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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दक्षिण कोरिया ने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दक्षिण कोरिया ने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया

सारांश

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर पहुँचते ही दक्षिण कोरिया ने मध्य पूर्व के लिए लेवल-3 एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को तत्काल वापस बुलाया। 17 राजनयिक मिशनों के साथ आपात समीक्षा बैठक के बाद यह कदम उठाया गया। भारत ने भी ईरान के लिए यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है।

मुख्य बातें

दक्षिण कोरिया ने 20 जुलाई को मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों को तत्काल क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया।
लेवल-3 यात्रा सलाह मार्च से अधिकांश मध्य पूर्वी देशों पर लागू है, जिसके तहत अनावश्यक उपस्थिति से बचने की सलाह दी जाती है।
विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल सहित 17 राजनयिक मिशनों के अधिकारियों के साथ आपात बैठक की।
लाल सागर में हूती विद्रोहियों के खतरे के मद्देनजर दक्षिण कोरियाई जहाजों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
भारत ने भी अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा स्थगित करने और जहाँ तक संभव हो वहाँ से निकलने की सलाह दी है।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने 20 जुलाई को अपने नागरिकों से मध्य पूर्व के देशों को तत्काल छोड़ने की अपील की, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। मंत्रालय ने लाल सागर में परिचालन कर रहे दक्षिण कोरियाई जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए।

मुख्य घटनाक्रम

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने रविवार को ईरान और इजरायल सहित 17 राजनयिक मिशनों के अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की, जिसमें क्षेत्र में मौजूद दक्षिण कोरियाई नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस बैठक के तुरंत बाद यात्रा चेतावनी जारी की गई।

द्वितीय उप विदेश मंत्री किम जिना ने कहा, 'मार्च से अधिकांश मध्य पूर्वी देशों में लेवल-3 यात्रा सलाह लागू है, जिसके तहत आवश्यक न होने पर यात्रियों को वहाँ से लौटने की सलाह दी जाती है। इसलिए अल्पकालिक यात्रियों को बिना किसी ठोस कारण के वहाँ नहीं रुकना चाहिए और जल्द से जल्द वहाँ से निकल जाना चाहिए।'

लाल सागर में बढ़ता खतरा

उप विदेश मंत्री किम जिना ने लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब से जुड़े हालिया सैन्य तनाव के मद्देनजर दक्षिण कोरियाई जहाजों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजरानी पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

भारत की भी एडवाइजरी जारी

गौरतलब है कि भारत ने भी अपने नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि भारतीय नागरिक उपलब्ध उड़ानों के ज़रिए अस्थायी रूप से ईरान छोड़ने पर विचार करें, यदि उनकी मौजूदगी वहाँ अत्यंत आवश्यक नहीं है।

जॉर्डन स्थित भारतीय दूतावास ने भी वहाँ रह रहे भारतीयों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

क्या होगा आगे

क्षेत्र में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं और कई देश अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका-ईरान तनाव और गहराया, तो मध्य पूर्व में व्यापारिक और नागरिक आवाजाही पर और अधिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय सतर्कता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि लाल सागर में हूती हमलों का असर अब केवल व्यापारिक मार्गों तक सीमित नहीं रहा — यह राजनयिक गणनाओं को भी सीधे प्रभावित कर रहा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया ने मध्य पूर्व के लिए कौन-सी यात्रा चेतावनी जारी की है?
दक्षिण कोरिया ने मार्च से मध्य पूर्व के अधिकांश देशों के लिए लेवल-3 यात्रा सलाह लागू की है, जिसके तहत नागरिकों को अनावश्यक रूप से वहाँ न रुकने और जल्द से जल्द लौटने की सलाह दी जाती है। 20 जुलाई को 17 राजनयिक मिशनों की समीक्षा बैठक के बाद यह चेतावनी और कड़ी की गई।
दक्षिण कोरिया ने यह कदम क्यों उठाया?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा लाल सागर में हूती विद्रोहियों की गतिविधियों के कारण दक्षिण कोरिया ने यह एहतियाती कदम उठाया। मंत्रालय को क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों और जहाजों दोनों की सुरक्षा की चिंता है।
क्या भारत ने भी मध्य पूर्व के लिए कोई एडवाइजरी जारी की है?
हाँ, भारत ने अपने नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों से उपलब्ध उड़ानों के ज़रिए अस्थायी रूप से ईरान छोड़ने पर विचार करने को कहा है। जॉर्डन स्थित भारतीय दूतावास ने भी सतर्क रहने की अपील की है।
लाल सागर में दक्षिण कोरियाई जहाजों को क्या खतरा है?
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिससे दक्षिण कोरियाई जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न हुई है। मंत्रालय ने इन जहाजों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मध्य पूर्व में मौजूद दक्षिण कोरियाई नागरिकों को अभी क्या करना चाहिए?
द्वितीय उप विदेश मंत्री किम जिना के अनुसार, अल्पकालिक यात्रियों को बिना किसी ठोस कारण के वहाँ नहीं रुकना चाहिए और जल्द से जल्द वहाँ से निकल जाना चाहिए। जिनकी मौजूदगी अत्यंत आवश्यक है, उन्हें स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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