भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे: पीयूष गोयल, मिलवॉकी G20 बैठक पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चल रही वार्ता 'तेज़ी से और अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है।' हालाँकि, गोयल ने वार्ता के विस्तृत ब्यौरे साझा करने से परहेज़ किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले एक व्यापक प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें भारत जैसे रूसी तेल खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।
मुख्य घटनाक्रम
गोयल ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि भारत पहले नए अमेरिकी कानून के प्रावधानों का गहन अध्ययन करेगा और 'उचित समय पर' इस मसले पर अपनी स्थिति रखेगा। उन्होंने कहा, 'विवरण अब सामने आ रहे हैं। हम उनका अध्ययन करेंगे और उचित समय पर इस मामले पर चर्चा करेंगे।' गौरतलब है कि नया अमेरिकी कानून 100 प्रतिशत टैरिफ को स्वचालित शुल्क नहीं बनाता, बल्कि यह अधिकतम सीमा है जो ट्रंप प्रशासन लागू करने का अधिकार रखता है।
रूस-तेल विवाद की पृष्ठभूमि
रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले शीर्ष दो देशों में चीन और भारत शामिल हैं। नए अमेरिकी कानून के तहत ट्रंप प्रशासन को रूसी तेल और गैस के शीर्ष पाँच खरीदार देशों पर व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार मिला है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने रूसी तेल पर निर्भरता बढ़ाई है और एक साथ अमेरिका के साथ एक महत्त्वाकांक्षी व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखी है — एक ऐसी कूटनीतिक कड़ी, जिसे संतुलित करना दिल्ली के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
G20 व्यापार बैठक में द्विपक्षीय वार्ता की उम्मीद
उम्मीद है कि गोयल इस महीने के अंत में मिलवॉकी में होने वाली G20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों देश इस समझौते पर लगातार संपर्क में हैं और यह बैठक वार्ता को नई गति दे सकती है।
भारत के व्यापार आँकड़े — अगस्त में सुधार
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, भारत का वस्तु व्यापार घाटा अगस्त 2026 में घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष इसी महीने 27.20 अरब डॉलर था। यह पहली बार हुआ जब निर्यात वृद्धि दर, आयात वृद्धि दर से अधिक रही। अगस्त में वस्तु निर्यात 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.18 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 72.67 अरब डॉलर रहा। मासिक आधार पर भी अगस्त का व्यापार घाटा जुलाई के करीब 32 अरब डॉलर के मुकाबले कम रहा — जो सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या होगा
मिलवॉकी G20 बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की अगली परीक्षा होगी। एक तरफ नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के तहत रूसी तेल को लेकर संभावित दबाव है, वहीं दूसरी तरफ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की संभावनाएँ हैं। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और व्यापारिक हित — दोनों की परीक्षा आने वाले हफ्तों में होगी।