20 अक्टूबर 2026
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राजनाथ सिंह ने दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से की सैन्य सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता, SCO बैठक जारी

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राजनाथ सिंह ने दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से की सैन्य सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता, SCO बैठक जारी

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दुशांबे में SCO बैठक के मौके पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से मिले और सैन्य प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण पर ज़ोर दिया — यह मध्य एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता का संकेत है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 20 अक्टूबर 2026 को दुशांबे, ताजिकिस्तान में SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उन्होंने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर वार्ता की।
वार्ता में क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया।
SCO बैठक का एजेंडा व्यापार, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक मानवीय आदान प्रदान को बढ़ाने पर केंद्रित है।
राजनाथ सिंह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान में हैं; दुशांबे हवाई अड्डे पर ताजिक रक्षा मंत्री ने उनका स्वागत किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान अपने ताजिक समकक्ष कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय रक्षा वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत और ताजिकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को नई दिशा देने के साथ साथ क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।

एससीओ की बैठक का एजेंडा

दुशांबे में आयोजित SCO शासनाध्यक्ष परिषद की इस बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान प्रदान को बढ़ावा देने पर विस्तृत संवाद हो रहा है। साथ ही, संगठन के भीतर चल रही सहयोग संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा और वित्तीय एवं संस्थागत व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी विचार विमर्श निर्धारित है।

भारत इस बहुपक्षीय मंच के ज़रिए अन्य सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।

राजनाथ सिंह की ताजिक समकक्ष से मुलाकात

बैठक से इतर राजनाथ सिंह ने कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा के साथ द्विपक्षीय रक्षा मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस वार्ता में क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में रहे, जिन्हें दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नया आयाम देने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "शंघाई सहयोग संगठन के शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ उपयोगी चर्चा हुई। हमने आपसी हितों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान प्रदान किया। इसमें क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।"

दुशांबे पहुँचे राजनाथ, भव्य स्वागत

राजनाथ सिंह सोमवार रात दुशांबे पहुँचे, जहाँ हवाई अड्डे पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा ने उनका स्वागत किया। ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एशिया प्रशांत विभाग के प्रमुख शेराली जोनोन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। राजनाथ सिंह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भारत ताजिकिस्तान रक्षा संबंधों का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को विस्तार देने पर नई दिल्ली का ज़ोर लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि SCO उन प्रमुख बहुपक्षीय मंचों में से एक है जहाँ भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान जैसे देश एक साथ बातचीत करते हैं — जो इसे राजनयिक रूप से संवेदनशील किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण मंच बनाता है।

राजनाथ सिंह की ताजिकिस्तान यात्रा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर दिया गया जोर दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र में सिर्फ कूटनीतिक संवाद से आगे बढ़कर व्यावहारिक रक्षा साझेदारी की दिशा में काम कर रहा है।

आगे क्या होगा

20 अक्टूबर को SCO बैठक में राजनाथ सिंह सदस्य देशों के समक्ष भारत का पक्ष रखेंगे। बहुपक्षीय सहयोग की इस कवायद से क्षेत्र में भारत की भूमिका और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ SCO अब केवल राजनयिक औपचारिकता नहीं, बल्कि सैन्य साझेदारी का मंच बन रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि SCO में चीन और पाकिस्तान भी सदस्य हैं, जिससे भारत की हर द्विपक्षीय बातचीत बहुस्तरीय संतुलन का हिस्सा बन जाती है। क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण पर बल देना भारत की उस दीर्घकालिक नीति को दर्शाता है, जिसमें वह मध्य एशियाई देशों को अपनी रक्षा निर्यात और प्रशिक्षण क्षमता का भागीदार बनाना चाहता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
SCO (शंघाई सहयोग संगठन) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग पर विचार विमर्श का प्रमुख मंच है। 20 अक्टूबर 2026 को दुशांबे में आयोजित इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान में किससे मुलाकात की और क्या चर्चा हुई?
राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने, क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तृत विचार विमर्श किया।
इस SCO बैठक में किन विषयों पर चर्चा हो रही है?
दुशांबे में आयोजित इस SCO बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार तथा सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान प्रदान प्रमुख एजेंडा में हैं। इसके अतिरिक्त, संगठन के तहत जारी सहयोग पहलों की प्रगति समीक्षा और वित्तीय संस्थागत मुद्दों पर भी विचार होना है।
राजनाथ सिंह की ताजिकिस्तान यात्रा कितने दिनों की है?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान गए हैं। वे सोमवार रात दुशांबे पहुँचे, जहाँ हवाई अड्डे पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री ने उनका स्वागत किया।
भारत और ताजिकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग में क्या नया है?
इस यात्रा के दौरान क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण को रक्षा सहयोग का केंद्रबिंदु बनाया गया है। यह मध्य एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता को दर्शाता है, जहाँ भारत व्यावहारिक रक्षा साझेदारी के नए अवसर तलाश रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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