मोदी ट्रंप फोन वार्ता: ट्रेड, डिफेंस और ग्लोबल शांति पर हुई चर्चा, अमेरिकी राजदूत गोर ने बताया 'बहुत अच्छी'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 1 अक्टूबर 2026 को फोन पर द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। नई दिल्ली में भारत के अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार की रात इस वार्ता की पुष्टि की और इसे 'बहुत अच्छी बातचीत' करार दिया। यह फोन कॉल ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
वार्ता में क्या हुआ
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। PMO ने बताया, "नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया और वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों पर चर्चा की। दोनों नेता संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।"
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने ट्रेड, डिफेंस, एनर्जी, ज़रूरी टेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। हम अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।"
अमेरिकी राजदूत की प्रतिक्रिया
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बहुत अच्छी बातचीत।" गोर ने इससे पहले जून में कहा था कि भारत अमेरिका संबंध अब तक के सबसे मज़बूत दौर में हैं। उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और हिंद प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को इसकी बुनियाद बताया था।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ
यह वार्ता जून 2026 में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद उनकी पहली सीधी बातचीत है। गौरतलब है कि यह फोन कॉल उस समय हुई जब अमेरिका में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक चल रही है और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज़ हैं।
वरिष्ठ अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों ने भारत अमेरिका संबंधों के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप की रूपरेखा तैयार की है। रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा की दिशा में काम कर रहा है और नई दिल्ली को अपने सबसे करीबी रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है।
विदेश नीति की दृष्टि से महत्व
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून में कहा था कि भारत अमेरिका साझेदारी 'अब तक के सबसे मज़बूत दौर' में है। उन्होंने हिंद प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सहयोग और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को इस रिश्ते की नई धुरी बताया था। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू राजनीतिक पुनर्गठन तेज़ हो रहा है।
आगे क्या होगा
दोनों नेताओं के 'संपर्क में बने रहने' की सहमति से संकेत मिलता है कि आने वाले हफ्तों में व्यापार समझौते पर और प्रगति संभव है। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की संभावित भारत यात्रा अगले वर्ष के प्रारंभ में हो सकती है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने का अवसर होगी।