म्यांमार नेता आंग सान सू की जेल से रिहा, नजरबंदी में भेजी गईं; सैन्य शासन की 'उदारता' पर सवाल
म्यांमार की लोकतांत्रिक नेता आंग सान सू की को 1 मई 2026 को नै पि ताव जेल से रिहा कर नजरबंदी (हाउस अरेस्ट) में भेज दिया गया है। म्यांमार के सूचना मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बाकी सजा को नजरबंदी में बदलने का आदेश दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सैन्य नेता मिन आंग ह्लाइंग को हाल ही में देश का राष्ट्रपति चुना गया है और जुंटा अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने की कोशिश में है।
रिहाई का पूरा घटनाक्रम
80 वर्षीय और शारीरिक रूप से कमजोर सू की पर सैन्य शासन के दौरान वॉकी-टॉकी रखने जैसे मामूली आरोपों से लेकर देशद्रोह और भ्रष्टाचार तक के गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्हें कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में घटाकर 22 साल 6 महीने किया गया। अब इस सजा को नजरबंदी में बदल दिया गया है। सूचना मंत्रालय ने इस फैसले को