बन चुका है।

मुख्य बातें

ल्हासा-न्यिंगची रेलवे ने 25 जून 2026 को अपने संचालन के 5 वर्ष पूरे किए।
पाँच वर्षों में 62.5 लाख से अधिक यात्रियों और 20 लाख टन माल का परिवहन हुआ।
रेलमार्ग की कुल लंबाई 435.48 किमी , डिज़ाइन गति 160 किमी/घंटा ; 90% हिस्सा 3,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर।
ल्हासा से न्यिंगची की यात्रा अब केवल 3 घंटे 49 मिनट में पूरी होती है।
1 जुलाई 2026 को छिंगहाई-शित्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन के 20 वर्ष पूरे होंगे।

ल्हासा-न्यिंगची रेलवे ने 25 जून 2026 को अपने संचालन के पाँच वर्ष पूरे कर लिए। चीन रेलवे समूह के आँकड़ों के अनुसार, इन पाँच वर्षों में इस रेलमार्ग ने 62.5 लाख से अधिक यात्रियों और 20 लाख टन से ज़्यादा माल का परिवहन किया है। इसके साथ ही, 1 जुलाई 2026 को छिंगहाई-शित्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन के भी 20 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।

रेलमार्ग की तकनीकी विशेषताएँ

शीत्सांग की पहली विद्युतीकृत रेलवे के रूप में इस मार्ग की कुल लंबाई 435.48 किलोमीटर है, जो पश्चिम में ल्हासा से पूर्व में न्यिंगची तक फैली हुई है। इसकी डिज़ाइन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। रेलमार्ग का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर स्थित है, जो इसे दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण रेल इंजीनियरिंग प्रकल्पों में से एक बनाता है।

यह मार्ग यारलुंग त्सांगपो नदी को 16 बार पार करता है और इसमें पुलों तथा सुरंगों का अनुपात 75 प्रतिशत है। इस रेलवे के शुरू होने से पहले शीत्सांग के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में रेल संपर्क का पूर्णतः अभाव था।

आर्थिक दायरे का विस्तार

ल्हासा, शान्नान और न्यिंगची इस रेलमार्ग के प्रमुख शहर हैं। इन्हें मिलाकर जो क्षेत्रीय संपर्क बना है, उसे स्थानीय स्तर पर 'पाँच शहर, तीन घंटे का आर्थिक दायरा' कहा जाता है। इस रेलवे के ज़रिए ल्हासा से न्यिंगची तक की सबसे तेज़ यात्रा अब केवल 3 घंटे 49 मिनट में पूरी की जा सकती है, जो पहले सड़क मार्ग से कहीं अधिक समय लेती थी।

शीत्सांग के विकास पर असर

आँकड़ों के अनुसार, 25 जून 2021 को परिचालन में आई इस रेलवे ने पाँच वर्षों में क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को बदलने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। माल ढुलाई में 20 लाख टन का आँकड़ा दर्शाता है कि यह केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय उत्पादों और आपूर्ति श्रृंखला को भी नई गति मिली है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने पश्चिमी और उच्च-ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विस्तार को प्राथमिकता दे रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि छिंगहाई-शित्सांग रेलवे के दो दशक पूरे होने के साथ-साथ ल्हासा-न्यिंगची रेलवे की पाँचवीं वर्षगाँठ यह संकेत देती है कि शीत्सांग क्षेत्र में रेल नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में इस नेटवर्क के और विस्तार की संभावनाएँ बनी हुई हैं, जो क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को और मज़बूत कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस संपर्क का लाभ स्थानीय आबादी तक किस हद तक पहुँचा है। 62.5 लाख यात्री और 20 लाख टन माल ढुलाई बुनियादी ढाँचे की सफलता तो दर्शाते हैं, पर स्थानीय आजीविका और आर्थिक स्वायत्तता पर स्वतंत्र आकलन उपलब्ध नहीं है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब उच्च-ऊँचाई क्षेत्रों में रेल विस्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टिकोणों से बहस जारी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ल्हासा-न्यिंगची रेलवे क्या है और यह कब शुरू हुई?
ल्हासा-न्यिंगची रेलवे शीत्सांग की पहली विद्युतीकृत रेलवे है, जो 25 जून 2021 को शुरू हुई। यह 435.48 किलोमीटर लंबी है और पश्चिम में ल्हासा से पूर्व में न्यिंगची तक फैली है।
पाँच वर्षों में ल्हासा-न्यिंगची रेलवे ने कितने यात्रियों की सेवा की?
चीन रेलवे समूह के आँकड़ों के अनुसार, पाँच वर्षों में इस रेलवे ने 62.5 लाख से अधिक यात्रियों और 20 लाख टन से ज़्यादा माल का परिवहन किया है।
ल्हासा से न्यिंगची तक यात्रा में अब कितना समय लगता है?
इस रेलवे के ज़रिए ल्हासा से न्यिंगची तक की सबसे तेज़ यात्रा अब केवल 3 घंटे 49 मिनट में पूरी की जा सकती है। रेलवे की डिज़ाइन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।
इस रेलमार्ग की इंजीनियरिंग चुनौतियाँ क्या हैं?
रेलमार्ग का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर है। यह यारलुंग त्सांगपो नदी को 16 बार पार करता है और इसमें पुलों तथा सुरंगों का अनुपात 75 प्रतिशत है।
छिंगहाई-शित्सांग रेलवे के 20 साल कब पूरे होंगे?
1 जुलाई 2026 को छिंगहाई-शित्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन के 20 वर्ष पूरे होंगे। यह रेलवे शीत्सांग को शेष चीन से जोड़ने वाला पहला बड़ा रेल संपर्क था।
राष्ट्र प्रेस
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