उत्तर कोरिया का लाउडस्पीकर अभियान: दक्षिण कोरिया ने प्योंगयांग से तत्काल रोकने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोरिया से आग्रह किया कि वह सीमा पर लाउडस्पीकर प्रचार अभियान तत्काल बंद करे, क्योंकि इससे मिलिट्री डिमार्केशन लाइन (MDL) के निकट सशस्त्र टकराव का खतरा बढ़ सकता है। यह मांग तब आई जब एक दिन पहले बुधवार को प्योंगयांग ने घोषणा की कि वह सोल के विरुद्ध सीमावर्ती लाउडस्पीकरों से मनोवैज्ञानिक युद्ध प्रसारण फिर से शुरू करेगा।
किम यो जोंग की चेतावनी और प्योंगयांग की घोषणा
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि अक्टूबर के अंत तक पूरी सीमा पर मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए लाउडस्पीकर चालू कर दिए जाएंगे। उन्होंने दक्षिण कोरियाई सेना पर सीमा क्षेत्र में उकसावे वाली कार्रवाइयाँ करने का आरोप लगाया और कहा कि उत्तर कोरियाई सैन्य इकाइयाँ सीमा पर नए ठिकानों पर तैनात हो रही हैं।
किम यो जोंग के बयान के अनुसार, यह प्रसारण दक्षिण कोरिया की कार्रवाइयों के प्रत्युत्तर में शुरू किया जाएगा — एक ऐसा तर्क जिसे सोल ने सिरे से खारिज किया है।
एकीकरण मंत्रालय की प्रतिक्रिया
एकीकरण मंत्रालय ने कहा, 'ऐसे कदम जो युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हैं और एमडीएल के पास तनाव तथा झड़पों का खतरा बढ़ाते हैं, उन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।' मंत्रालय ने उस समझौते का हवाला दिया जिसने 1950-53 के कोरियाई युद्ध को विराम दिया था।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि तनाव का स्थायी समाधान तभी संभव है जब दोनों देश एमडीएल को लेकर अपने रुख में तालमेल बिठाएँ और सीमा के शांतिपूर्ण प्रबंधन के लिए जल्द से जल्द एक संचार प्रणाली स्थापित करें। साथ ही प्योंगयांग से आग्रह किया गया कि वह सोल को धमकाना बंद करे और मुद्दों के प्रभावी समाधान की दिशा में काम करे।
पृष्ठभूमि: लाउडस्पीकर विवाद का इतिहास
दोनों कोरिया दशकों से सीमा पर लाउडस्पीकरों का उपयोग एक-दूसरे के विरुद्ध प्रचार और मनोवैज्ञानिक दबाव के लिए करते रहे हैं। दक्षिण कोरिया इन प्रसारणों के ज़रिए पॉप संगीत, समाचार और उत्तर कोरियाई शासन की आलोचनात्मक सामग्री प्रसारित करता रहा है, जबकि उत्तर कोरिया प्रचार संदेशों और तेज़ आवाज़ वाले कार्यक्रमों से जवाब देता रहा है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया ने जून 2025 में उत्तर कोरिया के खिलाफ अपने लाउडस्पीकर प्रसारण बंद कर दिए थे और इसके बाद उत्तर कोरिया ने भी अपने प्रसारण रोकने की दिशा में कदम उठाए थे। दोनों पक्षों ने माना था कि जून 2025 तक चले इस अभियान से सीमा के दोनों ओर के निवासियों को 'असहनीय पीड़ा' झेलनी पड़ी थी।
बढ़ते तनाव की ताज़ा घटनाएँ
अप्रैल 2024 से उत्तर कोरिया ने अपनी दक्षिणी सीमा को मज़बूत करने के प्रयास तेज़ किए हैं। इसी दौरान किम जोंग उन ने दोनों देशों के संबंधों को 'एक-दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण दो राज्यों' के रूप में परिभाषित किया।
सीमा-निर्माण कार्य के दौरान उत्तर कोरियाई सैनिक कई बार एमडीएल पार कर गए, जिसके जवाब में दक्षिण कोरियाई सेना ने चेतावनी देते हुए सतर्कता के तौर पर गोलियाँ भी चलाईं। सोल ने इन कदमों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया।
हाल के तनाव की सबसे बड़ी घटना 21 सितंबर को हुई, जब सीमा क्षेत्र में विस्फोटों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए। सोल ने आरोप लगाया कि ये बारूदी सुरंगें उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई थीं और प्योंगयांग से माफी तथा सुरंगें हटाने की माँग की। उत्तर कोरिया ने इन आरोपों को खारिज किया है।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग की शांति कोशिशों को झटका
इस घटनाक्रम को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की तनाव कम करने की रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि उत्तर कोरिया संभवतः एमडीएल की अपनी ही अलग व्याख्या का उपयोग कर रहा है। सोल ने सैन्य बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्योंगयांग की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर पहले से ही परमाणु तनाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है। आने वाले दिनों में प्योंगयांग का अगला कदम और सोल की प्रतिक्रिया इस क्षेत्रीय समीकरण को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है।