एच-1बी वीजा पर जेडी वेंस का बड़ा बयान: अमेरिका को चाहिए मस्क जैसा टैलेंट, अमेरिकी कर्मचारियों की जगह नहीं लेंगे विदेशी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 8 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन केवल एलन मस्क जैसे असाधारण विदेशी प्रतिभाओं का स्वागत करता है — लेकिन वह ऐसे आव्रजन कार्यक्रमों का दुरुपयोग नहीं होने देगा जिनके ज़रिए अमेरिकी मध्यवर्गीय कर्मचारियों की जगह कम वेतन पर विदेशी कामगारों को रखा जाए। वॉशिंगटन में वीजा धोखाधड़ी पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने यह बयान दिया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर प्रशासनिक नीति को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।
वेंस ने सुझाए दो टेस्ट
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि विदेशी पेशेवरों पर विचार करते समय आव्रजन अधिकारियों को दो कसौटियाँ अपनानी चाहिए। पहली कसौटी यह कि क्या आवेदक ऐसी रिक्ति भरेगा जिसे कोई अमेरिकी कामगार नहीं भर सकता। दूसरी कसौटी यह कि क्या उस व्यक्ति में सच में असाधारण काबिलियत है।
उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि अगर लोगों के पास सच में बेहतरीन और खास हुनर है, तो वे अमेरिका आएं।' उनका यह बयान एलन मस्क के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आया, जो अमेरिका में पढ़ाई करने और अपना व्यावसायिक साम्राज्य खड़ा करने से पहले स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिल हुए थे।
एच-1बी कार्यक्रम पर चिंता
वेंस ने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, ज़्यादातर एच-1बी मामलों में हम देखते हैं कि किसी व्यक्ति का इस्तेमाल किसी अमेरिकी मध्यवर्गीय कामगार की जगह लेने के लिए किया जा रहा है।'
उन्होंने स्वीकार किया कि अधिकांश विदेशी कामगार अच्छे इंसान होते हैं, लेकिन साथ ही कहा कि कई नियोक्ता इस कार्यक्रम का उपयोग मुख्यतः वेतन लागत घटाने के लिए कर रहे हैं — जो कार्यक्रम का इरादा नहीं था।
अतिरिक्त शुल्क का बचाव
वेंस ने एच-1बी आवेदनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि जो कंपनियाँ वास्तव में असाधारण प्रतिभा चाहती हैं, उन्हें उसके लिए अधिक भुगतान करने को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर आप सच में किसी जीनियस-लेवल, सुपर-स्पेशलाइज़्ड व्यक्ति को अमेरिका ला रहे हैं, तो आप उसके लिए थोड़ा ज़्यादा पैसा देने को तैयार होंगे।'
उनके अनुसार, ऊँची लागत उन नियोक्ताओं को स्वाभाविक रूप से हतोत्साहित करेगी जो केवल वेतन कम करने के लिए विदेशी कामगारों की तलाश करते हैं।
मस्क और लिसा सु का उदाहरण
वेंस ने एलन मस्क और एएमडी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिसा सु का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी असाधारण अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाएं अमेरिकी नवाचार और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन विदेशी पेशेवरों के योगदान के विरुद्ध नहीं है, बशर्ते वे वास्तविक रूप से विशिष्ट हों।
भारतीय टेक्नोलॉजी वर्करों पर असर
एच-1बी कार्यक्रम भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि वीजा पाने वालों में उनकी हिस्सेदारी ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ी रही है। आव्रजन अधिकारियों द्वारा योग्यता और भर्ती मानकों पर अधिक सख्ती से विचार किए जाने से अमेरिका में काम की तलाश कर रहे भारतीय टेक्नोलॉजी वर्करों पर गहरा असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि यह नीतिगत बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी प्रतिभा पलायन को लेकर पहले से ही गहरी चर्चा चल रही है।