14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं?

सारांश

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गंभीर बाढ़ के हालात, मूसलधार बारिश से 14.6 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित। जानें क्या है स्थिति और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

पाकिस्तान में बाढ़ से 14.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी दी है।
बाढ़ के कारण जान-माल का नुकसान बढ़ सकता है।

इस्लामाबाद, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कई दशकों बाद आई भयंकर बाढ़ ने स्थिति को बेकाबू कर दिया है। शनिवार को आई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मूसलधार बारिश के कारण आए फ्लैश फ्लड और शहरी क्षेत्रों में जलजमाव से 28 और लोगों की जान गई है।

पंजाब प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, सतलुज, रावी और चिनाब नदियों में आई बाढ़ के चलते 1,769 मौजों के 14.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

मौसम विभाग (पीएमडी) ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों जैसे पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा (केपी), पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, इस्लामाबाद और पोटोहार क्षेत्र में तेज बारिश, आंधी और तूफान की संभावना है। इससे फ्लैश फ्लड, शहरी बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। उत्तर-पूर्वी बलूचिस्तान, दक्षिण-पूर्वी सिंध और पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में भी शाम तक भारी बारिश का अनुमान है।

पीएमडी ने कहा कि उत्तरी केपी, मुर्री, गल्लियत, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और उत्तर-पूर्वी पंजाब में नालों और धाराओं में बाढ़ आ सकती है। इसके अलावा, लाहौर, गुजरांवाला और सियालकोट जैसे निचले क्षेत्रों में शहरी बाढ़ का खतरा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा धंसने से सड़कें भी प्रभावित हो सकती हैं।

पीएमडीए ने ओकारा और साहीवाल जिलों में भी खतरे की चेतावनी दी है। प्राधिकरण ने कहा कि रावी नदी का बढ़ता जलस्तर अगले 36 घंटों में सदानी इलाके को डुबो सकता है। चेतावनी में कहा गया, "जब बल्लोकी में पानी का स्तर ऊंचा होगा तो नाले के तटबंध पर खतरा बढ़ जाएगा।"

सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कसूर शहर को बचाने के लिए जानबूझकर आरआरए-1 तटबंध तोड़ दिया है, क्योंकि सतलुज नदी का जलस्तर 1955 के बाद पहली बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

शुक्रवार को बाढ़ का पानी देश के दूसरे सबसे बड़े शहर लाहौर तक पहुंच गया और प्रमुख कस्बे झंग को डूबोने की आशंका जताई गई। यह क्षेत्र लगभग 40 साल में सबसे भयंकर बाढ़ का सामना कर रहा है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सियालकोट जिले के हेड मराला पर चिनाब नदी के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है और लोगों को एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं। मराला, खांकी और कादिराबाद हेडवर्क्स पर ऊंचे बाढ़ स्तर का खतरा बताया गया है और निवासियों से किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भी खतरे में डाल रहा है। हमें इस स्थिति में एकजुट होकर समर्थन करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में बाढ़ का कारण क्या है?
पाकिस्तान में हालिया मूसलधार बारिश और नदियों में बाढ़ का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आई है।
बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
14.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राहत कार्य कर रहे हैं और लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 10 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले