भारत-EU व्यापार और पोलैंड की साझेदारी: मंत्री डोमान्स्की बोले — 'भारत ग्लोबल लीडर, स्थिर रिश्ते बनाना चाहते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने 1 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि पोलैंड, भारत को एक वैश्विक आर्थिक नेता और दीर्घकालिक स्थिर कारोबारी संबंध बनाने के लिए सबसे अहम साझेदारों में से एक मानता है। उन्होंने भारत की तीव्र जीडीपी वृद्धि और लोकतांत्रिक व्यवस्था को पोलैंड के साथ गहरे आर्थिक जुड़ाव का आधार बताया।
डोमान्स्की का भारत को लेकर नज़रिया
मंत्री डोमान्स्की ने भारत के बारे में कहा, 'हम भारत को एक ग्लोबल लीडर के तौर पर देखते हैं। हम भारत को बहुत महत्वाकांक्षी लोगों का देश मानते हैं, बिल्कुल पोलैंड के लोगों की तरह।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत न केवल दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, बल्कि उसकी जीडीपी वृद्धि दर भी उल्लेखनीय रूप से तेज़ है।
डोमान्स्की ने लोकतांत्रिक मूल्यों को कारोबारी रिश्तों से सीधे जोड़ा। उनके अनुसार, 'लोकतांत्रिक देशों के साथ व्यापार करना अक्सर आसान होता है' — और यह तथ्य भारत को पोलैंड के लिए एक स्वाभाविक साझेदार बनाता है।
स्थिरता और भरोसे पर ज़ोर
मंत्री ने वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अस्थिरता का संदर्भ देते हुए कहा, 'हम जानते हैं कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहाँ कई बार फैसले बार-बार बदलते हैं। हम अलग तरीके से काम करना चाहते हैं। हम भारत जैसे साझेदारों के साथ मजबूत और स्थिर व्यापारिक रिश्ते बनाना चाहते हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ पुनर्गठन के दौर से गुज़र रही हैं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण यूरोपीय देश अपने व्यापारिक गठजोड़ों की समीक्षा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पोलैंड इस समय यूरोपीय संघ (EU) की परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जिससे भारत-EU संबंधों को लेकर उसकी आवाज़ का विशेष कूटनीतिक महत्व है।
भारत-EU व्यापार संबंध और संभावनाएँ
डोमान्स्की ने स्वीकार किया कि भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुँचा है। उन्होंने कहा, 'हमारे देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को बेहतर बनाने की काफी संभावनाएँ हैं।' साथ ही उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत और EU के बीच सहमति बनाने में कामयाबी मिली है, किंतु जोड़ा कि व्यापार विस्तार की ज़िम्मेदारी प्रत्येक सदस्य देश की भी है।
उन्होंने भविष्य को लेकर आशावादी रुख अपनाते हुए कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि पोलैंड, यूरोपीय संघ और भारत आज के मुकाबले कहीं ज्यादा करीबी व्यापारिक सहयोगी और साझेदार बनेंगे।'
जी20 में भारत की भूमिका
जी20 के संदर्भ में मंत्री डोमान्स्की ने भारत को एक अपरिहार्य आर्थिक शक्ति के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार भारत की तेज़ जीडीपी वृद्धि उसे वैश्विक आर्थिक चर्चाओं में एक निर्णायक भूमिका में खड़ा करती है। यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब भारत G20 के भीतर विकासशील देशों की आवाज़ के रूप में अपनी पहचान को और सुदृढ़ कर रहा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार पोलैंड के इस रुख से संकेत मिलता है कि EU के भीतर भी भारत के साथ व्यापार वार्ता को गति देने के लिए समर्थन बढ़ रहा है। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कई वर्षों से जारी है और इस तरह के राजनयिक समर्थन उसे आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।