साउथ वजीरिस्तान में सुरक्षा संकट: धारा 144 लागू, कर्फ्यू का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- साउथ वजीरिस्तान में सुरक्षा स्थिति गंभीर है।
- धारा 144 लागू की गई है।
- कर्फ्यू की अवधि सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक है।
- सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
- गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इस्लामाबाद, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। साउथ वजीरिस्तान क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति पिछले कुछ महीनों में काफी बिगड़ गई है। यहाँ पर आतंकी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस कारण से, पाकिस्तान के साउथ वजीरिस्तान अपर और साउथ वजीरिस्तान लोअर जिलों में धारा १४४ लागू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए और सामान की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यह कदम उठाया है। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा बलों की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए लिया गया है।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, साउथ वजीरिस्तान अपर के डिप्टी कमिश्नर असमतुल्लाह वजीर ने बताया कि पाकिस्तान की सरवे काई और सरारोगा तहसीलों में सुबह ६ बजे से शाम ६ बजे (स्थानीय समय) तक धारा १४४ लागू रहेगी। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा, और सभी बाजार तथा व्यावसायिक केंद्र बंद रहेंगे।
जिन मार्गों पर असर पड़ेगा, उनमें सररोघा, कोट काई, माकिन और स्पिनकाई रघजई से नजर खेल तक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दरगई ब्रिज से मादी जान, शीन वारसाक और मोले खान सराय होते हुए चगमलाई तक का मार्ग भी बंद रहेगा।
साउथ वजीरिस्तान लोअर के डिप्टी कमिश्नर मुसर्रत जमान ने बताया कि वाना के विभिन्न हिस्सों में भी धारा १४४ लागू की गई है। यह कर्फ्यू गैर-जरूरी आवाजाही पर रोक लगाता है और इसे सुरक्षा खतरों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के मद्देनजर लागू किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित मार्गों में तैयर्जा गेट, करब कोट, तनई, वाना और अजीजाबाद चौक से दरगई ब्रिज तक का क्षेत्र शामिल है। लोगों को केवल आपात स्थिति में पुलिस या सुरक्षा बलों की पूर्व अनुमति और वैध पहचान व यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत करने के उपरांत ही सड़क पर चलने की अनुमति होगी।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, जमान ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी उल्लंघन की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।
दोनों जिलों में धारा १४४ लागू रहने के दौरान केवल मंजूरशुदा आंदोलन की ही इजाजत होगी, और लोगों को सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की सलाह दी गई है।