क्या नए एच-1बी नियमों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा?
सारांश
Key Takeaways
- नए एच-1बी नियमों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
- 2026 से 2035 के बीच 20 अरब डॉलर का आर्थिक लाभ।
- अधिक कुशल विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी।
- छोटे व्यवसायों पर बड़ा आर्थिक असर।
- भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव।
वाशिंगटन, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका में एच-1बी वर्क वीजा से जुड़े नए नियमों का उद्देश्य अगले 10 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करना है। गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस (जीएओ) के अनुसार, इस नियम के तहत साल 2026 से 2035 के बीच लगभग 20 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक लाभ होने की संभावना है।
हालांकि, जीएओ ने चेताया है कि यह नियम संभवतः निर्धारित समय-सीमा से पहले लागू हो रहा है।
जीएओ की रिपोर्ट के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (डीएचएस) द्वारा तैयार किया गया नया एच-1बी चयन नियम लगभग 303 मिलियन डॉलर की लागत से लागू होगा। इसके बावजूद, विभाग का मानना है कि इससे जनता को लगभग 19.78 अरब डॉलर का शुद्ध लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, 10 साल की अवधि में कुल ट्रांसफर 34.34 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस नियम की प्रभावी तिथि 27 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है, लेकिन जीएओ ने कहा कि यह तिथि अमेरिकी कानून के तहत निर्धारित 60 दिनों की अवधि से कम है। अमेरिकी कांग्रेसनल रिव्यू एक्ट के अनुसार, किसी भी बड़े संघीय नियम को कांग्रेस में पेश किए जाने या प्रकाशित होने के बाद कम से कम 60 दिनों का समय दिया जाना चाहिए।
जीएओ के अनुसार, यह नियम 29 दिसंबर 2025 को कांग्रेस को भेजा गया और उसी दिन फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया गया। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को यह नियम 29 दिसंबर को, जबकि सीनेट को 5 जनवरी 2026 को मिला। इसी कारण समय-सीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जीएओ ने अपनी रिपोर्ट इस हफ्ते सीनेट और हाउस की ज्यूडिशियरी कमेटी के नेताओं को भेजी है, जो इमिग्रेशन नीति और डीएचएस की निगरानी करती हैं।
नियम के तहत अब एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करने वालों का चयन एक 'वेटेड सिस्टम' से किया जाएगा। डीएचएस का कहना है कि इस नई प्रक्रिया में अधिक कुशल और उच्च वेतन पाने वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी वेतन स्तरों पर एच-1बी कर्मचारियों को रखने की सुविधा बनी रहेगी। उनका लक्ष्य इस कार्यक्रम को कांग्रेस की मंशा के अनुसार और बेहतर बनाना है।
जीएओ ने यह भी बताया कि इस नियम का छोटे व्यवसायों पर गहरा आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। इसी कारण डीएचएस ने एक विशेष नियामक विश्लेषण तैयार किया है। विभाग ने यह भी कहा कि इस नियम के तहत कोई ऐसा संघीय आदेश नहीं है जिससे अलग से कानूनी बयान की आवश्यकता पड़े।
एच-1बी वीजा अमेरिका में कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए काम करने का मुख्य मार्ग है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय नागरिक करते हैं, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर क्षेत्रों में। इसलिए इस नियम में बदलाव को भारत और अमेरिका में काम कर रहे या नौकरी की तैयारी कर रहे भारतीयों द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है।