19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के बीच तनाव बढ़ रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के बीच तनाव बढ़ रहा है?

सारांश

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना के बीच बढ़ते तनाव ने सुरक्षा स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है। हाल की विफलताओं और तालिबान के हमलों ने आईएसआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। क्या यह स्थिति पाकिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित करेगी? जानें इस जटिल मामले के सभी पहलुओं को।

मुख्य बातें

पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के बीच बढ़ता तनाव तालिबान के हमले और आईएसआई की विफलता फील्ड मार्शल मुनीर का नेतृत्व और उनकी भूमिका टीएलपी का बदलता दृष्टिकोण क्षेत्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभाव

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कभी दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी जासूसी एजेंसियों में से एक मानी जाने वाली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब चरमराती दिख रही है।

पाकिस्तानी सेना विशेष रूप से आईएसआई से नाराज है, क्योंकि वह अफगान तालिबान, तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान (टीटीपी) और ऑपरेशन सिंदूर के हमलों के बारे में खुफिया जानकारी देने में विफल रही। सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल असीम मुनीर, कथित तौर पर अफगान तालिबान द्वारा पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कई सफल हमलों के बाद खुफिया एजेंसियों से नाराज हैं।

इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और कई अन्य को घायल कर दिया। वहीं भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इन शर्मनाक घटनाओं ने आईएसआई में बड़े पैमाने पर फेरबदल करने के लिए प्रेरित किया है।

तालिबान और टीटीपी कभी आईएसआई की संपत्ति हुआ करते थे। आज, वे कट्टर दुश्मन हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई द्वारा पोषित संगठन से हारना शर्मनाक से कम नहीं है।

आईएसआई की एक और नाकामी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) का विरोध प्रदर्शन है। टीएलपी और आईएसआई के बीच अच्छे संबंध थे, और एजेंसी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस संगठन का इस्तेमाल करती थी। आईएसआई ने नवाज शरीफ और इमरान खान, दोनों के खिलाफ टीएलपी का इस्तेमाल किया, और दोनों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।

आज, टीएलपी सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ हथियार उठा रही है, और यह आईएसआई की एक बड़ी विफलता का संकेत है। कश्मीर के मोर्चे पर भी, आईएसआई हारती दिख रही है। ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान को गहरी नींद में डाल दिया। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि खुफिया विभाग की यह विफलता मुख्यतः सेना के अत्यधिक हस्तक्षेप, समन्वय की कमी और आपसी कलह के कारण है।

फील्ड मार्शल मुनीर के नेतृत्व में, अब वह आईएसआई को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दे रहे हैं। कामकाज से लेकर नियुक्तियों तक, हर चीज पर उनका ही नियंत्रण है। इससे पार्टी के नेताओं में भारी नाराजगी है। इसी वजह से मुनीर ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में एक बैठक बुलाई। इस बैठक में सेना और आईएसआई दोनों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे, जो अफगान तालिबान द्वारा पाकिस्तान की सैन्य चौकियों पर किए गए सफल हमलों के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी।

मुनीर ने उच्च-स्तरीय बैठक में अपनी नाराज़गी व्यक्त की और अधिकारियों को आगे किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने इस बारे में विस्तृत जवाब भी मांगा कि खुफिया विभाग बार-बार क्यों विफल हो रहा है। फील्ड मार्शल मुनीर ने अफगान तालिबान के खिलाफ योजना की कमी के लिए अपने ही अधिकारियों की खिंचाई की। उन्होंने कहा कि रणनीति की स्पष्ट कमी ही तालिबान के खिलाफ शर्मनाक स्थिति का कारण बनी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ेगा। हमें इस स्थिति को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?
आईएसआई की विफलताओं और तालिबान के हमलों के कारण सेना में नाराज़गी बढ़ रही है।
क्या तालिबान ने पाकिस्तानी सैनिकों पर हमले किए हैं?
हाँ, तालिबान ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया है।
आईएसआई की विफलताओं का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण सेना का अत्यधिक हस्तक्षेप, समन्वय की कमी और आपसी कलह है।
फील्ड मार्शल मुनीर की भूमिका क्या है?
फील्ड मार्शल मुनीर आईएसआई को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दे रहे हैं।
टीएलपी और आईएसआई के बीच क्या संबंध हैं?
टीएलपी और आईएसआई के बीच पहले अच्छे संबंध थे, लेकिन अब टीएलपी आईएसआई के खिलाफ खड़ी हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले