पनामा में 6.1 तीव्रता का तीसरा भूकंप, तीन दिन में तीन झटके; आपातकाल घोषित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य अमेरिकी देश पनामा में 13 अक्टूबर 2026 को तड़के भारतीय समयानुसार 4:50 बजे रिक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे पहले से दहशत में जी रहे लोग एक बार फिर सड़कों पर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह पिछले तीन दिनों में पनामा में आने वाला तीसरा बड़ा भूकंप है।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार तड़के आए 6.1 तीव्रता के इस भूकंप ने सड़कों और इमारतों को एक बार फिर नुकसान पहुँचाया। झटके महसूस होते ही लोग अपने घर और दफ्तर छोड़कर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े। रात के अंधेरे में खुले स्थानों पर खड़े लोग सुबह होने तक हालात की जानकारी का इंतजार करते रहे।
गौरतलब है कि इससे महज तीन दिन पहले, शुक्रवार की देर रात और शनिवार तड़के, पनामा पहले ही दो विनाशकारी भूकंपों की चपेट में आ चुका था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, शुक्रवार की सुबह पनामा के दक्षिणी छोर के निकट 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे राजधानी पनामा सिटी से 100 मील से अधिक दूर तक इमारतें हिल गई थीं। इसके बाद दिन में कई आफ्टरशॉक आए और फिर 6.6 तीव्रता का एक और बड़ा भूकंप दर्ज किया गया।
नुकसान और जनजीवन पर असर
भूकंपों की इस श्रृंखला से पनामा सिटी सहित कई इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ है। कई इमारतों की दीवारों पर गहरी दरारें पड़ गईं। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग इतने भयभीत हैं कि उनमें घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं है। रात भर लोग खुले स्थानों पर डेरा डाले रहे। यह ऐसे समय में आया है जब पनामा की राहत और बचाव एजेंसियाँ पहले के दो बड़े झटकों से हुए नुकसान का आकलन ही कर रही थीं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आपातकाल
पनामा सरकार ने शुरुआती 7.7 और 6.6 तीव्रता के भूकंपों के बाद ही देश में आपातकाल घोषित कर दिया था। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने तथा प्रभावित समुदायों की मदद के लिए यह कदम उठाया गया। अब नए झटके के साथ राहत अभियान की चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं।
भारत की एकजुटता
पनामा की विपदा पर भारत ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता दर्शाता है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी घायल और प्रभावित लोगों के साथ हैं, विशेष रूप से उन परिवारों के साथ जिन्होंने नुकसान और कठिनाइयों का सामना किया है।'
क्या होगा आगे
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बड़े भूकंप के बाद के दिनों में आफ्टरशॉक की श्रृंखला जारी रह सकती है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त संरचनाओं को अतिरिक्त खतरा होता है। पनामा में राहत अभियान जारी है और अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में नुकसान का पूरा आकलन सामने आने की संभावना है।