माइक्रोसॉफ्ट का एच-1बी बचाव: 6,000 आवेदनों में 80% मौजूदा कर्मचारियों के लिए, PERM निलंबन पर चुप्पी
सारांश
मुख्य बातें
माइक्रोसॉफ्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को अपनी एच-1बी वीजा नीतियों का विस्तृत बचाव करते हुए कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में दाखिल लगभग 6,000 एच-1बी आवेदनों में से करीब 80 प्रतिशत का उद्देश्य पूरी तरह से मौजूदा कर्मचारियों की इमिग्रेशन स्थिति को अपग्रेड करना या बदलना था, न कि नए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करना। यह बयान ऐसे समय में आया जब ट्रंप प्रशासन ने PERM (Program Electronic Review Management) के माध्यम से विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।
माइक्रोसॉफ्ट के आवेदनों का स्वरूप
माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि कुल 6,000 एच-1बी आवेदनों में से 80 प्रतिशत वे थे जो पहले से कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति में बदलाव के लिए थे। कंपनी ने कहा, 'ये नए लोगों को भर्ती करने के लिए नहीं थे।' शेष आवेदन उन व्यक्तियों के लिए थे जो पहले से ही कानूनी रूप से अमेरिका में मौजूद थे और माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हुए थे।
कंपनी ने यह भी बताया कि ये सभी आवेदन उसके कुल अमेरिकी कार्यबल के मात्र 1 प्रतिशत के लिए थे। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, 'हम अमेरिकी कार्यबल की ताकत और प्रतिभा में विश्वास करते हैं। यही कारण है कि अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक ही हैं।'
वेतन नीति पर माइक्रोसॉफ्ट की सफाई
कंपनी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि एच-1बी कर्मचारियों का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों को कम वेतन देने के लिए किया जाता है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, 'हम अपने एच-1बी कर्मचारियों को उतना ही वेतन देते हैं, जितना समान काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को दिया जाता है।' कंपनी ने यह भी जोड़ा कि वह केवल उन्हीं कर्मचारियों के लिए एच-1बी याचिकाएँ दाखिल करती है जो इस वीजा श्रेणी के कड़े मानकों को पूरा करते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि उसकी व्यावसायिक सफलता घरेलू प्रतिभाओं को विकसित करने के साथ-साथ दुनिया भर से उच्च-कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने पर टिकी है। कंपनी ने कहा कि वह प्रशासन को अपनी भर्ती प्रक्रियाओं के बारे में अतिरिक्त जानकारी देने के लिए तैयार है।
PERM निलंबन का असली अर्थ
गौरतलब है कि PERM कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से किया जाता है और यह रोजगार-आधारित आप्रवासी वीजा हेतु नियोक्ता की श्रम प्रमाणन प्रक्रिया का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाया गया यह निलंबन माइक्रोसॉफ्ट की इस प्रक्रिया का उपयोग करने की क्षमता को सीमित करता है, लेकिन यह अपने आप में मौजूदा एच-1बी वीजाधारकों को रद्द नहीं करता और न ही कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ने के लिए बाध्य करता है।
हालाँकि, माइक्रोसॉफ्ट के बयान में PERM से निलंबन के विशिष्ट कानूनी आधारों का उल्लेख नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि यह प्रतिबंध कितने समय तक लागू रह सकता है या इससे कितने कर्मचारियों के लंबित और भविष्य के स्थायी निवास आवेदनों पर असर पड़ सकता है।
व्यापक संदर्भ: एच-1बी पर बढ़ती जाँच
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन रोजगार-आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि इन कार्यक्रमों के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रवर्तन ज़रूरी है। एच-1बी वीजा कार्यक्रम अमेरिकी नियोक्ताओं को विशेष व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, और भारतीय तकनीकी पेशेवर इसके सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक हैं।
माइक्रोसॉफ्ट के इस बयान से टेक उद्योग में यह बहस और तेज होने की संभावना है कि क्या एच-1बी नीतियाँ वास्तव में अमेरिकी कर्मचारियों के हितों को प्रभावित करती हैं या फिर वे उच्च-कुशल प्रतिभाओं के वैध आकर्षण का साधन हैं।