17 अक्टूबर 2026
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बलूचिस्तान: मस्तुंग में 20 पुलिस रंगरूट अगवा, क्वेटा कराची हाईवे पर बंदूकधारियों ने वैन रोकी

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बलूचिस्तान: मस्तुंग में 20 पुलिस रंगरूट अगवा, क्वेटा कराची हाईवे पर बंदूकधारियों ने वैन रोकी

सारांश

बलूचिस्तान में अपहरणों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा — एक ही दिन में 20 पुलिस रंगरूट अगवा, और एक दिन पहले खारन में डिवीजनल कमिश्नर भी उठाए गए। यह घटना प्रांत में शासन व्यवस्था की गहराती खाई को बेनकाब करती है।

मुख्य बातें

17 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने 20 पुलिस रंगरूटों को अगवा किया।
अपहरण क्वेटा कराची राजमार्ग पर एक यात्री वैन से किया गया; रंगरूट कलात पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षणरत थे।
बंदूकधारियों ने वैन ड्राइवर और तीन अन्य यात्रियों को छोड़ दिया; अगवा रंगरूट रखशान डिवीजन के निवासी थे।
एक दिन पहले रखशान डिवीजन के कमिश्नर असद उल्लाह काकर को भी खारन जिले में अगवा किया गया था।
किसी समूह ने अब तक जिम्मेदारी नहीं ली; सुरक्षा बलों ने पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया।
21 जुलाई 2026 को चगाई जिले में आबकारी विभाग के तीन अधिकारी भी अगवा किए गए थे, जो बलूचिस्तान में अपहरणों के बढ़ते चलन को दर्शाता है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने क्वेटा कराची राजमार्ग पर एक यात्री वैन को रोककर 20 पुलिस रंगरूटों को अगवा कर लिया। ये रंगरूट कलात पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे थे और सप्ताहांत पर अपने घरों को जा रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने इस अपहरण की पुष्टि कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण

बलूचिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बंदूकधारी मोटरसाइकिल पर सवार थे और स्वचालित हथियारों से लैस थे। उन्होंने वैन को बीच रास्ते रोका और रंगरूटों को वैन समेत किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।

अधिकारी के अनुसार, "20 पुलिसकर्मी, जो सप्ताहांत पर घर जा रहे थे, उन्हें मस्तुंग में क्वेटा कराची राजमार्ग पर एक यात्री वैन से हथियारबंद अपने साथ ले गए।" बंदूकधारियों ने वैन के ड्राइवर और तीन अन्य यात्रियों को छोड़ दिया।

रंगरूटों की पहचान और तलाशी अभियान

मस्तुंग पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि अगवा किए गए रंगरूट लेवीज़ फोर्स से जुड़े थे, जिसे अब पुलिस में विलय कर दिया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ये सभी रखशान डिवीजन के निवासी थे।

सुरक्षा बलों ने अगवा किए गए जवानों का पता लगाने के लिए आस पास के पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल किसी भी समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।

अपहरणों का बढ़ता सिलसिला

यह घटना उस दिन से महज एक दिन बाद हुई जब बलूचिस्तान के खारन जिले में रखशान डिवीजन के कमिश्नर असद उल्लाह काकर को अगवा किया गया था। इससे पहले, खारन के डिप्टी कमिश्नर मुनीर अहमद सूमरो को नोशकी खारन राजमार्ग से अगवा किया गया था; कथित तौर पर स्थानीय कबीलाई बुजुर्गों की मध्यस्थता के बाद उन्हें लगभग दो सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को रिहा किया गया।

इससे भी पहले, 21 जुलाई 2026 को बलूचिस्तान के चगाई जिले में एक चेकपोस्ट पर हमले के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को अगवा किया गया था। गौरतलब है कि यह Nवीं ऐसी घटना है जो बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और सरकारी कर्मियों को निशाना बनाने के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।

बलूचिस्तान में अशांति की पृष्ठभूमि

पाकिस्तान के इस प्रांत में वर्षों से अस्थिरता बनी हुई है। बलूच समुदाय बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कथित सैन्य ज्यादतियों के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठाता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रांत में पहले से ही सुरक्षा की स्थिति नाज़ुक बनी हुई है और केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।

आलोचकों का कहना है कि बार बार के ऐसे अपहरण प्रांत में शासन व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करते हैं। सुरक्षा बल सक्रिय रूप से अगवा जवानों को खोजने में जुटे हैं और इस घटना की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे पाकिस्तानी प्रशासन अब तक प्रभावी ढंग से रोकने में विफल रहा है। एक डिवीजनल कमिश्नर, एक डिप्टी कमिश्नर और अब 20 प्रशिक्षु — यह पैटर्न बताता है कि सशस्त्र समूह न केवल साहसी हो रहे हैं, बल्कि उनकी पहुँच और रणनीति दोनों परिपक्व हो रही है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर अलग अलग घटनाओं को रिपोर्ट करती है, लेकिन यह नहीं जोड़ती कि इतनी बड़ी संख्या में अपहरण किसी प्रांत की प्रशासनिक संरचना को किस हद तक खोखला कर सकते हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान के मस्तुंग में 20 पुलिस रंगरूटों को कब और कैसे अगवा किया गया?
17 अक्टूबर 2026 को मस्तुंग जिले में क्वेटा कराची राजमार्ग पर मोटरसाइकिल सवार स्वचालित हथियारबंद बंदूकधारियों ने एक यात्री वैन रोककर 20 पुलिस रंगरूटों को अगवा किया। ये रंगरूट कलात पुलिस प्रशिक्षण केंद्र से सप्ताहांत पर घर जा रहे थे।
अगवा किए गए पुलिस रंगरूट कौन हैं?
अगवा किए गए सभी 20 रंगरूट रखशान डिवीजन के निवासी थे और लेवीज़ फोर्स से जुड़े थे, जिसे हाल ही में पुलिस में विलय किया गया है। वे कलात पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे थे।
क्या किसी समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी ली है?
अब तक किसी भी समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा बलों ने आस पास के पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
बलूचिस्तान में अपहरण की पिछली घटनाएँ कौन सी हैं?
इस घटना से एक दिन पहले रखशान डिवीजन के कमिश्नर असद उल्लाह काकर को खारन जिले में अगवा किया गया था। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर मुनीर अहमद सूमरो को अगवा किया गया था, जिन्हें लगभग दो सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को रिहा किया गया। 21 जुलाई 2026 को चगाई जिले में भी आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को अगवा किया गया था।
बलूचिस्तान में इस तरह की घटनाएँ क्यों बार बार हो रही हैं?
बलूचिस्तान वर्षों से अशांत रहा है, जहाँ बलूच समुदाय बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कथित सैन्य ज्यादतियों के खिलाफ विरोध करता रहा है। इस पृष्ठभूमि में सशस्त्र समूह सुरक्षाकर्मियों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाते रहे हैं, जो प्रांत में शासन व्यवस्था की कमज़ोरी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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