मध्य पूर्व संघर्ष: ICRC अध्यक्ष स्पोलजारिक की चेतावनी — करोड़ों नागरिक खतरे में
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) की अध्यक्ष मिर्जना स्पोलजारिक ने 13 अक्टूबर 2026 को जिनेवा से एक कड़ी चेतावनी जारी की है कि मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष और गहरा होने की स्थिति में करोड़ों आम नागरिकों की दशा अत्यंत भयावह हो जाएगी। उन्होंने तत्काल तनाव में कमी और नागरिक सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की है।
स्पोलजारिक का बयान: नागरिकों पर भारी पड़ रहा है संघर्ष
ICRC अध्यक्ष मिर्जना स्पोलजारिक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियान की आम लोगों को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। हाल के दिनों में सऊदी अरब में हुई मौतें, घायल होते लोग और जबरदस्त तबाही इस बात का उदाहरण है कि हमलों से आम लोगों पर कितना बुरा असर पड़ रहा है।' यह बयान ICRC के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया।
यमन से सऊदी अरब तक: तबाही का विस्तार
स्पोलजारिक ने यमन के एडेन और सना की स्थिति का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ मौतें, विस्थापन और बुनियादी ढाँचे को पहुँचने वाला नुकसान तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'पूरे मिडिल ईस्ट में बुनियादी ढाँचों या रिहायशी इलाकों पर बार-बार हमले हुए हैं और लोगों की जान गई है।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में बंदरगाहों, हवाई अड्डों और जीवन-रक्षक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की संख्या बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का आह्वान
ICRC प्रमुख ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और सैन्य लक्ष्यों के बीच स्पष्ट भेद करने की माँग की। उन्होंने कहा, 'बंदरगाहों, हवाई अड्डों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का गंभीर नतीजा उन समुदायों को भुगतना पड़ेगा जो उन पर आश्रित हैं।' उनका यह आह्वान क्षेत्र में मानवीय सहायता पहुँचाने की बढ़ती कठिनाइयों के संदर्भ में और भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है।
क्षेत्रीय संघर्ष की पृष्ठभूमि
मध्य पूर्व काफी समय से सैन्य तनाव की आग में जल रहा है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद से हालात और बिगड़े हैं। अभी तक टकराव की स्थिति बरकरार है। इसके अलावा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर मंडराता खतरा वैश्विक ऊर्जा और तेल आपूर्ति को बाधित कर रहा है, जिसके दूरगामी आर्थिक परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ रहे हैं।
आगे क्या होगा
स्पोलजारिक की इस चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर संघर्ष विराम के लिए कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की माँग को और प्रबल कर दिया है। ICRC ने स्पष्ट किया है कि 'लड़ाई और तेज होने से करोड़ों लोगों के लिए हालात बहुत बुरे हो जाएंगे — तनाव कम करने और आम लोगों को और नुकसान से बचाने के लिए तुरंत कोशिशें की जानी चाहिए।' अब निगाहें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और क्षेत्रीय शक्तियों पर टिकी हैं कि वे इस संकट के समाधान के लिए कितनी तेजी से आगे आती हैं।