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नफरत और हिंसा का कोई स्थान नहीं, साहस की होती है हमेशा जीत: प्रियंका गांधी ने ईरान की प्रशंसा की

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नफरत और हिंसा का कोई स्थान नहीं, साहस की होती है हमेशा जीत: प्रियंका गांधी ने ईरान की प्रशंसा की

सारांश

प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद ईरानी नागरिकों की प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नफरत और हिंसा कभी नहीं जीतते, बल्कि साहस की हमेशा जीत होती है। इस मौके पर जयराम रमेश ने भी पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

नफरत और हिंसा का कोई स्थान नहीं है।
साहस हमेशा जीतता है।
ईरान के नागरिकों की प्रशंसा की गई।
जयराम रमेश ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के पश्चात, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ईरान के नागरिकों की सराहना की और कहा कि नफरत, गुस्सा, हिंसा और अन्याय कभी भी विजयी नहीं होते, साहस हमेशा जीतता है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ईरानी पुरुषों और महिलाओं ने अपने देश के संसाधनों के चारों ओर एक मानव श्रृंखला बनाई, जबकि पश्चिमी ताकतों ने घृणित भाषा का उपयोग करते हुए एक सभ्यता के अंत की घोषणा की। पूरी दुनिया देख रही है और समझ रही है कि कैसे पश्चिम की नैतिकता का मुखौटा उतर रहा है। नफरत, गुस्सा, हिंसा और अन्याय कभी नहीं जीतते। साहस हमेशा जीतता है।"

इसी बीच, कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक पोस्ट में लिखा, "पूरी दुनिया पश्चिम एशिया के इस संघर्ष में, जिसमें अमेरिका और इजरायल एक ओर हैं और ईरान दूसरी ओर, लागू हुए दो सप्ताह के संघर्षविराम का स्वागत करेगी। यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के शासन के शीर्ष नेतृत्व की लक्षित हत्या के साथ शुरू हुआ।"

जयराम रमेश ने संघर्षविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने के कारण पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति सफल नहीं रही है। यह तथ्य कि एक दिवालिया अर्थव्यवस्था, जो पूरी तरह बाहरी सहायता पर निर्भर है, ने ऐसी भूमिका निभाई है, यह पीएम मोदी की कूटनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े करता है।"

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "उन्होंने या उनकी टीम ने कभी यह नहीं बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को 10 मई 2025 को अचानक क्यों रोका गया। विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को दलाल कहकर खारिज किया था। लेकिन अब स्वयंभू विश्वगुरु पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं। उनकी कायरता न केवल इजरायल की आक्रामकता पर बल्कि व्हाइट हाउस में बैठे उनके करीबी मित्र की ओर से उपयोग की जा रही भाषा पर भी स्पष्ट है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस समय की जरूरत को भी दर्शाती है जब दुनिया में हिंसा और नफरत बढ़ रही है। प्रियंका गांधी का यह बयान साहस और मानवता की जीत का प्रतीक है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी का ईरान के बारे में क्या कहना है?
प्रियंका गांधी ने ईरान के नागरिकों की साहसिकता की प्रशंसा की और कहा कि नफरत और हिंसा कभी नहीं जीतते।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
जयराम रमेश ने संघर्षविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए और इसे पीएम मोदी की कूटनीतिक रणनीति पर गंभीर सवालों के रूप में पेश किया।
राष्ट्र प्रेस
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