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राजनाथ सिंह दुशांबे पहुंचे, SCO शासनाध्यक्ष परिषद में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व

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राजनाथ सिंह दुशांबे पहुंचे, SCO शासनाध्यक्ष परिषद में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दुशांबे में SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। व्यापार, निवेश, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और क्षेत्रीय सहयोग पर केंद्रित यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति का अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 अक्टूबर 2026 को दुशांबे, ताजिकिस्तान पहुंचे।
वे 19-20 अक्टूबर को SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैठक के मुख्य विषय: व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान।
संगठन की वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत कामकाज से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल।
भारत SCO मंचों पर स्टार्टअप, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और जन-संपर्क पहलों में सक्रिय योगदान दे रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की शाम ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंचे, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा 19-20 अक्टूबर तक चलेगी, जिसका केंद्रीय उद्देश्य SCO सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देना है।

बैठक का एजेंडा और मुख्य विषय

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दुशांबे में हो रही इस बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार तथा सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान जैसे प्रमुख विषयों पर संवाद होगा। इसके साथ ही, संगठन के भीतर पहले से चल रही सहयोग संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। संगठन की वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत कामकाज से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।

भारत की भूमिका और रुख

राजनाथ सिंह इस मंच पर SCO सदस्य देशों के बीच आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भारत का पक्ष प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि भारत SCO के विभिन्न मंचों पर सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाता रहा है। स्टार्टअप, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने जैसी पहलों में भारत का योगदान उल्लेखनीय रहा है।

यात्रा की पृष्ठभूमि

रक्षा मंत्री सोमवार सुबह नई दिल्ली से दुशांबे के लिए रवाना हुए। रवानगी से पहले उन्होंने कहा कि वे इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्साहित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब SCO के भीतर आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, और सदस्य देश साझा हितों के मुद्दों पर एकजुट रुख अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

क्षेत्रीय सहयोग पर असर

दुशांबे की यह बैठक भारत को अन्य SCO सदस्य देशों के साथ विचारों के आदान-प्रदान और व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। साझा हितों के मुद्दों पर आपसी समझ को गहरा करने और क्षेत्रीय साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में इस बैठक से ठोस परिणाम आने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनाथ सिंह की यह यात्रा भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति का हिस्सा है, जो आने वाले महीनों में SCO के ढाँचे के भीतर नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि भारत SCO में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और स्टार्टअप पहलों के ज़रिए एक नरम-शक्ति एजेंडा आगे बढ़ा रहा है, जो चीन और रूस की पारंपरिक प्राथमिकताओं से अलग है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह सगाई व्यावहारिक आर्थिक सहयोग में तब्दील होती है, या यह बड़े भू-राजनीतिक तनावों के बीच कूटनीतिक उपस्थिति बनाए रखने की एक सतर्क कोशिश भर है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह दुशांबे क्यों गए हैं?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19-20 अक्टूबर 2026 को दुशांबे, ताजिकिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने गए हैं। इस दो दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूती देना और सदस्य देशों के साथ संबंध आगे बढ़ाना है।
SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क व्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान प्रमुख एजेंडे में हैं। इसके अलावा सदस्य देश पहले से चल रही सहयोग पहलों की समीक्षा करेंगे और संगठन के वित्तीय व संस्थागत मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
SCO में भारत की क्या भूमिका है?
भारत SCO के विभिन्न मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। स्टार्टअप, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसी पहलों के माध्यम से भारत क्षेत्रीय सहयोग में योगदान देता आया है। दुशांबे बैठक भारत को इसी दिशा में अन्य सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक सहयोग आगे बढ़ाने का अवसर देती है।
SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक कब और कहाँ हो रही है?
यह बैठक 19 और 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित हो रही है। इसमें SCO के सदस्य देशों के शासनाध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
इस बैठक से भारत को क्या फायदा होने की उम्मीद है?
इस बैठक से भारत को SCO सदस्य देशों के साथ आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को नई गति देने का अवसर मिलने की उम्मीद है। साझा हितों पर आपसी समझ बढ़ाने और क्षेत्रीय साझेदारी सुदृढ़ करने की दिशा में इस बैठक के सकारात्मक परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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