राजनाथ सिंह ने दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात, क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 अक्टूबर 2026 को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की बैठक के इतर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी बैठक का ब्यौरा देते हुए लिखा, 'एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ सार्थक चर्चा हुई। हमने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत SCO के 25वें शासनाध्यक्ष परिषद (CHG) सम्मेलन में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है, जो 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होनी है।
SCO बैठक का एजेंडा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, SCO की इस बैठक में सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने पर ध्यान केंद्रित रहेगा — विशेष रूप से व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क, नवाचार और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान के क्षेत्रों में। इसके अलावा, अब तक चल रही सहयोगी पहलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और संगठन के वित्तीय एवं संस्थागत कामकाज से जुड़े अहम निर्णयों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछली शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक 18 नवंबर 2025 को मॉस्को में हुई थी, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया था।
भारत की दुशांबे यात्रा का संदर्भ
राजनाथ सिंह 19-20 अक्टूबर 2026 की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर दुशांबे पहुँचे हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने एक्स पर लिखा था, 'नई दिल्ली से दुशांबे के लिए रवाना हो रहा हूं। एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक वित्तीय और संस्थागत कामकाज में प्रगति की समीक्षा के अलावा संस्कृति, संपर्क, अर्थव्यवस्था, नवाचार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।'
SCO में भारत की भूमिका
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत विभिन्न SCO तंत्रों में सक्रिय रूप से शामिल है और स्टार्टअप व नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा लोगों के बीच संवाद जैसे क्षेत्रों में पहलों के ज़रिये क्षेत्रीय सहयोग में अपना योगदान जारी रखे हुए है। मंत्रालय ने इस बैठक को भारत के लिए SCO के भीतर व्यावहारिक और आपसी लाभकारी सहयोग आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
आगे की राह
भारत-ताजिकिस्तान के बीच यह रक्षा वार्ता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गहराई देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। 20 अक्टूबर को होने वाली CHG की 25वीं बैठक में SCO सदस्य देशों के बीच समन्वय और सहयोग की नई रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है।