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रो खन्ना के चुनावी खाते में $1.69 करोड़, किसी भी भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार से आगे

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रो खन्ना के चुनावी खाते में $1.69 करोड़, किसी भी भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार से आगे

सारांश

FEC की तीसरी तिमाही रिपोर्ट में रो खन्ना का चुनावी खाता $16.94 मिलियन के साथ किसी भी भारतीय-अमेरिकी संघीय उम्मीदवार में सबसे बड़ा साबित हुआ। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी रितेश टंडन के खाते में महज $702 बचे हैं — एक असमान वित्तीय लड़ाई की तस्वीर साफ है।

मुख्य बातें

रो खन्ना के चुनावी खाते में 30 सितंबर 2026 तक 16.94 मिलियन डॉलर नकद — किसी भी भारतीय-अमेरिकी संघीय उम्मीदवार का रिकॉर्ड।
तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 1.48 मिलियन डॉलर जुटाए और 1.47 मिलियन डॉलर खर्च किए।
पूरे चुनावी चक्र में खन्ना ने अब तक 15.4 मिलियन डॉलर जुटाए और 9.3 मिलियन डॉलर व्यय किए।
रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी रितेश टंडन के खाते में केवल 702 डॉलर शेष।
मिशिगन के श्री थानेदार (प्राथमिक हारे हुए) के खाते में 5.94 मिलियन डॉलर लेकिन 14.44 मिलियन डॉलर का कर्ज।
ये आँकड़े FEC में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल हैं, अंतिम जाँच के बाद बदलाव संभव।

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना किसी भी भारतीय-अमेरिकी संघीय उम्मीदवार में सबसे बड़े चुनावी फंड के साथ मैदान में हैं। फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) में दाखिल तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक उनके अभियान खाते में 1.694 करोड़ डॉलर (16.94 मिलियन डॉलर) नकद मौजूद थे। यह आँकड़ा उन्हें अमेरिकी कांग्रेस में भारतीय मूल के सभी प्रतिनिधियों में शीर्ष पर रखता है।

तिमाही का वित्तीय विवरण

कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेट सांसद खन्ना ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच 14.8 लाख डॉलर (1.48 मिलियन डॉलर) जुटाए और लगभग 14.7 लाख डॉलर (1.47 मिलियन डॉलर) खर्च किए। उनकी चुनावी समिति 'रो फॉर कांग्रेस इंक' की रिपोर्ट के अनुसार, यह नकद राशि 30 जून को मौजूद 16.93 मिलियन डॉलर के लगभग बराबर है — यानी तिमाही में संतुलन बना रहा।

पूरे चुनावी चक्र में खन्ना ने अब तक 1.54 करोड़ डॉलर (15.4 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं और 93 लाख डॉलर (9.3 मिलियन डॉलर) व्यय किए हैं। गौरतलब है कि ये आँकड़े इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल किए गए हैं और FEC द्वारा अंतिम जाँच के बाद इनमें मामूली बदलाव संभव है।

रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी की स्थिति

खन्ना के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी रितेश टंडन ने इस तिमाही में महज 14,807 डॉलर ही जुटाए। 30 सितंबर तक उनके खाते में केवल 702 डॉलर बचे थे — खन्ना की तुलना में यह अंतर वित्तीय रूप से बेहद स्पष्ट है।

अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की स्थिति

वाशिंगटन की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने इस तिमाही में 3.49 लाख डॉलर (349,000 डॉलर) जुटाए और उनके पास 17.7 लाख डॉलर (1.77 मिलियन डॉलर) नकद थे। कैलिफोर्निया के सांसद अमी बेरा ने 1.87 लाख डॉलर (187,000 डॉलर) जुटाए और उनके पास 16.5 लाख डॉलर (1.65 मिलियन डॉलर) थे।

वर्जीनिया के सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने 4 लाख डॉलर (400,000 डॉलर) जुटाए और उनके पास 6.47 लाख डॉलर (647,000 डॉलर) मौजूद थे। वहीं, मिशिगन के सांसद श्री थानेदार, जो 4 अगस्त को हुए प्राथमिक चुनाव में हार चुके हैं, के खाते में 59.4 लाख डॉलर (5.94 मिलियन डॉलर) नकद हैं — लेकिन उन पर 1.444 करोड़ डॉलर (14.44 मिलियन डॉलर) का कर्ज भी है।

इलिनोइस में सीनेट की प्राथमिक दौड़ हार चुके राजा कृष्णमूर्ति ने अपनी सीनेट और प्रतिनिधि सभा की समितियों में कुछ मामूली शेष राशि दर्ज कराई है।

जिन उम्मीदवारों ने रिपोर्ट नहीं दाखिल की

एरिजोना के पहले संसदीय जिले से डेमोक्रेट उम्मीदवार अमीश शाह, उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जे फीली, और फ्लोरिडा के 22वें जिले से डेमोक्रेट उम्मीदवार पिया डांडिया ने गुरुवार रात 8:50 बजे तक अपनी तिमाही रिपोर्ट दाखिल नहीं की थी, जबकि अंतिम समयसीमा आधी रात थी। डांडिया के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर ने अपने खाते में 80,000 डॉलर नकद और 40.4 लाख डॉलर (4.04 मिलियन डॉलर) का कर्ज दर्ज कराया।

चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएगा, FEC की रिपोर्टों की यह श्रृंखला भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की राजनीतिक पहुँच और दानदाता आधार की बड़ी तस्वीर पेश करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली कड़ी लड़ाइयाँ — जैसे एरिजोना का पहला जिला — उन उम्मीदवारों की हैं जिन्होंने अभी रिपोर्ट भी दाखिल नहीं की। श्री थानेदार का $5.94 मिलियन नकद होने के बावजूद $14.44 मिलियन कर्ज की स्थिति यह बताती है कि बड़े फंड और वित्तीय स्वास्थ्य में फर्क होता है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार अपनी वित्तीय बढ़त को उन प्रतिस्पर्धी सीटों पर भी बदल पाएंगे जहाँ परिणाम वास्तव में अनिश्चित हैं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रो खन्ना के चुनावी खाते में कितना पैसा है?
FEC में दाखिल तीसरी तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक रो खन्ना के चुनावी अभियान खाते में 16.94 मिलियन डॉलर नकद थे। यह किसी भी भारतीय-अमेरिकी संघीय उम्मीदवार का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी फंड है।
FEC की तीसरी तिमाही रिपोर्ट क्या होती है?
अमेरिका में फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) प्रत्येक चुनावी उम्मीदवार से हर तिमाही में जुटाई और खर्च की गई राशि की रिपोर्ट दाखिल करवाता है। तीसरी तिमाही जुलाई से सितंबर की अवधि को कवर करती है और यह चुनाव से पहले अभियान की वित्तीय ताकत का एक महत्वपूर्ण संकेतक होती है।
रो खन्ना के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी रितेश टंडन की वित्तीय स्थिति कैसी है?
रितेश टंडन ने इस तिमाही में केवल 14,807 डॉलर जुटाए और 30 सितंबर तक उनके खाते में सिर्फ 702 डॉलर बचे थे। खन्ना के 16.94 मिलियन डॉलर की तुलना में यह अंतर अत्यंत व्यापक है।
अन्य भारतीय-अमेरिकी सांसदों की वित्तीय स्थिति क्या है?
प्रमिला जयपाल के पास 1.77 मिलियन डॉलर, अमी बेरा के पास 1.65 मिलियन डॉलर और सुहास सुब्रमण्यम के पास 647,000 डॉलर नकद थे। श्री थानेदार के खाते में 5.94 मिलियन डॉलर हैं, लेकिन उन पर 14.44 मिलियन डॉलर का कर्ज भी है।
क्या ये FEC आँकड़े अंतिम हैं?
ये आँकड़े अभी इलेक्ट्रॉनिक रूप से FEC में दाखिल किए गए हैं। आयोग द्वारा अंतिम जाँच के बाद इनमें मामूली बदलाव संभव है, इसलिए इन्हें प्रारंभिक और आधिकारिक-पूर्व माना जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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