माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने जेडी वेंस के H-1B आरोप नकारे, ग्रीन कार्ड प्रतिबंध पर चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने 16 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि माइक्रोसॉफ्ट H-1B वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग करके अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम लागत पर विदेशी पेशेवर रख रही है। राजनीतिक समाचार वेबसाइट 'पोलिटिको' को दिए इंटरव्यू में स्मिथ ने यह भी चेतावनी दी कि विदेशी प्रतिभाओं के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद करने से अमेरिका की तकनीकी बढ़त को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।
वेंस के आरोप और माइक्रोसॉफ्ट का जवाब
वेंस ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियाँ H-1B कार्यक्रम का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों को विस्थापित करने के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा था, 'आप एक बेहतरीन अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को ही नौकरी देनी चाहिए।'
स्मिथ ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, 'लगता है किसी ने उपराष्ट्रपति को हमारे आँकड़ों की सही जानकारी नहीं दी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि माइक्रोसॉफ्ट की ओर से दायर अधिकतर ग्रीन कार्ड आवेदन नए कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि कंपनी में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के लिए होते हैं। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से इसकी वजह सिर्फ यह है कि ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी है।'
वेतन भेदभाव के आरोप भी खारिज
स्मिथ ने वेंस के इस आरोप को भी नकारा कि माइक्रोसॉफ्ट विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देती है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई वीजा पर आया हो या अमेरिकी नागरिक हो, सभी के लिए वेतन और मुआवजे की व्यवस्था एकसमान है। स्मिथ ने दृढ़ता के साथ कहा, 'हम अपने रिकॉर्ड के साथ मजबूती से खड़े हैं। मुझे उम्मीद है कि व्हाइट हाउस इस मामले को फिर से देखेगा और वास्तविक स्थिति को समझेगा।'
PERM निलंबन और प्रभावित भारतीय आईटी कंपनियाँ
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर को अमेरिकी श्रम विभाग ने आठ कंपनियों की 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन' (PERM) प्रक्रिया निलंबित कर दी थी। इन कंपनियों में भारतीय आईटी दिग्गज इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो और HCLTech भी शामिल हैं। PERM प्रक्रिया नियोक्ता-प्रायोजित ग्रीन कार्ड के लिए पहला अनिवार्य कदम मानी जाती है।
आप्रवासन विशेषज्ञों के अनुसार, 13 अक्टूबर तक श्रम विभाग की ओर से कोई विस्तृत लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया था, जिसमें इस निलंबन की अवधि या दायरा स्पष्ट किया गया हो।
नडेला सम्मान और विरोधाभास
स्मिथ ने इस पूरे विवाद के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह निलंबन घोषित किया गया, उसी दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला — जो स्वयं कभी H-1B वीजा धारक रह चुके हैं — को प्रतिष्ठित नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया था।
स्मिथ ने कहा, 'जब राष्ट्रपति ने छह लोगों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सम्मान दिया, तो उनमें से पाँच ऐसे थे जो प्रवासी के रूप में अमेरिका आए थे।' उन्होंने आगे जोड़ा कि इन लोगों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समृद्धि में जो योगदान दिया है, उसे खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए।
अमेरिका की तकनीकी बढ़त को खतरा
स्मिथ ने आगाह किया कि अगर अमेरिका विदेशी प्रतिभाओं के प्रति अनुकूल संकेत देना बंद कर देता है, तो भविष्य के सर्वश्रेष्ठ AI और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिका की बजाय अन्य देशों का रुख कर सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी प्रतिभाओं के लिए होड़ तेज हो रही है और कनाडा, जर्मनी तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे देश कुशल प्रवासियों को आकर्षित करने के लिए आक्रामक नीतियाँ अपना रहे हैं। यह विवाद भारतीय आईटी पेशेवरों के भविष्य पर भी सीधा असर डालता है, जो H-1B और ग्रीन कार्ड पाइपलाइन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।