नेतन्याहू की भ्रष्टाचार ट्रायल में 88वीं पेशी, सुरक्षा कारणों से तेल अवीव कोर्ट ने घटाया सत्र
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 19 मई 2025 को तेल अवीव के जिला न्यायालय में अपने भ्रष्टाचार ट्रायल में 88वीं बार पेश हुए। उनकी सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए न्यायाधीशों ने मंगलवार के सत्र को छोटा करने की अनुमति दी।
मंगलवार का सत्र: केस 2000 पर केंद्रित
रिपोर्टों के अनुसार, केस 1000 और केस 4000 में पूछताछ पूरी होने के बाद मंगलवार की सुनवाई केस 2000 पर केंद्रित रही। इस मामले में नेतन्याहू पर आरोप है कि उन्होंने दैनिक समाचार पत्र येदिओथ अहरोनोथ के प्रकाशक अर्नोन मोजेस के साथ अपने पक्ष में अनुकूल मीडिया कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बातचीत की।
तीन मामले, एक लंबा ट्रायल
नेतन्याहू पर कुल तीन मामलों में भ्रष्टाचार, रिश्वत और विश्वासघात के आरोप हैं, जिन्हें केस 1000, केस 2000 और केस 4000 के नाम से जाना जाता है। इन सभी मामलों में चार्जशीट नवंबर 2019 के अंत में दाखिल की गई थी और ट्रायल 2020 में शुरू हुआ था।
केस 1000 में आरोप है कि नेतन्याहू और उनके परिवार के सदस्यों ने धनाढ्य व्यवसायियों से विभिन्न क्षेत्रों में सहायता और अनुग्रह के बदले महंगे उपहार प्राप्त किए। केस 4000 में आरोप है कि उन्होंने इजरायली न्यूज़ वेबसाइट वाले के पूर्व मालिक और दूरसंचार कंपनी बेजेक के वरिष्ठ अधिकारी शॉल एलोविच को सकारात्मक कवरेज के बदले नियामकीय लाभ पहुँचाए।
नेतन्याहू का रुख: सभी आरोप नकारे
ट्रायल की शुरुआत से ही नेतन्याहू ने तीनों मामलों में किसी भी आरोप को स्वीकार करने से साफ इनकार किया है। उन्होंने इन मुकदमों को उन्हें सत्ता से हटाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा राजनीतिक अभियान करार दिया है।
गौरतलब है कि इजरायली कानून के तहत राष्ट्रपति तब तक माफी नहीं दे सकते, जब तक आरोपी अपनी गलती स्वीकार न करे। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नेतन्याहू के पक्ष में की गई सिफारिश व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी है — क्योंकि माफी माँगने का अर्थ होगा सभी आरोपों को स्वीकार करना, जो नेतन्याहू के राजनीतिक अस्तित्व के लिए घातक होगा।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की भूमिका
घरेलू ट्रायल के अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) 2024 से नेतन्याहू के विरुद्ध गाजा पट्टी में कथित युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों के सिलसिले में कार्यवाही कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से शुरू हुए गाजा संघर्ष में अब तक 72,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
यह ट्रायल इजरायल के राजनीतिक परिदृश्य पर लंबी छाया डाले हुए है। 88 सुनवाइयों के बाद भी फैसला दूर दिखता है, और नेतन्याहू का प्रधानमंत्री पद पर बने रहना इस कानूनी प्रक्रिया को और जटिल बनाता है। अगली सुनवाई की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।