पीयूष गोयल का बर्लिन दौरा: जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश, विनिर्माण और नवाचार का आमंत्रण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 23 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में जर्मनी के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और स्पष्ट किया कि भारत जर्मन कंपनियों के लिए निवेश, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में असाधारण संभावनाएँ समेटे हुए है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के पास विश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और परस्पर पूरक क्षमताओं पर आधारित एक सुदृढ़ आर्थिक साझेदारी खड़ी करने का ऐतिहासिक अवसर है।
फ्रेसेनियस ग्रुप से स्वास्थ्य सेवा सहयोग पर चर्चा
गोयल ने फ्रेसेनियस ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल सेन के साथ विस्तृत बातचीत की। इस बैठक में भारत के तेज़ी से विस्तार पा रहे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती चिकित्सा समाधानों की बढ़ती माँग तथा देश की सुदृढ़ विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाकर द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विचार-विमर्श हुआ।
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'फ्रेसेनियस ग्रुप के सीईओ श्री माइकल सेन के साथ एक सार्थक बैठक हुई। भारत के तेज़ी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा समाधानों की बढ़ती माँग और मजबूत विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की गई।'
बेयर फार्मास्यूटिकल्स और नॉफ ग्रुप के साथ विस्तार योजनाएँ
मंत्री की बेयर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष स्टीफन ओएलरिख के साथ भी बैठक हुई, जिसमें भारत में बेयर की विस्तार योजनाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश, नवाचार तथा सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, गोयल ने नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिलदिज से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण विस्तार, टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढाँचा विकास के क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया। यह सहयोग भारत में तेज़ी से हो रहे शहरीकरण और आर्थिक परिवर्तन के अनुरूप देखा जा रहा है।
DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन में भागीदारी
इन बैठकों से पहले गोयल ने जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे भी उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में गोयल ने कहा कि यह केंद्र भारत-जर्मनी संबंधों की बढ़ती मज़बूती और दोनों देशों की आपसी सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'हमारी पूरक ताकतें महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मज़बूत आधार प्रदान करती हैं। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता इस साझेदारी को और अधिक गति देने का काम करेगा।'
ESMT राउंडटेबल: भविष्य की साझेदारी की रूपरेखा
ESMT बर्लिन द्वारा आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी गोयल ने कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने भारत की कुशल प्रतिभा और विश्वस्तरीय उत्पादन क्षमता का ज़िक्र करते हुए कहा कि जर्मन कंपनियाँ इनका उपयोग कर न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाज़ारों की ज़रूरतें भी पूरी कर सकती हैं।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुँच रही है। दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों से परस्पर विकास के लिए नए सहयोगी अवसर तलाशने का आह्वान करते हुए गोयल ने विश्वास जताया कि भारत-जर्मनी व्यापारिक एवं आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊँचाइयाँ छुएगी।