27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

JD वेंस का ऐलान: अमेरिकी कर्मचारियों की जगह सस्ते विदेशी कामगार रखने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
JD वेंस का ऐलान: अमेरिकी कर्मचारियों की जगह सस्ते विदेशी कामगार रखने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

सारांश

जेडी वेंस का टोपेका में चुनावी दांव — अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशी कामगार रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई का वादा। H-1B वीजा शुल्क मामला अदालतों में उलझा है और भारतीय आईटी पेशेवरों की नज़र इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी है।

मुख्य बातें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 27 अक्टूबर 2026 को कंसास के टोपेका में रैली में अमेरिकी कर्मचारियों की जगह सस्ते विदेशी कामगार रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई का वादा किया।
वेंस ने वीजा धोखाधड़ी पर शिकंजा कसने और अमेरिकी नौकरियों को नागरिकों के लिए प्राथमिकता देने की बात कही।
H-1B वीजा पर एक लाख डॉलर शुल्क लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले को मैसाचुसेट्स (जून) और कैलिफोर्निया ( 30 सितंबर ) की अदालतों ने रोका।
अमेरिकी सरकार ने नौवें सर्किट कोर्ट में अपील की है; जिला अदालत में सुनवाई मंगलवार को निर्धारित थी।
वेंस ने कंसास के दस मांस प्रसंस्करण केंद्रों के लिए लाखों डॉलर के कृषि अनुदान और विमानन कंपनी बॉम्बार्डियर के राज्य में विस्तार का उल्लेख किया।
रैली में कंसास अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबाख ने मेटा के खिलाफ 13.4 करोड़ डॉलर की जीत का दावा किया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 27 अक्टूबर 2026 को कंसास के टोपेका में एक चुनावी रैली में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार उन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी जो अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कामगारों को रखती हैं। उन्होंने वीजा धोखाधड़ी पर भी शिकंजा कसने का संकल्प दोहराया। यह बयान 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले आया है।

वेंस के मुख्य बयान

रैली में वेंस ने कहा, 'हम वीजा धोखाधड़ी पर लगाम लगाएंगे और ऐसी किसी भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो किसी अमेरिकी कर्मचारी को नौकरी से निकालकर उसकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारी को रखती है।' उन्होंने 'संप्रभुता' को परिभाषित करते हुए कहा कि इसका अर्थ है कि अमेरिकी नौकरियाँ अमेरिकी नागरिकों को मिलें और देश के नागरिकों का अपने शासन तथा सड़कों पर नियंत्रण हो।

गौरतलब है कि वेंस ने अपने भाषण में किसी विशेष वीजा कार्यक्रम का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट रूप से उन नीतियों की ओर इशारा करता प्रतीत हुआ जो कुशल विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति को नियंत्रित करती हैं।

H-1B वीजा और भारतीय पेशेवरों पर असर

इस घटनाक्रम पर भारतीय पेशेवरों की विशेष नजर है, क्योंकि H-1B वीजा पाने वालों में भारतीय नागरिक सबसे बड़ा समूह हैं। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, और भारतीय आईटी पेशेवर लंबे समय से इस कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थियों में रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन की ओर से नए H-1B वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाए जाने के फैसले को अब तक दो संघीय अदालतें रोक चुकी हैं। मैसाचुसेट्स की एक अदालत ने जून में और कैलिफोर्निया की एक अदालत ने 30 सितंबर को इस शुल्क पर अंतरिम रोक लगाई। अमेरिकी सरकार ने कैलिफोर्निया की अदालत के फैसले के खिलाफ नौवें सर्किट कोर्ट में अपील की है।

विदेशी निवेश और घरेलू नीतियों पर रुख

वेंस ने विदेशी निवेश के मुद्दे पर भी कड़ा रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वॉल स्ट्रीट और विदेशी निवेशकों को अमेरिकी घर खरीदने से रोकने के लिए कदम उठाएगी। उनके अनुसार, अमेरिकी घर और कृषि भूमि पर अमेरिकी नागरिकों का अधिकार प्राथमिकता होनी चाहिए।

कंसास में औद्योगिक निवेश का ज़िक्र करते हुए वेंस ने बताया कि अमेरिकी कृषि विभाग राज्य के दस मांस प्रसंस्करण केंद्रों के लिए लाखों डॉलर के नए अनुदान की घोषणा कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विमानन कंपनी बॉम्बार्डियर ने पिछले सप्ताह कंसास में अपनी विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार की घोषणा की थी।

दवाओं की कीमतों पर वेंस ने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवा कंपनियों को व्हाइट हाउस में बुलाकर अमेरिकियों के साथ उचित व्यवहार करने को कहा है, अन्यथा संघीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

चुनावी संदर्भ और रैली में अन्य वक्ता

वेंस कंसास में रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल के समर्थन में प्रचार कर रहे थे, जिनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन से है। वेंस ने हैमिल्टन की आलोचना करते हुए उन्हें वामपंथी विचारधारा वाला नेता बताया।

रैली में अमेरिकी गृह मंत्री डग बर्गम और कंसास के अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबाख ने भी संबोधित किया। कोबाख ने दावा किया कि उन्होंने कंसास के बच्चों के हितों से जुड़े एक मामले में मेटा के खिलाफ 13.4 करोड़ डॉलर की जीत हासिल की है। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वेंस के भाषण में व्यवधान भी डाला, जिस पर उन्होंने डेमोक्रेट्स पर बहस बाधित करने का आरोप लगाया।

आगे क्या

3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले वेंस की यह रैली ट्रंप प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत रोजगार और वीजा मुद्दों को केंद्र में रखने की रणनीति का हिस्सा है। H-1B शुल्क विवाद में नौवें सर्किट कोर्ट की अपील और जिला अदालत में केस प्रबंधन सुनवाई इस नीतिगत दिशा के कानूनी भविष्य को तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कानूनी पेचीदगियों को देखते हुए एक सुविधाजनक अस्पष्टता है। असली सवाल यह है कि 'कार्रवाई' का अर्थ क्या है जब अदालतें पहले से ही प्रशासन के वीजा शुल्क निर्णयों पर रोक लगा चुकी हैं। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए यह अनिश्चितता नई नहीं है — हर चुनावी चक्र में ऐसे बयान आते हैं, लेकिन H-1B कार्यक्रम की संरचनात्मक माँग अमेरिकी तकनीकी उद्योग में गहरी जड़ें जमाए हुए है, जिसे कोई भी प्रशासन पूरी तरह नज़रअंदाज़ नहीं कर सका है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडी वेंस ने विदेशी कर्मचारियों को लेकर क्या कहा?
वेंस ने कहा कि उनकी सरकार उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जो अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कामगारों को रखती हैं। उन्होंने वीजा धोखाधड़ी पर भी लगाम लगाने का संकल्प लिया।
H-1B वीजा पर एक लाख डॉलर शुल्क का मामला कहाँ तक पहुँचा है?
ट्रंप प्रशासन के H-1B वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर शुल्क लगाने के फैसले को मैसाचुसेट्स की अदालत ने जून में और कैलिफोर्निया की अदालत ने 30 सितंबर को रोका। अमेरिकी सरकार ने नौवें सर्किट कोर्ट में अपील की है और जिला अदालत में सुनवाई मंगलवार को निर्धारित थी।
इस घटनाक्रम का भारतीय पेशेवरों पर क्या असर पड़ सकता है?
H-1B वीजा पाने वालों में भारतीय नागरिक सबसे बड़ा समूह हैं और भारतीय आईटी पेशेवर इस कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थियों में रहे हैं। वेंस के बयान और अदालती लड़ाई के नतीजे भारतीय पेशेवरों की अमेरिका में नियुक्ति को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
वेंस कंसास में किसके समर्थन में प्रचार कर रहे थे?
वेंस कंसास में रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। मार्शल का मुकाबला 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन से है।
वेंस ने विदेशी निवेश और आवास पर क्या रुख अपनाया?
वेंस ने कहा कि उनकी सरकार वॉल स्ट्रीट और विदेशी निवेशकों को अमेरिकी घर और कृषि भूमि खरीदने से रोकने के लिए कदम उठाएगी। उनके अनुसार अमेरिकी नागरिकों का इन संपत्तियों पर अधिकार प्राथमिकता होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले