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क्या नेपाल में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को पीएम सुशीला कार्की की चेतावनी का असर होगा?

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क्या नेपाल में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को पीएम सुशीला कार्की की चेतावनी का असर होगा?

सारांश

नेपाल की पीएम सुशीला कार्की ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को चेतावनी दी है। क्या उनकी कड़ी कार्रवाई से स्थिति में सुधार होगा? जानें इस महत्वपूर्ण खबर के बारे में।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को चेतावनी दी है।
10 लाख रुपये का मुआवजा मृतकों के परिवारों को दिया जाएगा।
सरकार सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दे रही है।
हिंसा के पीछे की योजनाबद्धता की जांच की जाएगी।
नेपाल की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत है।

काठमांडू, 14 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को अपने पदभार ग्रहण के बाद कहा कि आपराधिक कृत्यों की गहन जांच होनी चाहिए, सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री कार्की ने पहले घोषणा की थी कि जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों को शहीद माना जाएगा और प्रत्येक शोक संतप्त परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, "मैंने महज 27 घंटों के विरोध प्रदर्शन में ऐसा बदलाव कभी नहीं देखा। हम सभी को समूह की मांगों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा। मैं यहां किसी इच्छा से नहीं आई हूं। आप सभी के आग्रह के बाद मैंने यह जिम्मेदारी ली है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "विरोध प्रदर्शनों के नाम पर जो कुछ हुआ, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे कई सवाल उठते हैं।"

कार्की ने आश्वासन दिया कि सरकार सिंह दरबार, संसद भवन, सर्वोच्च न्यायालय, व्यावसायिक परिसरों और निजी संपत्तियों सहित प्रमुख संस्थानों को निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ की जांच करेगी।

उन्होंने नेपाल की नाजुक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों से झड़प में 72 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें 59 प्रदर्शनकारी, 10 कैदी और तीन पुलिस अधिकारी शामिल हैं।

मुख्य सचिव एकनारायण आर्यल ने सरकार के फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को शहीद माना जाएगा और उनके परिवारों को दस-दस लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, सरकार ने 134 घायल प्रदर्शनकारियों और 57 घायल पुलिसकर्मियों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार भी सुनिश्चित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नेपाल की स्थिति अत्यंत नाजुक है। पीएम कार्की का यह बयान न केवल जिम्मेदारी की बात करता है, बल्कि एक मजबूत शासन के लिए उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। हमें उम्मीद है कि यह कदम स्थिति को स्थिर करने में सहायक होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में हालिया हिंसा के कारण क्या थे?
हालिया हिंसा जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई, जिसमें कई जानें गईं।
क्या सरकार मुआवजा देने की योजना बना रही है?
जी हां, सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्की का क्या कहना है?
उन्होंने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की है।
क्या इस घटना में सुरक्षा बलों की भूमिका थी?
हां, सुरक्षा बलों के साथ झड़प में 72 लोगों की मौत हुई है।
सरकार ने घायल प्रदर्शनकारियों के लिए क्या किया?
सरकार ने 134 घायल प्रदर्शनकारियों और 57 घायल पुलिसकर्मियों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार की व्यवस्था की है।
राष्ट्र प्रेस
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