26 जुलाई 2026
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पाकिस्तान के पंजाब में बारिश का कहर: 2 बच्चों समेत 7 की मौत, 20 घायल; छत गिरने और डूबने की घटनाएँ

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पाकिस्तान के पंजाब में बारिश का कहर: 2 बच्चों समेत 7 की मौत, 20 घायल; छत गिरने और डूबने की घटनाएँ

सारांश

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया — लाहौर से लेकर कसूर, फैसलाबाद और गुजरांवाला तक छत गिरने, डूबने और करंट लगने की घटनाओं में 2 बच्चों समेत 7 जानें गईं। PDMA के अनुसार इस सीजन में पंजाब में कुल 22 मौतें हो चुकी हैं, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में 19 जुलाई से अब तक 20 और लोगों की जान जा चुकी है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 जुलाई 2026 को पिछले 24 घंटों में भारी बारिश से 7 लोगों की मौत , 20 घायल ; मृतकों में 2 बच्चे शामिल।
मौतों की वजह छत गिरना, डूबना और बिजली का करंट — लाहौर, कसूर, फैसलाबाद, गुजरांवाला सबसे अधिक प्रभावित।
PDMA के अनुसार पंजाब में इस सीजन में कुल 22 मौतें और 183 घायल ।
खैबर पख्तूनख्वा में 19 जुलाई से अब तक 20 मौतें — जिनमें 8 बच्चे शामिल; 30 मकान क्षतिग्रस्त ।
प्रभावित जिलों में बुनेर, बाजौर, पेशावर, एबटाबाद, कुर्रम और वजीरिस्तान शामिल।
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रखा है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 26 जुलाई 2026 को पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश से जुड़े हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, मौतों की मुख्य वजह मकानों और छतों का गिरना, डूबना तथा बिजली का करंट लगना रहा।

मुख्य घटनाक्रम

लाहौर के गढ़ी शहू रेलवे कॉलोनी, बॉबी प्लाजा, सग्गियां पिंड और कहाना इलाकों में छत गिरने की चार अलग-अलग घटनाओं में एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य घायल हुए।

कसूर जिले में अड्डा ढिंग शाह के पास छत गिरने से एक पुरुष और एक बच्चे की मौत हो गई; एक महिला और दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए। फैसलाबाद में छत गिरने से एक महिला की जान गई, जबकि गुजरांवाला के पठान कॉलोनी इलाके में खेतों में जमा बारिश के पानी में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई।

बहावलनगर में छत गिरने से तीन लोग घायल हुए और बिजली के खंभे से करंट लगने से एक व्यक्ति झुलस गया। नरवाल के सैर बाजवा गाँव में छत गिरने से दो महिलाएँ और सियालकोट के दरमा वाला इलाके में भी एक महिला घायल हुई।

ननकाना साहिब और शेखूपुरा में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाएँ घायल हुईं। ओकारा में पशुओं का बाड़ा गिरने से दो लोग घायल हो गए।

PDMA का कुल आँकड़ा

PDMA के महानिदेशक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पंजाब प्रांत में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 183 लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में पशुओं की भी मौत हुई है और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

खैबर पख्तूनख्वा में भी तबाही

पंजाब से पहले खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। 19 जुलाई से अब तक वहाँ बारिश से जुड़ी घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई — जिनमें 8 बच्चे, 7 पुरुष और 3 महिलाएँ शामिल हैं। घायलों में 11 पुरुष, 4 महिलाएँ और 4 बच्चे बताए गए हैं।

PDMA के अनुसार, प्रभावित जिलों में बुनेर, बाजौर, शांगला, स्वाबी, लोअर चितराल, अपर व लोअर दीर, पेशावर, एबटाबाद, मनसेहरा, तोर घर, कुर्रम तथा उत्तरी व दक्षिणी वजीरिस्तान शामिल हैं। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण अब तक 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

राहत और बचाव अभियान

अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रखा है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव में है और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता सीमित बताई जाती है। गौरतलब है कि 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से पाकिस्तान में मानसून आपदा प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की आशंका के मद्देनज़र अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लोग डूबते हैं, और PDMA के आँकड़े जारी होते हैं। 2022 की महाबाढ़ के बाद पाकिस्तान को अरबों डॉलर की अंतरराष्ट्रीय सहायता मिली थी, फिर भी शहरी जल-निकासी और ग्रामीण आवास की कमज़ोरी जस की तस बनी है। लाहौर जैसे बड़े शहर में छत गिरने से मौतें यह बताती हैं कि समस्या केवल ग्रामीण बुनियादी ढाँचे की नहीं, बल्कि शहरी नियोजन की भी है। जब तक भवन-निर्माण मानकों की सख्त निगरानी और पूर्व-चेतावनी प्रणाली को ज़मीन पर नहीं उतारा जाता, यह त्रासदी हर साल दोहराती रहेगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान के पंजाब में बारिश से कितने लोगों की मौत हुई?
पिछले 24 घंटों में पंजाब प्रांत में भारी बारिश से जुड़े हादसों में 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं। PDMA के अनुसार इस पूरे मानसून सीजन में पंजाब में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है।
पाकिस्तान में बारिश से मौतें किन कारणों से हुईं?
PDMA के अनुसार मौतों की मुख्य वजह मकानों और छतों का गिरना, बारिश के पानी में डूबना और बिजली का करंट लगना रही। लाहौर, कसूर, फैसलाबाद और गुजरांवाला सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे।
खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ से क्या नुकसान हुआ?
19 जुलाई से अब तक खैबर पख्तूनख्वा में बारिश और अचानक आई बाढ़ से 20 लोगों की मौत हुई है — जिनमें 8 बच्चे, 7 पुरुष और 3 महिलाएँ शामिल हैं। 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और बुनेर, बाजौर, पेशावर समेत कई जिले प्रभावित हैं।
पाकिस्तान में राहत और बचाव कार्य कैसा चल रहा है?
PDMA और स्थानीय अधिकारी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका के मद्देनज़र नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
क्या पाकिस्तान में हर साल मानसून में इतनी मौतें होती हैं?
हाँ, पाकिस्तान में मानसून के दौरान छत गिरने, बाढ़ और करंट लगने से हर साल बड़ी संख्या में जानें जाती हैं। 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से आपदा प्रबंधन और शहरी जल-निकासी व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी अब भी बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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