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मार्को रूबियो ने समरकंद में खोला राज़: ट्रंप ने क्यों रूस पर प्रतिबंध 60 दिन टाले

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मार्को रूबियो ने समरकंद में खोला राज़: ट्रंप ने क्यों रूस पर प्रतिबंध 60 दिन टाले

सारांश

समरकंद में रूबियो का बयान महज़ एक व्यापारिक यात्रा की औपचारिकता नहीं था — उन्होंने एक साथ दो बड़े संदेश दिए: रूस पर 60 दिन की मोहलत युद्धविराम की आखिरी कोशिश है, और मध्य एशिया में अमेरिकी कारोबार की वापसी नई भू आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 19 अक्टूबर 2026 को समरकंद, उज्बेकिस्तान में बयान दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध 60 दिनों के लिए इसलिए टाले ताकि युद्धविराम वार्ता को परखा जा सके।
रूबियो ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध में हर महीने करीब 25,000 लोग मारे जा रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग 300 अमेरिकी कारोबारी कंपनियाँ उज्बेकिस्तान दौरे पर आईं।
रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी देश को अन्य देशों से संबंध तोड़ने के लिए नहीं कह रहा, बल्कि निष्पक्ष बाज़ार पहुँच चाहता है।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 19 अक्टूबर 2026 को उज्बेकिस्तान के समरकंद स्थित ऐतिहासिक रेगिस्तान चौक में दिए बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए इसलिए टाला है, ताकि रूस यूक्रेन युद्ध विराम की दिशा में चल रही बातचीत को परखा जा सके। रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका दुनिया के हर उस बाज़ार में अपनी कंपनियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना चाहता है जो अमेरिकी कारोबार के लिए खुले हों।

समरकंद में रूबियो का संदेश

रूबियो ने कहा, "अमेरिका और उसकी कंपनियाँ दुनिया भर में अपने उत्पादों और सेवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि उन्हें निष्पक्ष अवसर मिले।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य किसी देश को किसी अन्य देश से संबंध तोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं है, बल्कि उन बाज़ारों में अमेरिकी कंपनियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना है जो विस्तार की राह पर हैं।

इस दौरे में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग 300 अमेरिकी कारोबारी कंपनियाँ भी आई हैं, जो उज्बेकिस्तान के साथ व्यापारिक संभावनाओं की तलाश में हैं।

उज्बेकिस्तान की आर्थिक तरक्की को सराहा

रूबियो ने उज्बेकिस्तान की पिछले एक दशक की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि देश ने विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने जोड़ा कि उज्बेकिस्तान ने सभी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब मध्य एशिया में अमेरिकी आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं, और चीन तथा रूस दोनों इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत करने में लगे हैं।

60 दिन के प्रतिबंध स्थगन की वजह

रूबियो ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के साथ चल रही बातचीत से कोई सकारात्मक परिणाम निकलता है या नहीं। उन्होंने कहा, "इस पहल का उद्देश्य युद्ध और संघर्ष के एक और विनाशकारी वर्ष को टालने की संभावनाओं को तलाशना है। अमेरिका चाहता है कि बातचीत के ज़रिए ऐसा रास्ता निकले, जिससे दोनों देशों के बीच जारी युद्ध समाप्त हो सके।"

गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी कहा था कि यदि वे उस समय राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता।

रूस यूक्रेन युद्ध पर अमेरिकी चिंता

रूबियो ने युद्ध की भयावहता को रेखांकित करते हुए कहा, "इस युद्ध में कोई नहीं जीत रहा। हर दिन लोग मारे जा रहे हैं और हर दिन तबाही हो रही है।" उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप इस संघर्ष में हर महीने करीब 25,000 लोगों के मारे जाने का बार बार उल्लेख करते हैं।

रूबियो ने स्वीकार किया कि पिछले लगभग दो वर्षों में युद्ध समाप्त कराने के लगातार प्रयास किए गए हैं, लेकिन अपेक्षित प्रगति अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन प्रयासों में कोई कमी नहीं रही।

आगे क्या होगा

60 दिनों की यह अवधि कूटनीतिक दृष्टि से निर्णायक मानी जा रही है। यदि बातचीत से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, तो अमेरिका की ओर से रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की संभावना बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समयसीमा वास्तव में मास्को पर कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अभी स्पष्ट नहीं। लेकिन मध्य एशिया में 300 अमेरिकी कंपनियों का एक साथ पहुँचना बताता है कि वाशिंगटन इस क्षेत्र को चीन और रूस के आर्थिक प्रभाव के काउंटर के रूप में देख रहा है। युद्ध में हर महीने 25,000 मौतों का आँकड़ा दोहराना नैतिक दबाव का हथियार है, पर दो वर्षों में 'अपेक्षित प्रगति न होने' का स्वीकारोक्ति यह भी बताती है कि ट्रंप प्रशासन की शांति कूटनीति अब तक अपने वादे पर खरी नहीं उतरी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध 60 दिनों के लिए क्यों टाले?
राष्ट्रपति ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के साथ चल रही शांति वार्ता से कोई सकारात्मक परिणाम निकलता है या नहीं। रूबियो के अनुसार, इसका उद्देश्य युद्ध के एक और विनाशकारी वर्ष को टालने की संभावना तलाशना है।
मार्को रूबियो उज्बेकिस्तान क्यों गए?
रूबियो उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने गए। उनके साथ लगभग 300 अमेरिकी कारोबारी कंपनियाँ भी थीं जो उज्बेकिस्तान में निवेश संभावनाओं की पड़ताल करने पहुँचीं।
रूस यूक्रेन युद्ध में अब तक कितने लोग मारे जा रहे हैं?
रूबियो के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इस संघर्ष में हर महीने करीब 25,000 लोगों के मारे जाने का बार बार उल्लेख करते हैं। रूबियो ने कहा कि इस युद्ध में कोई नहीं जीत रहा और हर दिन तबाही हो रही है।
अमेरिका मध्य एशिया में क्या चाहता है?
रूबियो के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि उसकी कंपनियों को दुनिया के हर उस बाज़ार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का मौका मिले जो अमेरिकी कारोबार के लिए खुल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी देश को अन्य देशों से संबंध तोड़ने के लिए नहीं कह रहा।
60 दिन की मोहलत के बाद क्या होगा?
यदि बातचीत से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, तो रूस पर नए अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने की संभावना बनी रहेगी। यह अवधि कूटनीतिक रूप से निर्णायक मानी जा रही है और इसका परिणाम अमेरिका रूस संबंधों की दिशा तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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