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खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़-बारिश का कहर: 18 मौतें, 19 घायल; पंजाब में भी 8 की जान गई

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खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़-बारिश का कहर: 18 मौतें, 19 घायल; पंजाब में भी 8 की जान गई

सारांश

पाकिस्तान में मानसून का कहर — खैबर पख्तूनख्वा में चार दिनों में 18 मौतें, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। पंजाब में 8 और जानें गईं। 30 मकान तबाह, दर्जनों जिले प्रभावित। राहत अभियान जारी, लेकिन और बारिश की चेतावनी।

मुख्य बातें

खैबर पख्तूनख्वा में 19 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक बाढ़-बारिश में 18 लोगों की मौत , 19 घायल ।
मृतकों में 8 बच्चे, 7 पुरुष और 3 महिलाएँ ; अधिकांश मौतें छत-दीवार गिरने और फ्लैश फ्लड से।
30 मकान क्षतिग्रस्त — 23 आंशिक और 7 पूरी तरह नष्ट।
पंजाब के गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर में 8 और मौतें , 14 घायल ।
गुजरांवाला में 10 घंटे की बारिश से जलभराव; मेट्रो बस परियोजना की खुदाई ने स्थिति बिगाड़ी।
रेस्क्यू 1122 और पीडीएमए का राहत-बचाव अभियान जारी।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में 19 जुलाई से जारी मूसलाधार बारिश और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है — 23 जुलाई 2026 तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 19 अन्य घायल हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पंजाब प्रांत में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 और लोगों की जान चली गई।

मृतकों का ब्योरा और नुकसान

पीडीएमए के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में जान गँवाने वालों में आठ बच्चे, सात पुरुष और तीन महिलाएँ शामिल हैं। अधिकांश मौतें मकानों की छत या दीवार ढहने और लोगों के फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से हुईं। घायलों में 11 पुरुष, चार महिलाएँ और चार बच्चे हैं।

संपत्ति के नुकसान की बात करें तो 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं — 23 आंशिक रूप से और 7 पूरी तरह नष्ट हो गए।

प्रभावित जिले

बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाएँ बुनैर, स्वाबी, मर्दान, बाजौर, शांगला, लोअर चितराल, पेशावर, नौशेरा, खैबर, लोअर और अपर दीर, एबटाबाद, मानसेहरा, तोर घर, कुर्रम तथा उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान सहित कई जिलों में दर्ज की गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी पहाड़ी इलाकों में हर साल भारी तबाही लाता है।

पंजाब में भी भारी नुकसान

पंजाब प्रांत के गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई और 14 अन्य घायल हुए। सबसे अधिक प्रभावित गुजरांवाला रहा, जहाँ मकानों की छत-दीवार गिरने, तालाबों में डूबने और करंट लगने जैसी घटनाओं में 6 लोगों — जिनमें अधिकांश बच्चे थे — की जान गई।

पाकपत्तन में बारिश के दौरान मकान की छत गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई और उनकी माँ घायल हो गईं। लाहौर के गुलशन-ए-रावी इलाके में एक फैक्ट्री की छत ढहने से चार मजदूर घायल हुए। गुजरात में जीटी रोड बाईपास पर बारिश के कारण फिसलकर एक ट्रेलर खाई में जा गिरा।

गौरतलब है कि लगभग 10 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण गुजरात और गुजरांवाला के मुख्य मार्ग और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए, जिससे व्यापारिक गतिविधियाँ और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। गुजरांवाला में अमिनाबाद से गक्खर मंडी के बीच निर्माणाधीन मेट्रो बस परियोजना के लिए जीटी रोड पर चल रही खुदाई ने जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना दिया।

राहत एवं बचाव अभियान

पीडीएमए ने बताया कि रेस्क्यू 1122, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और निचले इलाकों को खाली करने की सलाह दी है।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। यह पाकिस्तान में मानसून-जनित आपदाओं की उस लंबी शृंखला की एक और कड़ी है जो हर साल सैकड़ों जानें लेती है और बुनियादी ढाँचे को गंभीर नुकसान पहुँचाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तस्वीर नहीं। खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में कुल 26 मौतें इस बात की याद दिलाती हैं कि बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी और अग्रिम चेतावनी तंत्र की खामियाँ अभी भी जस की तस हैं। गुजरांवाला में निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना की खुदाई से जलभराव का बिगड़ना यह दर्शाता है कि शहरी विकास योजनाएँ आपदा प्रबंधन से तालमेल नहीं बिठा पा रहीं। जब तक पाकिस्तान की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली प्रतिक्रियाशील से निवारक नहीं बनती, हर मानसून में यही सुर्खियाँ लिखी जाती रहेंगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ से कितनी मौतें हुई हैं?
पीडीएमए के अनुसार, 19 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक खैबर पख्तूनख्वा में बारिश और फ्लैश फ्लड से जुड़ी घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई है और 19 अन्य घायल हैं। मृतकों में 8 बच्चे, 7 पुरुष और 3 महिलाएँ शामिल हैं।
पाकिस्तान में बाढ़ से कौन-कौन से जिले प्रभावित हुए हैं?
खैबर पख्तूनख्वा के बुनैर, स्वाबी, मर्दान, बाजौर, शांगला, पेशावर, नौशेरा, एबटाबाद, मानसेहरा, कुर्रम और वजीरिस्तान सहित कई जिले प्रभावित हुए हैं। पंजाब में गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर में भी भारी नुकसान दर्ज किया गया।
पंजाब में बारिश से कितना नुकसान हुआ?
पंजाब प्रांत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई और 14 अन्य घायल हुए। सबसे अधिक प्रभावित गुजरांवाला रहा, जहाँ 6 लोगों की जान गई — जिनमें अधिकांश बच्चे थे।
पाकिस्तान में राहत और बचाव कार्य कौन कर रहा है?
पीडीएमए के अनुसार, रेस्क्यू 1122, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को निचले इलाके खाली करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
गुजरांवाला में जलभराव इतना गंभीर क्यों हो गया?
गुजरांवाला में लगभग 10 घंटे की मूसलाधार बारिश के साथ-साथ अमिनाबाद से गक्खर मंडी के बीच निर्माणाधीन मेट्रो बस परियोजना के लिए जीटी रोड पर चल रही खुदाई ने जल-निकासी को बाधित कर दिया, जिससे जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई।
राष्ट्र प्रेस
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