क्या नेपाल में सीमावर्ती इलाके में तनाव के बीच पूर्व पीएम माधव ने हिंदुओं और मुस्लिमों से अपील की?

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क्या नेपाल में सीमावर्ती इलाके में तनाव के बीच पूर्व पीएम माधव ने हिंदुओं और मुस्लिमों से अपील की?

सारांश

नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले रौतहट में तनाव बढ़ गया है। पूर्व पीएम माधव कुमार नेपाल ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जानें इस स्थिति के पीछे का पूरा मामला और नेपाल की राजनीति में इसका क्या असर पड़ सकता है।

Key Takeaways

  • रौतहट में हिंसक झड़पें हुईं हैं।
  • पूर्व पीएम ने शांति की अपील की है।
  • कर्फ्यू लागू किया गया है।
  • स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
  • संवाद और सहिष्णुता का महत्व बताया गया है।

काठमांडू, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में 5 मार्च को चुनाव होने वाले हैं। आगामी चुनाव से पहले नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र रौतहट के गौर में कुछ स्थानों पर दो समूहों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कर्फ्यू लागू किया गया है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के जॉइंट कोऑर्डिनेटर माधव कुमार नेपाल ने रौतहट के गौर नगरपालिका-6 के सपगड़ा में हाल की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है।

आज एक अपील जारी करते हुए, जॉइंट कोऑर्डिनेटर नेपाल ने दोनों समुदायों से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद को समाप्त करने के लिए संयम बरतने की अपील की।

धार्मिक सहिष्णुता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू और मुसलमान दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। पूर्व पीएम नेपाल ने सरकार से स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

एनसीपी के नेता नेपाल लंबे समय से फेडरल पार्लियामेंट में अपने गृह जिले रौतहट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समस्याओं का समाधान केवल आपसी बातचीत से संभव है, इसलिए दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की।

आगामी चुनाव में रौतहट-1 से मैदान में उतरने वाले नेपाल ने प्रशासन द्वारा लगाए गए 'कर्फ्यू' को सामान्य करने के लिए गृह मंत्री के साथ चर्चा करने की जानकारी दी।

नेपाली मीडिया के अनुसार, यह तनाव वार्ड 6 के सबगढ़ में शुरू हुआ, जहां दो समुदायों के बीच एक शादी के जुलूस के दौरान बहस हुई। बहस ने जल्दी ही हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें पत्थरबाजी और एक गाड़ी में आग लगाने की घटनाएं हुईं।

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ा था और टकराव के बाद शुक्रवार को छह बिंदुओं पर सहमति बनी। लेकिन फिर शनिवार सुबह तनाव फिर से बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों ने दोपहर 1 बजे से कर्फ्यू लागू किया।

जिला मजिस्ट्रेट दिनेश सागर भुसाल ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अगली सूचना तक कर्फ्यू जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "स्थिति स्थिर हो रही है। हालात ठीक होने पर हम कर्फ्यू हटा देंगे।"

कर्फ्यू जोन में गौर कस्टम्स ऑफिस, पूरब में मुदबलवा गेट, पश्चिम में लालकैया तटबंध और उत्तर में बाम कैनाल एरिया शामिल हैं। स्थिति को संभालने के लिए नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है, जबकि इलाके में आने-जाने पर प्रतिबंध है। सुबह 6:30 से 8:30 बजे के बीच आवश्यक कार्यों के लिए कुछ छूट दी गई है।

Point of View

यह आवश्यक है कि सभी समुदाय एक-दूसरे के प्रति सहिष्णुता बनाए रखें। आने वाले चुनावों में राजनीतिक स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग का रास्ता ही सबसे बेहतर समाधान है।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

नेपाल में वर्तमान में क्या स्थिति है?
नेपाल के रौतहट में हाल में हिंसक झड़पों के बाद कर्फ्यू लगाया गया है।
पूर्व पीएम माधव कुमार नेपाल ने क्या कहा?
उन्होंने सभी समुदायों से संयम बरतने और सांप्रदायिक हिंसा से बचने की अपील की है।
कर्फ्यू कब तक जारी रहेगा?
कर्फ्यू अगली सूचना तक जारी रहेगा जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
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