क्या मंगोलिया पुलिस ने ब्यूबोनिक प्लेग की चेतावनी जारी की?

सारांश
Key Takeaways
- ब्यूबोनिक प्लेग एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा है।
- पुलिस ने 22 मृत मर्मोट बरामद किए, जिससे चेतावनी जारी हुई।
- सरकार ने बाहरी इलाकों में चौकियों को सक्रिय किया है।
- रोकथाम के उपायों का पालन करना आवश्यक है।
- ब्यूबोनिक प्लेग का इतिहास खतरनाक रहा है।
उलान बटोर, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मंगोलिया के पारिस्थितिक पुलिस विभाग ने मंगलवार को उलान बटोर में बीमारी फैलने के खतरे को देखते हुए ब्यूबोनिक प्लेग की चेतावनी जारी की।
यह चेतावनी उस समय जारी की गई जब पुलिस ने पिछले सप्ताह पश्चिमी प्रांतों से उलान बटोर आ रहे एक वाहन से 22 मृत मर्मोट बरामद किए।
फिलहाल, पुलिस अधिकारी और निरीक्षक, ब्यूबोनिक प्लेग के प्रसार को रोकने के लिए मंगोलिया की राजधानी के बाहरी इलाकों में सभी चौकियों पर 24 घंटे काम कर रहे हैं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, मंगोलिया के 17 प्रांतों में कुल 137 सोम (प्रशासनिक उपखंड) अब ब्यूबोनिक प्लेग के जोखिम वाले क्षेत्र माने जा रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ब्यूबोनिक प्लेग एक जीवाणु जनित रोग है, जो रोडेंट्स, जैसे मर्मोट, पर रहने वाले पिस्सुओं के जरिए फैलता है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए, तो यह 24 घंटे के भीतर किसी वयस्क को मार सकता है।
यह एक संक्रमण है, जो मुख्यतः संक्रमित पिस्सुओं द्वारा मनुष्यों में फैलता है। इसे ब्लैक डेथ कहा जाता है, जिसने मध्य युग में लाखों यूरोपीय लोगों की जान ली थी। रोकथाम के लिए चूहों, गिलहरियों और अन्य संक्रमित जानवरों से दूर रहना आवश्यक है।
चौदहवीं शताब्दी में ब्यूबोनिक प्लेग से मरने वालों की संख्या 2.5 करोड़ से अधिक थी, जो उस समय यूरोप की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या थी। चूहे जहाजों पर यात्रा करते थे और अपने साथ पिस्सू लेकर आते थे। प्लेग से संक्रमित अधिकांश लोग मर जाते थे और कई लोगों के ऊतकों में गैंग्रीन के कारण काले पड़ जाते थे, इसी कारण इसे ब्लैक डेथ का नाम दिया गया।