23 अक्टूबर 2026
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पीयूष गोयल का बर्लिन दौरा: जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश, विनिर्माण और नवाचार का आमंत्रण

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पीयूष गोयल का बर्लिन दौरा: जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश, विनिर्माण और नवाचार का आमंत्रण

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बर्लिन दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं था — यह भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को नई धुरी देने की रणनीतिक पहल थी। फ्रेसेनियस, बेयर और नॉफ जैसी दिग्गज कंपनियों से सीधी बातचीत और DGAP इंडिया सेंटर का उद्घाटन बताता है कि भारत यूरोपीय निवेशकों के लिए अब सिर्फ बाज़ार नहीं, विनिर्माण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 23 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में जर्मनी के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारत में निवेश एवं विनिर्माण के अवसर रेखांकित किए।
फ्रेसेनियस ग्रुप के CEO माइकल सेन से भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग गहरा करने पर चर्चा हुई।
बेयर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन प्रमुख स्टीफन ओएलरिख से भारत में विस्तार योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
नॉफ ग्रुप के साथ टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढाँचा विकास में सहयोग पर सहमति बनी।
DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन में भाग लिया; जर्मनी की मंत्री कैथरीना रीचे भी उपस्थित रहीं।
गोयल ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी में गति लाने वाला बताया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 23 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में जर्मनी के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और स्पष्ट किया कि भारत जर्मन कंपनियों के लिए निवेश, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में असाधारण संभावनाएँ समेटे हुए है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के पास विश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और परस्पर पूरक क्षमताओं पर आधारित एक सुदृढ़ आर्थिक साझेदारी खड़ी करने का ऐतिहासिक अवसर है।

फ्रेसेनियस ग्रुप से स्वास्थ्य सेवा सहयोग पर चर्चा

गोयल ने फ्रेसेनियस ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल सेन के साथ विस्तृत बातचीत की। इस बैठक में भारत के तेज़ी से विस्तार पा रहे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती चिकित्सा समाधानों की बढ़ती माँग तथा देश की सुदृढ़ विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाकर द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विचार-विमर्श हुआ।

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'फ्रेसेनियस ग्रुप के सीईओ श्री माइकल सेन के साथ एक सार्थक बैठक हुई। भारत के तेज़ी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा समाधानों की बढ़ती माँग और मजबूत विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की गई।'

बेयर फार्मास्यूटिकल्स और नॉफ ग्रुप के साथ विस्तार योजनाएँ

मंत्री की बेयर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष स्टीफन ओएलरिख के साथ भी बैठक हुई, जिसमें भारत में बेयर की विस्तार योजनाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश, नवाचार तथा सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त, गोयल ने नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिलदिज से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण विस्तार, टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढाँचा विकास के क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करने पर बल दिया गया। यह सहयोग भारत में तेज़ी से हो रहे शहरीकरण और आर्थिक परिवर्तन के अनुरूप देखा जा रहा है।

DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन में भागीदारी

इन बैठकों से पहले गोयल ने जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे भी उपस्थित रहीं।

अपने संबोधन में गोयल ने कहा कि यह केंद्र भारत-जर्मनी संबंधों की बढ़ती मज़बूती और दोनों देशों की आपसी सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'हमारी पूरक ताकतें महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मज़बूत आधार प्रदान करती हैं। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता इस साझेदारी को और अधिक गति देने का काम करेगा।'

ESMT राउंडटेबल: भविष्य की साझेदारी की रूपरेखा

ESMT बर्लिन द्वारा आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी गोयल ने कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने भारत की कुशल प्रतिभा और विश्वस्तरीय उत्पादन क्षमता का ज़िक्र करते हुए कहा कि जर्मन कंपनियाँ इनका उपयोग कर न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाज़ारों की ज़रूरतें भी पूरी कर सकती हैं।

गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुँच रही है। दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों से परस्पर विकास के लिए नए सहयोगी अवसर तलाशने का आह्वान करते हुए गोयल ने विश्वास जताया कि भारत-जर्मनी व्यापारिक एवं आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊँचाइयाँ छुएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुचिंतित कूटनीतिक पहल है। हालाँकि, फ्रेसेनियस, बेयर और नॉफ जैसी कंपनियों से हुई बातचीत के ठोस निवेश-आँकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, इसलिए वास्तविक प्रभाव का आकलन समय की माँग है। भारत के स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में जर्मन पूँजी का प्रवाह घरेलू रोज़गार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, बशर्ते नीतिगत अनुमोदन प्रक्रिया उतनी ही तेज़ हो जितनी मंत्री की बयानबाज़ी।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल के बर्लिन दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 23 अक्टूबर 2026 को बर्लिन में जर्मन उद्योगपतियों से मिले और भारत में निवेश, विनिर्माण व नवाचार के अवसरों को रेखांकित किया। इसके साथ ही उन्होंने DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन और ESMT बर्लिन के बिजनेस राउंडटेबल में भी भाग लिया।
फ्रेसेनियस ग्रुप के साथ किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
गोयल ने फ्रेसेनियस ग्रुप के CEO माइकल सेन से भारत के बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, किफायती चिकित्सा समाधानों की माँग और विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाकर सहयोग विस्तार पर बात की। यह भी चर्चा हुई कि कंपनी अपने कुशल कर्मचारियों और उत्पादन क्षमता से घरेलू व वैश्विक बाज़ारों को किस प्रकार सेवाएँ दे सकती है।
DGAP इंडिया सेंटर क्या है और इसका महत्व क्या है?
DGAP इंडिया सेंटर जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस द्वारा स्थापित एक संस्था है जो भारत-जर्मनी संबंधों पर केंद्रित नीति-अनुसंधान और संवाद को बढ़ावा देगी। इसके उद्घाटन में गोयल और जर्मनी की आर्थिक मामलों व ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे दोनों की उपस्थिति इस केंद्र को उच्च राजनीतिक स्तर पर मान्यता देती है।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते का इस दौरे से क्या संबंध है?
गोयल ने बर्लिन में अपने संबोधनों में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को और गति देने वाला बताया। उनके अनुसार दोनों पक्षों की पूरक ताकतें और यह संभावित FTA मिलकर एक मज़बूत वैश्विक वैल्यू चेन के निर्माण का आधार बन सकते हैं।
नॉफ ग्रुप और बेयर के साथ किन क्षेत्रों में सहयोग पर विचार हुआ?
नॉफ ग्रुप के साथ भारत में टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढाँचा विकास के क्षेत्र में विनिर्माण विस्तार पर चर्चा हुई, जिसे भारत के तेज़ शहरीकरण के अनुरूप माना जा रहा है। बेयर फार्मास्यूटिकल्स के साथ भारत में निवेश, नवाचार और विस्तार योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
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