पाकिस्तान के पंजाब में बारिश का कहर: 2 बच्चों समेत 7 की मौत, 20 घायल; छत गिरने और डूबने की घटनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 जुलाई 2026 को पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश से जुड़े हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, मौतों की मुख्य वजह मकानों और छतों का गिरना, डूबना तथा बिजली का करंट लगना रहा।
मुख्य घटनाक्रम
लाहौर के गढ़ी शहू रेलवे कॉलोनी, बॉबी प्लाजा, सग्गियां पिंड और कहाना इलाकों में छत गिरने की चार अलग-अलग घटनाओं में एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य घायल हुए।
कसूर जिले में अड्डा ढिंग शाह के पास छत गिरने से एक पुरुष और एक बच्चे की मौत हो गई; एक महिला और दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए। फैसलाबाद में छत गिरने से एक महिला की जान गई, जबकि गुजरांवाला के पठान कॉलोनी इलाके में खेतों में जमा बारिश के पानी में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई।
बहावलनगर में छत गिरने से तीन लोग घायल हुए और बिजली के खंभे से करंट लगने से एक व्यक्ति झुलस गया। नरवाल के सैर बाजवा गाँव में छत गिरने से दो महिलाएँ और सियालकोट के दरमा वाला इलाके में भी एक महिला घायल हुई।
ननकाना साहिब और शेखूपुरा में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाएँ घायल हुईं। ओकारा में पशुओं का बाड़ा गिरने से दो लोग घायल हो गए।
PDMA का कुल आँकड़ा
PDMA के महानिदेशक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पंजाब प्रांत में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 183 लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में पशुओं की भी मौत हुई है और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में भी तबाही
पंजाब से पहले खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। 19 जुलाई से अब तक वहाँ बारिश से जुड़ी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई — जिनमें 8 बच्चे, 7 पुरुष और 3 महिलाएँ शामिल हैं। घायलों में 11 पुरुष, 4 महिलाएँ और 4 बच्चे बताए गए हैं।
PDMA के अनुसार, प्रभावित जिलों में बुनेर, बाजौर, शांगला, स्वाबी, लोअर चितराल, अपर व लोअर दीर, पेशावर, एबटाबाद, मनसेहरा, तोर घर, कुर्रम तथा उत्तरी व दक्षिणी वजीरिस्तान शामिल हैं। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण अब तक 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत और बचाव अभियान
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रखा है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव में है और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता सीमित बताई जाती है। गौरतलब है कि 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से पाकिस्तान में मानसून आपदा प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की आशंका के मद्देनज़र अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।