छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे ने जुलाई 2025 में 21.62 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं, 26.49 लाख टन माल परिवहन
सारांश
मुख्य बातें
छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे ने 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच ग्रीष्मकालीन यात्रा सीजन में 21 लाख 62 हजार से अधिक यात्रियों को सेवाएं प्रदान कीं। चाइना रेलवे छिंगहाई-शीत्सांग समूह के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में रेलवे ने 26 लाख 49 हजार टन से अधिक माल का परिवहन भी किया, जो यात्री और माल — दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
यात्री आवागमन का स्वरूप
इस गर्मी के मौसम में छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे पर यात्रियों की संख्या लगातार ऊंची बनी रही। यात्राओं में छात्रों की घर वापसी, रिश्तेदारों से मिलने, पठारी क्षेत्रों में पर्यटन और गर्मी से राहत पाने के उद्देश्य से की गई यात्राएं प्रमुख रहीं।
बढ़ती माँग को देखते हुए रेलवे समूह ने यात्री आवागमन के पैटर्न का विश्लेषण कर परिवहन क्षमता को अनुकूलित किया। नियमित ट्रेनों को पूरी क्षमता पर संचालित करने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त विशेष ट्रेनें भी चलाई गईं।
माल परिवहन में विशेष प्रबंध
यात्री सेवाओं के साथ-साथ रेलवे ने कोयला, तेल, निर्माण सामग्री, अनाज और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं के त्वरित परिवहन के लिए विशेष ग्रीन चैनल उपलब्ध कराए। बिजली संयंत्रों, तेल डिपो, रासायनिक कारखानों और इस्पात संयंत्रों से जुड़ी विशेष रेलवे लाइनों का प्रभावी उपयोग कर क्षेत्र की गर्मियों की माँग और प्रमुख परियोजनाओं को समर्थन दिया गया।
थ्येनलु एक्सप्रेस और स्थानीय उत्पादों का विस्तार
थ्येनलु एक्सप्रेस अंतर-शहर मालगाड़ी सेवाओं के संचालन को और बेहतर बनाया गया। इससे तिब्बती खनिज जल और अन्य स्थानीय खनिज उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने में सहूलियत मिली है, जो क्षेत्रीय उत्पादों के बाज़ार विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आधुनिक लॉजिस्टिक्स और दक्षता सुधार
रेलवे नेटवर्क की क्षमता का उपयोग करते हुए कंपनी ने 95,306 प्लेटफॉर्म के माध्यम से मल्टी-मॉडल परिवहन हेतु एकल-आदेश प्रणाली और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेवाओं को प्रोत्साहित किया। इससे उद्यमों की परिवहन लागत में कमी और माल ढुलाई की दक्षता में वृद्धि दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन के पठारी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में रेलवे के प्रदर्शन पर नज़र रखना यह समझने के लिए ज़रूरी होगा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी किस दिशा में जा रही है।