24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीयूष गोयल ने बर्लिन में भारतीय शोधार्थियों-छात्रों से की मुलाकात, नवाचार और स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय मंच देने का वादा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल ने बर्लिन में भारतीय शोधार्थियों-छात्रों से की मुलाकात, नवाचार और स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय मंच देने का वादा

सारांश

बर्लिन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय शोधार्थियों-छात्रों से मिलकर उन्हें विकसित भारत की यात्रा में जोड़ा, स्टार्टअप को वैश्विक मंच का वादा किया और DGAP इंडिया सेंटर का उद्घाटन कर भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई संस्थागत ज़मीन दी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 24 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शोधार्थियों और छात्रों से संवाद किया।
शोधार्थियों के नवाचार और स्टार्टअप प्रयासों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में मंच देने का सरकारी आश्वासन मिला।
गोयल ने जर्मनी के जी7 व जी20 शेरपा लेविन होले और संघीय मंत्री कैथरीना राइचे के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
दोनों मंत्रियों ने बर्लिन में DGAP के इंडिया सेंटर का संयुक्त उद्घाटन किया — भारत-जर्मनी नीति संवाद के लिए नई संस्थागत पहल।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं और द्विपक्षीय व्यापार-निवेश पर विस्तृत चर्चा हुई।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 24 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शोधार्थियों और छात्रों के साथ विशेष संवाद किया। इस बैठक में उन्होंने विदेश में अध्ययन और अनुसंधान कर रहे भारतीय प्रतिभाओं के लिए सरकारी सहयोग-तंत्र को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा की और उन्हें विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि इन युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप प्रयासों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों तथा प्रदर्शनियों में प्रदर्शन का अवसर दिया जाएगा।

बातचीत का मुख्य संदेश

गोयल ने शोधार्थियों और छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भारत की विकास यात्रा में योगदान जारी रखें। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'बर्लिन में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधार्थियों और छात्रों के साथ शानदार बातचीत हुई।' मंत्री ने प्रतिभागियों से विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए सपोर्ट सिस्टम को प्रभावी बनाने पर विचार भी सुने।

नवाचार और स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय मंच

गोयल ने प्रतिभागियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके स्टार्टअप और नवाचार कार्यों को महत्वपूर्ण व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में स्थान दिलाएगी, ताकि वैश्विक मंच पर भारत की उद्यमशीलता की कहानी सशक्त रूप से प्रस्तुत हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

जर्मनी के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात

इसी यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने जर्मनी के चांसलर के आर्थिक एवं वित्तीय नीति सलाहकार तथा जी7 और जी20 शेरपा लेविन होले से भी बैठक की। इस चर्चा का केंद्र भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाना और साझा वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाना रहा। इसके अतिरिक्त जर्मन संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना राइचे के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई।

DGAP इंडिया सेंटर का उद्घाटन

पीयूष गोयल और जर्मन मंत्री कैथरीना राइचे ने संयुक्त रूप से बर्लिन स्थित जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) के इंडिया सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र भारत-जर्मनी संबंधों पर नीतिगत शोध और संवाद को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है — दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक ठोस संस्थागत कदम।

भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा

गौरतलब है कि इससे पहले भारत और जर्मनी ने औद्योगिक सहयोग के अवसरों और प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए भारत-जर्मनी बिजनेस गोलमेज और बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में भी मंत्री की भागीदारी रही। यह समग्र यात्रा व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और उद्योग में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊँचाई देने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

शोध अनुदान की पोर्टेबिलिटी या भारत-जर्मनी सामाजिक सुरक्षा समझौते — के बीच का अंतर अभी भी भरा नहीं गया है। DGAP इंडिया सेंटर का उद्घाटन एक सकारात्मक संस्थागत कदम है, परंतु भारत-EU FTA पर बातचीत वर्षों से अटकी है और एकल संवाद से यह गति नहीं पकड़ेगी।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल की बर्लिन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 24 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में भारत-जर्मनी व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के उद्देश्य से गए थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय शोधार्थियों-छात्रों से संवाद किया, जर्मन शीर्ष अधिकारियों से बैठकें कीं और DGAP इंडिया सेंटर का उद्घाटन किया।
DGAP इंडिया सेंटर क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
DGAP इंडिया सेंटर बर्लिन स्थित जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में स्थापित एक नया केंद्र है, जो भारत-जर्मनी संबंधों पर नीतिगत शोध और संवाद को बढ़ावा देगा। इसका उद्घाटन पीयूष गोयल और जर्मन संघीय मंत्री कैथरीना राइचे ने संयुक्त रूप से किया।
भारतीय शोधार्थियों और छात्रों को क्या आश्वासन मिला?
गोयल ने शोधार्थियों और छात्रों को आश्वस्त किया कि उनके नवाचार और स्टार्टअप कार्यों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में मंच दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने विदेश में रह रहे भारतीयों के सपोर्ट सिस्टम को और सशक्त बनाने की बात कही।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर बर्लिन में क्या चर्चा हुई?
भारत और जर्मनी ने प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं और द्विपक्षीय व्यापार-निवेश को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह चर्चा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा थी।
पीयूष गोयल ने बर्लिन में किन जर्मन अधिकारियों से मुलाकात की?
गोयल ने जर्मनी के चांसलर के आर्थिक एवं वित्तीय नीति सलाहकार और जी7 व जी20 शेरपा लेविन होले तथा जर्मन संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना राइचे से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने भारत-जर्मनी बिजनेस गोलमेज और बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में भी भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले