पीईआरएम निलंबन से कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं: इंफोसिस और TCS का स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
इंफोसिस ने 11 अक्टूबर 2026 को शेयर बाज़ार को दी गई सूचना में स्पष्ट किया कि अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) कार्यक्रम के तहत नई और लंबित आवेदन प्रक्रियाओं पर लगाए गए अस्थायी निलंबन का कंपनी के कारोबारी संचालन पर कोई भौतिक प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह संबंधित एजेंसियों के किसी भी प्रश्न का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इंफोसिस की स्थिति
इंफोसिस ने अपने आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, 'हम नहीं मानते कि इस निलंबन का कंपनी के संचालन पर कोई भौतिक प्रभाव पड़ेगा। आवश्यकता होने पर हम नियामकीय मानकों के अनुरूप आगे भी जानकारी साझा करेंगे।' कंपनी ने रेखांकित किया कि उसने अमेरिका में मज़बूत स्थानीय कार्यबल, प्रौद्योगिकी केंद्रों और नवाचार हब के निर्माण में लगातार निवेश किया है, जिससे उसकी मानव संसाधन रणनीति किसी एक आव्रजन कार्यक्रम पर निर्भर नहीं रह गई है।
इंफोसिस ने यह भी कहा कि वह अपने कर्मचारियों, ग्राहकों और अमेरिकी समुदायों के प्रति प्रतिबद्ध है तथा सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करती रहेगी।
पीईआरएम निलंबन क्यों हुआ
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रशासन ने कुछ प्रमुख वैश्विक आईटी और प्रौद्योगिकी कंपनियों के PERM आवेदन अस्थायी रूप से निलंबित किए हैं। यह कदम कथित वीज़ा धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों से जुड़े रोज़गार संबंधी मुद्दों की जाँच के संदर्भ में उठाया गया है।
PERM (परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम) अमेरिकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसके माध्यम से कंपनियाँ कुशल विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने में सहायता करती हैं।
TCS का भी स्पष्टीकरण
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि वह अमेरिकी श्रम विभाग के किसी भी निर्देश का पालन करेगी और उसकी अमेरिकी कार्यबल रणनीति मुख्य रूप से स्थानीय प्रतिभाओं की भर्ती पर आधारित है।
TCS के अनुसार, अमेरिका में उसके 31 कार्यालय और डिलीवरी सेंटर हैं तथा कंपनी अगले पाँच वर्षों में 15,000 अतिरिक्त स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती का इरादा रखती है। TCS ने यह भी कहा, 'पिछले दो वर्षों में हमारे पीईआरएम आवेदनों की संख्या एकल अंकों में थी, इसलिए इस कार्यक्रम के निलंबन से हमारी कार्यबल रणनीति और ग्राहक सेवाओं पर प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।'
आम जनता और उद्योग पर असर
यह निलंबन ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन कथित तौर पर आव्रजन नीतियों की व्यापक समीक्षा कर रहा है और विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर भारतीय आईटी कंपनियों के कामकाज को लेकर जाँच तेज़ हो रही है। हालाँकि, इंफोसिस और TCS जैसी बड़ी कंपनियों के स्पष्टीकरण से बाज़ार में घबराहट फिलहाल सीमित दिखती है।
भारतीय आईटी उद्योग के लिए PERM निलंबन लंबे समय से एक संवेदनशील विषय रहा है, क्योंकि अमेरिका इस क्षेत्र का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है। आगे की स्थिति जाँच के निष्कर्षों और अमेरिकी श्रम विभाग के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।