स्वाबी में मूसलाधार बारिश से छत ढही: पिता-पुत्री की मौत, 300 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत के स्वाबी जिले में 20 अगस्त को मूसलाधार बारिश के कारण एक मकान की छत भरभराकर गिर गई, जिसमें मलबे के नीचे दबने से 50 वर्षीय मोहम्मद फरीक और उनकी 28 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। घटना में फरीक की पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तहसील मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा टोपि तहसील के आजादखेल इलाके में उस समय हुआ जब परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। रेस्क्यू 1122 स्वाबी के प्रवक्ता लुकमान खान के अनुसार, तेज बारिश के बीच अचानक छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और बचाव दल के आने से पहले ही मलबे में फँसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। बाद में रेस्क्यू टीम ने राहत कार्य संभाला और घायलों को अस्पताल पहुँचाया।
व्यापक तबाही: बैंक इमारत भी ढही, सैकड़ों बचाए गए
रेस्क्यू 1122 के अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण स्वाबी में कई इमारतों के ढहने की घटनाएँ सामने आईं। एक बैंक की इमारत भी ढह गई, हालाँकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जरांदू नहर इलाके से 2 लोगों को और आजमाबाद चौकी इलाके से 5 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बीच कुल 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने खैबर पख्तूनख्वा के 23 से अधिक जिलों में 21 अगस्त तक भारी से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें दिर, चित्राल, स्वात, कोहिस्तान, मलाकंद, नौशेरा, चारसद्दा, स्वाबी, शांगला, बट्टाग्राम, बुनेर, कोहाट, हंगू, कुर्रम, बाजौर, खैबर, ओरकजई, मानसेहरा, एबटाबाद, हरिपुर, पेशावर और मर्दान शामिल हैं। विभाग ने स्वाबी के निचले इलाकों में शहरी बाढ़ की आशंका को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान का केपी प्रांत हर मानसून सीजन में भारी जान-माल के नुकसान का सामना करता है। गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में पुरानी और जर्जर इमारतें भारी बारिश में विशेष रूप से खतरनाक साबित होती हैं। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से निचले और जोखिम वाले इलाकों को खाली करने की अपील की है।
आगे क्या
बचाव दल प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी रखे हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अगले 24 घंटे और भी महत्त्वपूर्ण हैं — अधिकारियों ने केपी के पर्वतीय जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।