22 जुलाई 2026
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पाकिस्तान के पंजाब में मानसूनी तबाही: गुजरांवाला समेत 4 शहरों में 8 मौतें, 14 घायल

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पाकिस्तान के पंजाब में मानसूनी तबाही: गुजरांवाला समेत 4 शहरों में 8 मौतें, 14 घायल

सारांश

पाकिस्तान के पंजाब में मानसूनी बारिश ने गुजरांवाला, पाकपत्तन और लाहौर में 8 जानें लीं और 14 को घायल किया। खैबर पख्तूनख्वा में पहले ही 9 मौतें हो चुकी थीं। पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग घंटों बंद रहा। मानसून का कहर अभी थमा नहीं है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 22 जुलाई 2026 को भारी बारिश से 8 लोगों की मौत , 14 घायल ।
गुजरांवाला में सर्वाधिक 6 मौतें , मृतकों में अधिकांश बच्चे; 10 घंटे की बारिश से शहर जलमग्न।
पाकपत्तन में छत गिरने से 2 नाबालिग बच्चों की मौत ; लाहौर के गुलशन-ए-रावी में 4 मजदूर घायल ।
इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ और बादल फटने से 9 और मौतें हो चुकी थीं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग 9 स्थानों पर जलभराव के कारण कई घंटे बंद रहा।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 22 जुलाई 2026 को भारी मानसूनी बारिश ने गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर में व्यापक तबाही मचाई, जिसमें अलग-अलग हादसों में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। मकान की छतें-दीवारें गिरने, तालाब में डूबने और करंट लगने की घटनाएँ मौत का प्रमुख कारण रहीं।

गुजरांवाला में सर्वाधिक नुकसान

गुजरांवाला शहर में 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश बच्चे थे, जबकि 10 लोग घायल हुए। गुजरात में जीटी रोड बाईपास पर बारिश से सड़क फिसलन भरी हो जाने के कारण एक ट्रेलर खाई में जा गिरा। गुजरात और गुजरांवाला में करीब 10 घंटे की लगातार भारी बारिश के बाद मुख्य सड़कें और आसपास के इलाके पानी में डूब गए, जिससे व्यावसायिक गतिविधियाँ और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, एमिनाबाद और गखड़ मंडी के बीच मेट्रो बस मार्ग के लिए जीटी रोड पर जारी खुदाई कार्य ने जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना दिया। राहत एवं बचाव अधिकारियों के अनुसार, मौतों का कारण मकान की छत और दीवार गिरने से लगी चोट, तालाब में डूबना या करंट लगना रहा।

पाकपत्तन और लाहौर में भी हादसे

पाकपत्तन में बारिश के दौरान एक मकान की छत गिरने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी माँ घायल हो गईं। लाहौर के गुलशन-ए-रावी इलाके में एक फैक्ट्री की छत ढहने से चार मजदूर घायल हो गए।

खैबर पख्तूनख्वा में पहले ही हो चुकी थीं 9 मौतें

इससे पहले सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर, मर्दान और बाजौर जिलों में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ से 9 लोगों की मौत हो चुकी थी। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी के हवाले से बताया गया कि लांडी कोटल में दो युवकों के शव बरामद हुए, जबकि जमरूद के अलग-अलग इलाकों से एक महिला और बच्चे समेत चार अन्य लोगों के शव मिले। मर्दान में मकान की छत गिरने से दो बच्चों की मौत और बाजौर में एक अन्य व्यक्ति की जान जाने से मृतकों की कुल संख्या 9 पहुँच गई थी।

मानसेहरा, एबटाबाद, चित्राल, शांगला और अन्य जिलों में बादल फटने से सड़कें, पुल, मकान, दुकानें, मछली फार्म, बागान, फसलें और सार्वजनिक ढाँचा क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली और संचार सेवाएँ भी कई घंटों तक बाधित रहीं।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग घंटों बंद

पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग पर 9 स्थानों पर बाढ़ का पानी भर जाने और मौसमी नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँचने के कारण राजमार्ग कई घंटों तक बंद रहा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लांडी कोटल में अफगान नागरिकों को ले जा रहा एक वाहन बाढ़ में बह गया, जबकि जकारिया मस्जिद और सुल्तानखेल गाँव के पास दो अन्य वाहन पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद वाहनों में सवार लोगों को बचाया। खैबर जिले में बाढ़ के पानी में फंसे एक व्यक्ति का मदद माँगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हालाँकि तेज बहाव में वह बह गया।

आगे क्या

मानसून का मौसम अभी जारी है और पाकिस्तान के कई प्रांतों में भारी बारिश की चेतावनी बरकरार है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं, लेकिन जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत कार्य में बाधाएँ आ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से अपने बुनियादी ढाँचे की मरम्मत में जुटा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बुनियादी ढाँचे की तैयारी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ती। गुजरांवाला में मेट्रो बस मार्ग की खुदाई ने जलभराव को और गंभीर बनाया — यह संकेत है कि शहरी विकास परियोजनाएँ आपदा प्रबंधन के साथ समन्वय में नहीं चल रहीं। 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद भी जलनिकासी तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया में सुधार की गति पर सवाल उठते हैं। जब तक नीति-निर्माण में आपदा-सह्यता को प्राथमिकता नहीं मिलती, हर मानसून में यही त्रासदी दोहराती रहेगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान के पंजाब में बारिश से कितने लोगों की मौत हुई?
22 जुलाई 2026 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। मौतों का कारण मकान की छत-दीवार गिरना, तालाब में डूबना और करंट लगना रहा।
गुजरांवाला में बारिश से क्या हुआ?
गुजरांवाला में करीब 10 घंटे की भारी बारिश से 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश बच्चे थे, और 10 लोग घायल हुए। मेट्रो बस मार्ग के लिए जीटी रोड पर जारी खुदाई कार्य ने जलभराव की स्थिति को और बिगाड़ दिया।
खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ?
सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा के खैबर, मर्दान और बाजौर जिलों में 9 लोगों की मौत हुई। मानसेहरा, एबटाबाद, चित्राल और शांगला समेत कई जिलों में सड़कें, पुल, मकान, फसलें और सार्वजनिक ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ, बिजली व संचार सेवाएँ भी बाधित रहीं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग क्यों बंद रहा?
खैबर जिले में बाढ़ के पानी ने 9 स्थानों पर सड़कें डूबो दीं और मौसमी नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया, जिससे पाकिस्तान-अफगानिस्तान राजमार्ग कई घंटों तक बंद रहा। लांडी कोटल में अफगान नागरिकों को ले जा रहा एक वाहन बाढ़ में बह गया।
क्या पाकिस्तान में बारिश का खतरा अभी भी बना हुआ है?
हाँ, मानसून का मौसम जारी है और कई प्रांतों में भारी बारिश की चेतावनी बरकरार है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं, लेकिन जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कें राहत कार्य में बाधा बन रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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