मध्य पूर्व संघर्ष पर एंटोनियो गुटेरेस की चेतावनी: अनियंत्रित चेन रिएक्शन का खतरा
सारांश
Key Takeaways
- युद्ध की स्थिति गंभीर हो चुकी है।
- अमेरिका, इजरायल और ईरान को युद्ध विराम की आवश्यकता है।
- संघर्ष अनियंत्रित चेन रिएक्शन में बदल सकता है।
- मानवता के लिए शांति प्रयास अनिवार्य हैं।
- आम नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को लेकर अत्यंत गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। गुटेरेस ने आगाह किया कि यह टकराव एक अनियंत्रित “चेन रिएक्शन” का रूप ले चुका है, जो क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर वैश्विक संकट का कारण बन सकता है।
गुटेरेस ने बढ़ती मानवीय त्रासदी, आम नागरिकों की मौतों और संभावित आर्थिक झटकों के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान समेत सभी पक्षों से तत्काल युद्ध विराम और शांति प्रयासों को सफल बनाने की अपील की है।
पत्रकारों से संवाद करते हुए एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के कुछ ही घंटों में उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस लड़ाई से एक ऐसी चेन रिएक्शन शुरू होने का खतरा है, जिसे कोई भी नियंत्रित नहीं कर पाएगा। तीन हफ्तों से अधिक समय बीत जाने के बाद, अब यह युद्ध नियंत्रण से बाहर हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष उन सीमाओं को भी पार कर गया है, जिनके बारे में नेताओं ने सोचा भी नहीं था। दुनिया अब एक और बड़े युद्ध, मानवीय पीड़ा की बढ़ती लहर और एक गहरे वैश्विक आर्थिक झटके के मुहाने पर खड़ी है। यह स्थिति अब बहुत आगे निकल चुकी है।
गुटेरेस ने कहा कि मैं इस क्षेत्र और दुनिया भर के कई लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहा हूं। बातचीत और शांति के लिए कई पहलें चल रही हैं। इन्हें जरूर सफल होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के लिए मेरा संदेश है कि अब युद्ध खत्म करने का सही समय आ गया है, क्योंकि मानवीय पीड़ा बढ़ती जा रही है। आम नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं, और इसका वैश्विक आर्थिक प्रभाव भी लगातार विनाशकारी होता जा रहा है।
गुटेरेस ने कहा कि ईरान के लिए मेरा संदेश है कि वह अपने पड़ोसियों पर हमला करना बंद करे। सुरक्षा परिषद ने इन हमलों की निंदा की है और इन्हें खत्म करने की मांग की है। इसने इस बात को फिर से दोहराया है कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर नौवहन के अधिकारों और स्वतंत्रताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इस पूरे क्षेत्र में और इससे भी कहीं आगे, आम नागरिक गंभीर नुकसान झेल रहे हैं और गहरे असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लेबनान की अपनी हालिया यात्रा के दौरान मैंने इनमें से कुछ परिणामों को अपनी आंखों से देखा। वहां भी युद्ध जरूर रुकना चाहिए।