खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश का कहर: मर्दान में छत गिरने से 7 वर्षीय बच्चे की मौत, चार घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 7 अक्टूबर 2026 को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मर्दान जिले में बारिश के कारण एक मकान की छत ढह जाने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी माँ और नाबालिग बहन सहित चार लोग घायल हो गए। रेस्क्यू 1122 के अनुसार, प्रांत के कई जिलों में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित और फसलों को नुकसान की घटनाएँ सामने आई हैं।
मर्दान में छत ढहने की घटना
रेस्क्यू 1122 ने बताया कि मर्दान जिले में भारी बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत ढह गई, जिसमें सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घायलों में बच्चे की माँ और उसकी नाबालिग बहन शामिल हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, मर्दान के बाला घरी इलाके में इसी तरह की एक अन्य घटना में दो महिलाएँ घायल हुईं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया।
नौशेरा में रेस्क्यू ऑपरेशन
नौशेरा जिले में भारी बारिश के बीच फँसे सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें तीन महिलाएँ भी शामिल थीं। इसके अलावा, मोहम्मद आदिवासी जिले की पांडियाली तहसील और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि, तेज़ हवाओं और बारिश के संयुक्त प्रहार से खड़ी फसलों तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
पेशावर में जलभराव और यातायात बाधित
प्रांतीय राजधानी पेशावर में भी भारी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। असेंबली चौक, यूनिवर्सिटी रोड, सदर रोड, नसीर बाग और हयाताबाद के कई हिस्सों में गहरा जलभराव हो गया, जिससे सड़कों पर यातायात ठप हो गया और जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई।
पेशावर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (PESCO) ने जानकारी दी कि भारी बारिश के चलते उसके 83 फीडर ट्रिप हो गए — इनमें पेशावर के 19, खैबर के 13, स्वाबी के 9 और मर्दान के 29 फीडर शामिल हैं। इससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
पिछली घटनाओं का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2026 में भी खैबर पख्तूनख्वा में बारिश ने व्यापक तबाही मचाई थी, जिसमें नौ लोगों की मौत और सात अन्य के घायल होने की खबर आई थी। उस दौरान भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से 103 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 49 पूरी तरह तबाह हो गए थे। एबटाबाद और बुनेर में आठ पशुओं के मारे जाने की भी सूचना थी।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, 2026 के मानसून में स्वात, खैबर, बुनेर, एबटाबाद, ऊपरी चित्राल और निचले चित्राल समेत कई जिले बारिश से जुड़ी घटनाओं की चपेट में आ चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान में मानसूनी बारिश की तीव्रता और अनिश्चितता दोनों में इज़ाफा हो रहा है।
आगे की स्थिति
राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में काम जारी रखे हुए हैं। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका के मद्देनज़र अधिकारियों ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।