जी20 व्यापार बैठक: मिलवॉकी में पीयूष गोयल, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अहम वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 30 सितंबर 2026 को मिलवॉकी, अमेरिका में आयोजित दो दिवसीय जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बैठक से एक दिन पहले होटल लॉबी में गोयल को अन्य देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ अनौपचारिक और सहज बातचीत करते देखा गया, जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं।
बैठक का एजेंडा और वैश्विक संदर्भ
इस मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर कर रहे हैं। बैठक में वैश्विक व्यापार के भविष्य, सप्लाई चेन, अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को संचालित करने वाले नियमों पर विचार-विमर्श होगा। विशेष रूप से मोस्ट-फेवर्ड-नेशन (MFN) सिद्धांत को एजेंडे में प्रमुखता दी गई है, जिसके तहत विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य एक-दूसरे को तुलनीय टैरिफ सुविधा देते हैं।
यह बैठक ऐसे नाज़ुक समय में हो रही है जब टैरिफ विवाद, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लेकर चिंताएँ और WTO नियमों पर मतभेद प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।
भारत का रुख और प्राथमिकताएँ
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत इन चर्चाओं में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बनाए रखने और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के हितों की रक्षा के पक्ष में दृढ़ता से खड़ा है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत 'WTO को केंद्र में रखते हुए नियम-आधारित, खुली, समावेशी, पारदर्शी, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली' के लिए काम करेगा और विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि यह रुख उस संदर्भ में महत्वपूर्ण हो जाता है जब वाशिंगटन जी20 सदस्य देशों पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के संचालन में बड़े बदलाव लाने के लिए दबाव बना रहा है।
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता
पीयूष गोयल मिलवॉकी में मंत्रिस्तरीय बैठक के इतर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, जिनमें अमेरिका के साथ वार्ता विशेष रूप से अहम मानी जा रही है। नई दिल्ली और वाशिंगटन फ़िलहाल एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम व्यापार करार को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत जारी रखे हुए हैं।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध नई ऊँचाई की ओर बढ़ने के साथ-साथ टैरिफ और बाज़ार पहुँच के मुद्दों पर जटिलताओं से भी गुज़र रहे हैं।
अमेरिका की प्राथमिकताएँ
ग्रीर ने बैठक की घोषणा करते हुए कहा था कि ट्रंप प्रशासन जी20 साझेदारों के साथ मिलकर 'निष्पक्ष, पारस्परिक और संतुलित व्यापार पर आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था' स्थापित करने के लिए काम करना चाहता है। आलोचकों का कहना है कि यह भाषा मौजूदा WTO ढाँचे को कमज़ोर करने की संभावित कोशिश का संकेत देती है।
आगे क्या होगा
दो दिवसीय बैठक के समापन पर साझा घोषणापत्र की उम्मीद है, हालाँकि टैरिफ और WTO नियमों पर गहरे मतभेदों के चलते सर्वसम्मति बनना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के परिणाम पर अगले कुछ हफ्तों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।