दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के नौसैनिक प्रमुखों की सोल में महत्वपूर्ण चर्चा, समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित
सारांश
मुख्य बातें
सोल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के शीर्ष नौसैनिक कमांडर्स ने बुधवार को सोल में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य इन तीनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को और अधिक सशक्त बनाना था।
बैठक में दक्षिण कोरिया के चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशन्स एडमिरल किम क्यूंग-रयूल, अमेरिकी पैसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्टीफन कोहलर और जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल अकीरा सैतो उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने न केवल द्विपक्षीय चर्चाएँ की, बल्कि एक साथ डिनर मीटिंग में भी भाग लिया।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह संवाद मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच हो रहा है। ऐसे में यह संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं कि क्या इस चर्चा में ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकाबंदी का मुद्दा भी उठाया जा सकता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से ही दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य देशों से कहा था कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजें, ताकि वहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दिन में पहले हुई बैठक में किम और कोहलर ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका की मजबूत संयुक्त रक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। इसके अलावा, नौसेना के रखरखाव, मरम्मत और ऑपरेशन्स में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस बैठक में किम और सैतो के बीच सैनिकों के आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने और संयुक्त समुद्री सर्च और रेस्क्यू अभ्यास को फिर से शुरू करने पर गहन चर्चा हुई। जनवरी में दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक और जापान के उनके समकक्ष शिंजिरो कोइज़ुमी के बीच हुई मुलाकात में दोनों देशों ने लगभग 9 वर्षों के बाद फिर से संयुक्त समुद्री सर्च और रेस्क्यू अभ्यास शुरू करने पर सहमति जताई थी।
तीनों देशों के शीर्ष नौसैनिक अधिकारी बुधवार शाम एक डिनर मीटिंग में भी शामिल होने वाले थे। इसमें उम्मीद की जा रही है कि वे मिलकर ऐसे कदमों पर चर्चा करेंगे, जिनसे नॉर्थ कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरों का सामना किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह बैठक तीनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।