ऑकलैंड में 'कंफर्ट वूमेन' मूर्ति स्थापना की योजना, जापान ने जताया कड़ा विरोध

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ऑकलैंड में 'कंफर्ट वूमेन' मूर्ति स्थापना की योजना, जापान ने जताया कड़ा विरोध

सारांश

ऑकलैंड में 'कंफर्ट वूमेन' मूर्ति का प्रस्ताव एक बार फिर उस पुराने ज़ख्म को हवा दे रहा है जो जापान और दक्षिण कोरिया के बीच दशकों से नासूर बना हुआ है। जापानी राजदूत के कड़े विरोध और न्यूजीलैंड सरकार की सतर्क चुप्पी के बीच, यह मामला बताता है कि इतिहास के घाव कूटनीति की सीमाएँ कैसे तय करते हैं।

Key Takeaways

न्यूजीलैंड के शहर ऑकलैंड में दक्षिण कोरिया के एक गैरसरकारी संगठन द्वारा दान की गई 'कंफर्ट वूमेन' थीम वाली मूर्ति स्थापित करने पर विचार हो रहा है। जापानी राजदूत सोसुके ओजावा ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह जापान-दक्षिण कोरिया सहयोग और जापान-न्यूजीलैंड संबंधों को नुकसान पहुँचाएगा। न्यूजीलैंड विदेश मंत्रालय ने मूर्ति को संवेदनशील बताते हुए अंतिम निर्णय स्थानीय सरकार और समुदाय पर छोड़ा। न्यूजीलैंड स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 'कंफर्ट वूमेन' का मुद्दा द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा ऐतिहासिक विवाद है जो दशकों से जापान और दक्षिण कोरिया के संबंधों में तनाव का स्रोत बना हुआ है।

न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में दक्षिण कोरिया के एक गैरसरकारी संगठन द्वारा दान की गई 'कंफर्ट वूमेन' थीम वाली मूर्ति स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। ब्रिटेन के 'द गार्जियन' और न्यूजीलैंड के '1न्यूज' की रिपोर्टों के अनुसार इस प्रस्ताव ने जापान और न्यूजीलैंड के बीच कूटनीतिक तनाव को जन्म दे दिया है।

जापान का कड़ा विरोध

न्यूजीलैंड में तैनात जापानी राजदूत सोसुके ओजावा ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया है। राजदूत ओजावा के अनुसार यह मूर्ति जापान-दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय सहयोग पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी और साथ ही जापान-न्यूजीलैंड संबंधों को भी नुकसान पहुँचाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कूटनीतिक संतुलन पहले से ही नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है।

न्यूजीलैंड सरकार का रुख

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि यह मूर्ति संवेदनशील प्रकृति की है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियों और स्मारकों की स्थापना से जुड़े निर्णय स्थानीय सरकार और संबंधित समुदाय द्वारा स्वयं लिए जाते हैं, न कि केंद्रीय सरकार द्वारा। इस प्रकार केंद्र सरकार ने मामले को स्थानीय प्रशासन के विवेक पर छोड़ दिया है।

दक्षिण कोरिया की चुप्पी

'द गार्जियन' की रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास ने अभी तक इस मसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। गौरतलब है कि 'कंफर्ट वूमेन' का मुद्दा दशकों से जापान और दक्षिण कोरिया के बीच ऐतिहासिक विवाद का केंद्र रहा है, और दुनिया के विभिन्न देशों में इस विषय पर मूर्तियाँ स्थापित करने के प्रयास कूटनीतिक तनाव का कारण बनते रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

'कंफर्ट वूमेन' उन महिलाओं को संदर्भित करता है जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कथित तौर पर जापानी सैन्य बलों की सेवा के लिए मजबूर किया गया था। यह विषय आज भी जापान और दक्षिण कोरिया के बीच गहरे ऐतिहासिक घावों का प्रतीक है। यह पहली बार नहीं है जब किसी तीसरे देश में इस थीम पर मूर्ति स्थापना के प्रयास ने राजनयिक विवाद को जन्म दिया हो — अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें ऑकलैंड की स्थानीय सरकार पर टिकी हैं, जो इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि स्थानीय प्रशासन ऐतिहासिक संवेदनशीलता और कूटनीतिक दबाव के बीच किस प्रकार संतुलन बनाता है।

Point of View

या इसे महज एक सामुदायिक मामला मानकर निपटाएगी। न्यूजीलैंड सरकार का निर्णय स्थानीय प्रशासन पर छोड़ना एक सुविधाजनक पलायन है, जो केंद्र सरकार को जवाबदेही से बचाता है लेकिन स्थानीय निकायों पर अनुचित कूटनीतिक बोझ डालता है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

न्यूजीलैंड में 'कंफर्ट वूमेन' मूर्ति का प्रस्ताव क्या है?
दक्षिण कोरिया के एक गैरसरकारी संगठन ने न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में 'कंफर्ट वूमेन' थीम वाली मूर्ति दान करने का प्रस्ताव रखा है। इस पर अभी स्थानीय सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है।
जापान ने इस मूर्ति का विरोध क्यों किया है?
न्यूजीलैंड में जापानी राजदूत सोसुके ओजावा के अनुसार यह मूर्ति जापान-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय सहयोग को नुकसान पहुँचाएगी और जापान-न्यूजीलैंड संबंधों पर भी प्रतिकूल असर डालेगी। 'कंफर्ट वूमेन' का मुद्दा जापान के लिए ऐतिहासिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है।
'कंफर्ट वूमेन' का मुद्दा क्या है?
'कंफर्ट वूमेन' उन महिलाओं को संदर्भित करता है जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कथित तौर पर जापानी सैन्य बलों की सेवा के लिए बाध्य किया गया था। यह विषय दशकों से जापान और दक्षिण कोरिया के बीच ऐतिहासिक विवाद का केंद्र बना हुआ है।
न्यूजीलैंड सरकार ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मूर्ति को संवेदनशील बताया, लेकिन कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियों और स्मारकों से जुड़े निर्णय स्थानीय सरकार और समुदाय द्वारा लिए जाते हैं। केंद्र सरकार ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप से परहेज किया है।
क्या अन्य देशों में भी 'कंफर्ट वूमेन' मूर्तियों पर विवाद हुआ है?
हाँ, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी 'कंफर्ट वूमेन' थीम पर मूर्तियाँ स्थापित करने के प्रयासों ने जापान के साथ कूटनीतिक तनाव पैदा किया है। यह एक वैश्विक पैटर्न बन चुका है जिसमें तीसरे देश अनजाने में जापान-दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक विवाद में खिंच जाते हैं।
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