13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पनामा में 6.1 तीव्रता का तीसरा भूकंप, तीन दिन में तीन झटके; आपातकाल घोषित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पनामा में 6.1 तीव्रता का तीसरा भूकंप, तीन दिन में तीन झटके; आपातकाल घोषित

सारांश

तीन दिन में तीसरा भूकंप — पनामा के लिए राहत नहीं थमी। 7.7 और 6.6 के बाद अब 6.1 तीव्रता के झटके ने फिर दहशत फैलाई। आपातकाल जारी है, भारत ने एकजुटता जताई और विदेश मंत्री जयशंकर ने पनामा के साथ खड़े रहने का संदेश दिया।

मुख्य बातें

13 अक्टूबर 2026 को तड़के भारतीय समयानुसार 4:50 बजे पनामा में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
तीन दिन में तीसरा बड़ा झटका — इससे पहले 7.7 और 6.6 तीव्रता के भूकंप आ चुके थे।
पनामा सरकार ने पहले ही देश में आपातकाल घोषित किया हुआ है; राहत-बचाव कार्य जारी हैं।
जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर पनामा के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त की।

मध्य अमेरिकी देश पनामा में 13 अक्टूबर 2026 को तड़के भारतीय समयानुसार 4:50 बजे रिक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे पहले से दहशत में जी रहे लोग एक बार फिर सड़कों पर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। यह पिछले तीन दिनों में पनामा में आने वाला तीसरा बड़ा भूकंप है।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार तड़के आए 6.1 तीव्रता के इस भूकंप ने सड़कों और इमारतों को एक बार फिर नुकसान पहुँचाया। झटके महसूस होते ही लोग अपने घर और दफ्तर छोड़कर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े। रात के अंधेरे में खुले स्थानों पर खड़े लोग सुबह होने तक हालात की जानकारी का इंतजार करते रहे।

गौरतलब है कि इससे महज तीन दिन पहले, शुक्रवार की देर रात और शनिवार तड़के, पनामा पहले ही दो विनाशकारी भूकंपों की चपेट में आ चुका था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, शुक्रवार की सुबह पनामा के दक्षिणी छोर के निकट 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे राजधानी पनामा सिटी से 100 मील से अधिक दूर तक इमारतें हिल गई थीं। इसके बाद दिन में कई आफ्टरशॉक आए और फिर 6.6 तीव्रता का एक और बड़ा भूकंप दर्ज किया गया।

नुकसान और जनजीवन पर असर

भूकंपों की इस श्रृंखला से पनामा सिटी सहित कई इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ है। कई इमारतों की दीवारों पर गहरी दरारें पड़ गईं। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग इतने भयभीत हैं कि उनमें घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं है। रात भर लोग खुले स्थानों पर डेरा डाले रहे। यह ऐसे समय में आया है जब पनामा की राहत और बचाव एजेंसियाँ पहले के दो बड़े झटकों से हुए नुकसान का आकलन ही कर रही थीं।

सरकार की प्रतिक्रिया और आपातकाल

पनामा सरकार ने शुरुआती 7.7 और 6.6 तीव्रता के भूकंपों के बाद ही देश में आपातकाल घोषित कर दिया था। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने तथा प्रभावित समुदायों की मदद के लिए यह कदम उठाया गया। अब नए झटके के साथ राहत अभियान की चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं।

भारत की एकजुटता

पनामा की विपदा पर भारत ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता दर्शाता है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी घायल और प्रभावित लोगों के साथ हैं, विशेष रूप से उन परिवारों के साथ जिन्होंने नुकसान और कठिनाइयों का सामना किया है।'

क्या होगा आगे

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बड़े भूकंप के बाद के दिनों में आफ्टरशॉक की श्रृंखला जारी रह सकती है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त संरचनाओं को अतिरिक्त खतरा होता है। पनामा में राहत अभियान जारी है और अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में नुकसान का पूरा आकलन सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

6.6 और अब 6.1 तीव्रता के भूकंपों की यह श्रृंखला केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक राष्ट्र की आपदा तैयारी की असली परीक्षा है। आपातकाल की घोषणा सही दिशा में कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि लगातार आफ्टरशॉक के बीच राहत तंत्र कितना टिकाऊ है। भारत जैसे देशों की कूटनीतिक एकजुटता प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, पर प्रभावित देशों को ठोस तकनीकी और भौतिक सहायता की दरकार होती है — जिसका विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पनामा में हाल ही में कितने भूकंप आए हैं?
तीन दिनों के भीतर पनामा में तीन बड़े भूकंप आए हैं — पहले 7.7 तीव्रता, फिर 6.6 तीव्रता, और अब 13 अक्टूबर 2026 को 6.1 तीव्रता का झटका। इन सभी का केंद्र पनामा के दक्षिणी क्षेत्र के निकट रहा।
पनामा में आपातकाल क्यों घोषित किया गया?
पनामा सरकार ने 7.7 और 6.6 तीव्रता के शुरुआती भूकंपों के बाद राहत-बचाव कार्यों को तेज करने और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए आपातकाल घोषित किया था। भूकंपों से कई इमारतें और सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना पड़ा।
भारत ने पनामा भूकंप पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर पनामा की सरकार और जनता के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि भारत इस कठिन समय में पनामा के साथ खड़ा है।
13 अक्टूबर के भूकंप का केंद्र कहाँ था?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को आए 6.1 तीव्रता के भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
पनामा में भूकंप से क्या नुकसान हुआ है?
भूकंपों से पनामा सिटी समेत कई इलाकों में इमारतों की दीवारों पर दरारें आईं और सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। लोग भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए और रात भर खुले स्थानों पर रहे। नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले